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गार्ड ने वो बेवकूफी न की होती, तो आनंद के हीरो किशोर कुमार होते

दिल को छू लेने वाली फिल्म आनंद 48 साल पहले 12 मार्च, 1971 को रिलीज़ हुई थी.

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राजेश खन्ना को हिन्दी फिल्मों का सबसे बड़ा सुपरस्टार माना जाता है. लेकिन कमाल की बात ये कि इस सुपरस्टार से ये तमगा उनकी ही फिल्म में सेकंड लीड करने वाले एक्टर ने छीना. एक्टर का नाम सुपरस्टार ऑफ द मिलेनियम अमिताभ बच्चन. ‘आनंद’ अमिताभ के करियर की पहली क्लीन हिट थी. आज अचानक से ये अमिताभ बच्चन-राजेश खन्ना-सुपरस्टारडम जैसी बातें क्यों होने लगीं. क्योंकि राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘आनंद’ 48 साल पहले यानी 12 मार्च, 1971 को रिलीज़ हुई थी. इस फिल्म में राजेश खन्ना ने एक खुशमिजाज कैंसर पेशेंट का रोल किया था. इस पेशेंट के दोस्त और डॉक्टर भास्कर का रोल किया था अमिताभ बच्चन ने. ‘आनंद’ के डायरेक्टर थे ऋषिकेश मुखर्जी. फिल्मों को रेटिंग देने वाली वेबसाइट IMDB के मुताबिक ‘आनंद’ इंडिया की हाइएस्ट रेटेड फिल्म है.जानिए इसकी मेकिंग से जुड़े कुछ मजेदार किस्से.

#1. आनंद फिल्म के बनने का किस्सा कुछ ऐसा है कि ऋषि दा वो फिल्म राज कपूर के साथ बनाना चाहते थे. राज कपूर ठहरे सुपरस्टार आदमी, सो व्यस्त रहते थे. वेट करते-करते लंबा टाइम गुज़र गया. अब राज कपूर उस उम्र में नहीं रहे, जहां वो एक जवान कैंसर पेशेंट का रोल प्ले कर सकें. लिहाज़ा ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें ड्रॉप कर दिया. स्क्रिप्ट लिखे काफी टाइम हो गया था और वो इसे जल्द से जल्द फिल्म में तब्दील कर देना चाहते थे. फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ की शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना फिल्म के राइटर्स सलीम-जावेद और उनके दोस्त गुलज़ार के साथ बैठे थे. गुलज़ार ने यहीं पर ऋषि दा की फिल्म का शिगूफा छेड़ दिया. फिल्म के कॉन्सेप्ट को सुनते ही राजेश खन्ना को फिल्म करनी थी. राजेश खन्ना गुलज़ार के साथ ऋषि दा के घर गए और कहा कि आपके सारे टर्म्स एंड कंडीशंस मुझे मंजूर हैं और मैं ये फिल्म करना चाहता हूं.

राजेश खन्ना के साथ राज कपूर.
राजेश खन्ना के साथ राज कपूर.

इस पर ऋषिकेश मुखर्जी ने कहा कि वो ये फिल्म उसी के साथ बनाएंगे, जो तुरंत इसकी शूटिंग शुरू कर देगा. राजेश खन्ना ने कहा कि वो चाहे दो घंटे ही शूट करें लेकिन वो रोज इसकी शूटिंग करेंगे. फिल्म डन हो गई. लेकिन कमाल की बात ये कि ऋषि दा उस वक्त पर एक साथ तीन फिल्मों पर काम कर रहे थे. पहली फिल्म थी ‘बुड्ढा मिल गया’, जो तकरीबन खत्म होने को थी. दूसरी थी ‘गुड्डी’, जो बीच में थी और अब तीसरी ‘आनंद’, जिसे वो शुरू करने वाले थे. उनके तीनों ही सेट एक ही जगह मोहन स्टूडियो में लगे थे और वो एक के बाद एक तीन फिल्मों की शूटिंग करते थे.

'बुड्ढ़ा मिल गया','गुड्डी' और 'आनंद' के पोस्टर. इन तीनों फिल्मों की शूटिंग एक साथ हो रही थी.
‘बुड्ढा मिल गया’,’गुड्डी’ और ‘आनंद’ के पोस्टर. इन तीनों फिल्मों की शूटिंग एक साथ हो रही थी.

#2. कहे के मुताबिक फिल्म के सेट पर राजेश खन्ना रोज दो-तीन घंटे के लिए पहुंचते और ‘आनंद’ की शूटिंग करते. वो आम तौर पर थोड़ा-बहुत लेट हमेशा हो जाया करते थे. लेकिन एक बार थोड़ा ज़्यादा हो गया. ऋषि दा सेट पर बैठे चेस खेलते रहे. जैसे ही राजेश खन्ना आए ऋषि दा ने उन्हें कॉस्ट्यूम-मेकअप के लिए भेज दिया. राजेश खन्ना जैसे ही तैयार होकर बाहर आए ऋषिकेश मुखर्जी ने कहा ‘पैक अप’. फिल्ममेकिंग वाले प्रोसेस में पैक अप का मतलब होता है- शूटिंग समाप्ति की घोषणा. पहले तो सेट पर सन्नाटा पसर गया. फिर राजेश खन्ना ने ऋषि दा से ये कहते हुए माफी मांगी कि अब ये दोबारा नहीं होगा. और वो दोबारा कभी नहीं हुआ.

फिल्म 'आनंद' के सेट पर अमिताभ और राजेश खन्ना.
फिल्म ‘आनंद’ के सेट पर अमिताभ और राजेश खन्ना.

#3. राज कपूर को फिल्म में लेने के आइडिया को ड्रॉप करने के बाद और राजेश खन्ना को साइन करने से पहले, ‘आनंद’ के हीरो किशोर कुमार थे. हुआ कुछ यूं कि किशोर कुमार ने एक बंगाली प्रोड्यूसर के साथ एक स्टेज शो किया था. वो पैसे देने में ना-नुकर कर रहा था. इस बात पर किशोर कुमार से उसकी लड़ाई हो गई. गुस्से में घर लौटे किशोर ने अपने गार्ड को कहा कि कोई बंगाली मुझसे मिलने आए तो उसे भगा देना. इसी समय अपनी फिल्म से जुड़ी कुछ चीज़ें डिस्कस करने ऋषिकेश मुखर्जी आ धमके. गार्ड ने आव देखा, न ताव और ऋषिकेश मुखर्जी को बुरा-भला बोलकर घर से बाहर निकाल दिया. इस बात से ऋषि दा बहुत नाराज हुए और किशोर कुमार के साथ फिल्म बनाने का इरादा भी छोड़ दिया. कुशोर कुमार को जब ये बात पता चली, तो पहले तो उन्होंने अपना सिर पीट लिया और घर पहुंच कर गार्ड को नौकरी से निकाल दिया.

किशोर कुमार.
किशोर कुमार.

#4. आखिर में ‘आनंद’ राजेश खन्ना के साथ बनी और बहुत सफल रही. साल 1969 से लेकर 1971 के बीच राजेश खन्ना ने लगातार 17 हिट फिल्में देने का रिकॉर्ड बनाया था. इस लिस्ट में ‘आनंद’ भी शामिल थी. इन तीन सालों में ‘मर्यादा’ (राजकुमार) और ‘आनंद’ (अमिताभ बच्चन), दो हीरो वाली फिल्में थी, जबकि बाकी 15 सिर्फ राजेश खन्ना स्टारर. ये अमिताभ बच्चन की पहली हिट फिल्म थी. इससे पहले उन्होंने चार फिल्मों में काम किया था, जो टिकट खिड़की पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थीं.

फिल्म 'आनंद' में राजेश खन्ना के साथ अमिताभ बच्चन.
फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना के साथ अमिताभ बच्चन.

#5. फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना की मुंहबोली बहन सुमन का रोल करने वाली सीमा देव अपने पहले सीन को लेकर बहुत नर्वस थी. क्योंकि ये राजेश खन्ना के साथ शूट होना था और तब वो बहुत बड़े सुपरस्टार हुआ करते थे. राजेश खन्ना सेट पर पहुंचे और सीमा को देखते ही बोले ‘अरे आप तो वही हैं, जिन्हें देखने के लिए हम गिरगांव में लाइन लगाकर खड़े रहते थे.’ जब राजेश खन्ना फिल्मों में आने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब सीमा मराठी फिल्मों की टॉप हीरोइन हुआ करती थीं. इस फिल्म में रमेश देव ने डॉ. प्रकाश कुलकर्णी और सीमा के पति का रोल किया था, वो असल ज़िन्दगी में भी सीमा के पति थे.

फिल्म 'आनंद' के सेट पर राजेश खन्ना और रमेश देव के साथ सीमा देव.
फिल्म ‘आनंद’ के सेट पर राजेश खन्ना और रमेश देव के साथ सीमा देव. (फोटो: IMDB)

#6. सलिल चौधरी एक समय हिन्दी फिल्मों के मशहूर म्यूज़िक डायरेक्टर हुआ करते थे. लेकिन आनंद के समय तक उनकी पॉपुलैरिटी का आलम वो नहीं रहा था. इसलिए उन्हें फिल्म के लिए कंफर्म करने से पहले ऋषिकेश मुखर्जी ने ‘आनंद’ की म्यूज़िक के लिए लता मंगेशकर से बात की. बहुत कम लोगों को पता है कि लता ने कई मराठी फिल्मों में ‘आनंदघन’ नाम से म्यूज़िक भी दिया है. ये बात ऋषि दा को भी पता थी इसलिए वो लता के पास गए लेकिन लता ने पूरी विनम्रता के साथ उनके इस ऑफर को ठुकरा दिया. इसके बाद ऋषिकेश मुखर्जी ने सलिल चौधरी को साइन कर लिया.


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