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भारतीय सिनेमा के वो 6 किरदार, जो 2021 में हमारे दिमाग में अटक गए

2021 फिल्मों के लिहाज़ से बहुत उम्दा साल नहीं रहा. बावजूद इसके, कई फिल्में रिलीज़ हुईं. देखी गईं. पसंद की गईं. मगर इन फिल्मों और सीरीज़ के कुछ किरदार ऐसे रहे, जो हमारे जहन में घर कर गए. इन किरदारों के याद रह जाने की वजहें अलग-अलग हो सकती हैं. कोई फनी, कोई प्यारा, कोई एस्पायरिंग, तो कोई अपनी हिंसा की वजह से हमारे दिमाग में अटका रह गया. आज हम बात कर रहे हैं भारतीय सिनेमा के उन 6 किरदारों के बारे में, जिन्हें 2021 हमारे लिए छोड़ गया.


1) भारती मंडल

फिल्मगीली पुच्ची (अजीब दास्तान्स)

भारती एक दलित महिला. वो खुद लेस्बियन के तौर पर आइडेंटिफाई करती है. एक छोटे से शहर की फैक्ट्री में काम करती है. वहां काम करने वाली एक दूसरी महिला से उसे प्रेम हो जाता है. ये कैरेक्टर इसलिए खास है क्योंकि ये इंडियन सोसाइटी में फैली कास्ट पॉलिटिक्स और होमोफोबिया दोनों के खिलाफ लड़ रहा है. भीतर से भरी हुई होने के बावजूद वो चीज़ों को कितने स्ट्रेट फॉरवर्ड तरीके से देखती है. वो प्यार के लिए क्रेव करती है. कोंकणा सेन शर्मा इस किरदार को कुछ ऐसा बना देती हैं कि उनके आते ही स्क्रीन लाइट अप हो जाती है. ये कैरेक्टर आपको इसलिए याद रह जाता है क्योंकि बहुत सिंपल है मगर रेगुलर से हटके है. अलग पर्सपेक्टिव के साथ लिखा हुआ है, इसलिए उसे अलग नज़रिए से ही देखा और समझा जा सकता है.

'अजीब दास्तान्स' के सेग्मेंट 'गीली पुच्ची' का एक सीन. इस फिल्म में कोंकणा सेन शर्मा और अदिति राव हैदरी ने लीड रोल्स किए हैं.
‘अजीब दास्तान्स’ के सेग्मेंट ‘गीली पुच्ची’ का एक सीन. इस फिल्म में कोंकणा सेन शर्मा और अदिति राव हैदरी ने लीड रोल्स किए हैं.

नेटफ्लिक्स पर आई ‘अजीब दास्तान्स’ एक बेहद औसत एंथॉलोजी थी. नीरज घेवान डायरेक्टेड ‘गीली पुच्ची’ ही उसे थोड़ा-बहुत वजन देती है. इस फिल्म में कोंकणा सेन शर्मा और अदिति राव हैदरी ने लीड रोल्स किए हैं.


2) इलिचा वायन/मंडेला

फिल्ममंडेला

तमिलनाडु के एक गांव में लोकल बॉडी का चुनाव होना है. मगर वहां कास्ट के आधार पर जनता दो धड़ों में बंटी हुई है. हिसाब लगाया जाता है कि चुनाव में दोनों पक्षों को कितना वोट मिलेगा. आंकड़ा बराबर निकलता है. यहीं कहानी में एंट्री होती है एक दलित हजाम की, जिसे गांव वाले आउटकास्ट मानते हैं. इस बार्बर को इतने अलग-अलग नामों से बुलाया गया है कि वो अपना असली नाम भूल गया है. दोनों जाति के लोग इसका वोट चाहते हैं. इसके लिए इसे बहलाया-धमकाया जाता है. मगर इस हजाम को कुछ नहीं पता. उसे अच्छा लग रहा है कि उसे लोग सम्मान के साथ ट्रीट कर रहे हैं. इस किरदार के साथ जो कुछ भी हो रहा है, उसके एक वोट के लिए हो रहा है. फिल्म इलिचा वायन या नेल्सन मंडेला नाम के इस किरदार की मदद ये कहना चाहती है कि हर व्यक्ति का वोट ज़रूरी है. लोगों को अपने वोट की कीमत पता होनी चाहिए. मगर उस पॉलिटिकल माहौल में इस किरदार का भोलापन, सम्मान के साथ ट्रीट किए जाने की इच्छा, इनक्लूड किए जाने की खुशी, आपके साथ रह जाती है. मगर इन चक्करों में फिल्म का मैसेज नहीं भूलना है.

मडोन अश्विन डायरेक्टेड फिल्म ‘मंडेला’ में योगी बाबू ने मुख्य भूमिका निभाई है. मगर वो फिल्म के हीरो नहीं हैं. हीरो वो सिचुएशन है, जिसकी वजह से मंडेला लाइम लाइट में आता है. इसलिए भी ये किरदार आपके जहन में रह जाता है.


3) चेल्लम सर

वेब सीरीज़द फैमिली मैन 2

द फैमिली मैन के दूसरे सीज़न में जब भी अपना हीरो किसी दिक्कत में फंसता है, वो चेल्लम सर को याद करता है. चेल्लम एक रिटायर्ड स्पाई हैं, जो सरवेलेंस जैसी चीज़ों का बड़ा ख्याल रखते हैं. पब्लिक की नज़र में नहीं आना चाहते. अलग-अलग लुक्स में दिखते हैं. स्मार्ट फोन यूज़ नहीं करते. एक बार सिम इस्तेमाल करने के बाद उसे फेंक देते है. ताकि उन तक कोई पहुंच न सके. चेल्लम को देखकर थोड़ा-थोड़ा ‘द बिग शॉर्ट’ से बेन रिकर्ट का कैरेक्टर याद आता है. हालांकि कुछ एक सिमिलैरिटीज़ के अलावा ये दोनों किरदार बिल्कुल अलहदा हैं. चेल्लम सर का किरदार आपको इसलिए याद रहता है क्योंकि वो बहुत वीयर्ड है. सीरीज़ में थोड़ा कॉमिक एलीमेंट ऐड करता है. और हर वक्त आपके हीरो की मदद को तैयार रहता है.

द फैमिली मैन सीज़न 2 के एक सीन में श्रीकांत के साथ कैंटीन में बैठे चेल्लम सर. इस सीन की खास बात ये है कि चेल्लम सर की बात सुनने के लिए श्रीकांत अगली बार पीछे मुड़कर देखता है, तो चेल्लम सर वहा से गायब हो जाते हैं. इसी तरह के क्वर्क्स की वजह से ये किरदार इतना पॉपुरल हो गया है.
द फैमिली मैन सीज़न 2 के एक सीन में श्रीकांत के साथ कैंटीन में बैठे चेल्लम सर. इस सीन की खास बात ये है कि चेल्लम सर की बात सुनने के लिए श्रीकांत अगली बार पीछे मुड़कर देखता है, तो चेल्लम सर वहा से गायब हो जाते हैं. इसी तरह के क्वर्क्स की वजह से ये किरदार इतना पॉपुलर हो गया.

राज एंड डीके डायरेक्टेड सीरीज़ ‘द फैमिली मैन 2’ में चेल्लम सर का रोल किया था एक्टर उदय महेश ने. उदय के अलावा इस सीरीज़ में मनोज बाजपेयी, समांथा, प्रियमणि और शारिब हाशमी जैसे एक्टर्स नज़र आते हैं. इस सीरीज़ को आप एमेज़ॉन प्राइव वीडियो पर स्ट्रीम कर सकते हैं.


4) विद्या विंसेंट

फिल्मशेरनी

विद्या विंसेंट नाम की डिवीज़नल फॉरेस्ट ऑफिसर यानी DFO का ट्रांसफर मध्य प्रदेश में हुआ है. 9 साल की नौकरी में प्रमोशन नहीं मिला. 6 साल की डेस्क जॉब के बाद ग्राउंड पर उतरने का मौका मिला है. यहां उसका काम जंगल में रहने वाली शेरनी से लोगों को सुरक्षित करना है. मगर ये फिल्म दो लड़ाइयों के बारे में है. ये दोनों ही लड़ाई विद्या लड़ रही है. एक जंगल के भीतर शेरनी से और दूसरा मेटाफरीकल जंगल यानी समाज से. विद्या जो कुछ भी करने जाती है, उसमें उसकी काबिलियत बाद में जेंडर पहले आ जाता है. इस किरदार के याद रह जाने के पीछे की वजह ये है कि ये बहुत रिलेटेबल है. हमारे घरों में, आस-पड़ोस में न जाने कितनी विद्याएं हैं, जो अलग-अलग तरीकों से यही लड़ाई लड़ रही हैं. विद्या विंसेंट चुपचाप उनकी आवाज़ को उठाने और आगे बढ़ाने का काम करती है.

न्यूटन फेम अमित मसुरकर की फिल्म ‘शेरनी’ में विद्या बालन ने विद्या विंसेंट नाम की DFO का रोल किया है. विद्या के साथ इस फिल्म में विजय राज, बृजेंद्र काला और शरत सक्सेना जैसे एक्टर्स भी नज़र आते हैं. इस फिल्म को एमेज़ॉन प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है.


5) इब्राहिम

फिल्मकुरुथी

इब्राहिम शहर से दूर पहाड़ों में अपने भाई रसूल और पिता मूसा के साथ रहता है. वो अपनी गुज़री हुई पत्नी और बिटिया को भूलने की कोशिश कर रहा है. एक रात को दरवाजे पर दस्तक होती है. एक पुलिसवाला और एक मर्डरर सामने खड़े हैं. पता चलता है कि इन्हें कुछ लोग जान से मारने के लिए ढूंढ रहे हैं. अब इन दो लोगों की ज़िंदगी की जिम्मेदारी इब्राहिम के हाथों में आ जाती है. धर्म की राजनीति से खुद को अलग कर, वो इसे इंसानियत की नज़र से देखता है. क्योंकि उसे अपनों को खोने का ग़म पता है. इब्राहिम प्रण लेता है कि वो विष्णु नाम के उस किलर को ज़िंदा रखेगा और सुबह पुलिस के हवाले करेगा. ये बड़ा विचलित करने वाला सिनेमा है. मगर इसका मैसेज इतना क्लीयर और कमाल है कि उसे आप भूल नहीं सकते. फिल्मों में ताकत होती है, वो महसूस करवाने की जो आम तौर पर फील करना मुश्किल होता है. आप फिल्मों में जो देखते हैं, कई बार वैसा करने का, वैसा बनने का जी करता है. ‘कुरुथी’ उसी किस्म की एस्पायरिंग फिल्म और इब्राहिम वो कैरेक्टर है.

फिल्म 'कुरुथी' के कैरेक्टर पोस्टर पर सबसे आगे इब्राहिम का किरदार निभाने वाले एक्टर रौशन मैथ्यू.
फिल्म ‘कुरुथी’ के कैरेक्टर पोस्टर पर सबसे आगे इब्राहिम का किरदार निभाने वाले एक्टर रौशन मैथ्यू.

एमेज़ॉन प्राइम वीडियो पर देखने के लिए अवेलेबल फिल्म ‘कुरुथी’ को मनु वारियर ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में इब्राहिम का रोल किया है कि रौशन मैथ्यू ने. उनके साथ फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन और शाइन टॉम चाको भी नज़र आते हैं.


6) बलराम हलवाई

फिल्मद वाइट टाइगर

धनबाद के पास के एक गांव में गरीब फैमिली रहती है. पिता रिक्शा चलाता है. पैसों की तंगी की वजह से बच्चों को चाय की दुकान पर काम करना पड़ता है. मगर इन बच्चों में से एक बलराम, इस दुनिया से बाहर निकलना चाहता है. वो ‘आज़ाद’ होना चाहता है. इस शब्द के तमाम सोशल मायने हैं. उसे पता चलता है कि गांव के एक रईस के यहां ड्राइवर की ज़रूरत है. वो ड्राइवरी सीखता है और उनके यहां काम पर लग जाता है. उसे अच्छा लगता है कि विदेश से लौटे कपल, अशोक और पिंकी उसे इज्ज़त देते हैं. मगर एक घटना होती है, जिसके बाद बलराम को रियलाइज़ होता है कि इस परिवार में उसकी कोई कीमत नहीं है. इसके बाद वो क्लास, कास्ट और इकनॉमिक डिवाइड से ऊपर उठने का फैसला लेता है. अपने इस मक़सद को पूरा करने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार है. बलराम एक ऐसा किरदार है, जिसके मक़सद में तो आप उसके साथ हैं. हालांकि उस मक़सद तक पहुंचने का रास्ता बेहद जटिल और खतरनाक है. मगर बलराम जहां फंसा हुआ है, उसे वहां से निकलने के कुछ ऐसा करना होगा जो सैकड़ों सालों में एक बार होता है.

रमीन बहरानी डायरेक्टेड फिल्म ‘द वाइट टाइगर’ में आदर्श गौरव ने बलराम हलवाई का रोल किया है. इस फिल्म में आदर्श के साथ प्रियंका चोपड़ा, राजकुमार राव और महेश मांजरेकर भी दिखाई देते हैं. इस फिल्म को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा सकता है.


वीडियो देखें: एमेज़ॉन प्राइम पर 2021 में रिलीज़ हुए ये शोज़ और मूवीज़ आपको मिस नहीं करनी चाहिए

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