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'लंचबॉक्स' से दस साल पहले साथ में ये फिल्म की थी इरफान और नवाज ने

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नवाज़ुद्दीन के लाइमलाइट में आने से पहले के काम की बात करें, तो लोग सरफरोश के उस 6 सेकंड वाले सीन पर जा अटकते हैं. लेकिन उसके अलावा भी नवाजुद्दीन की एक दुनिया थी. नवाज हीरो बनने से पहले कई शॉर्ट फिल्में कर चुके थें, जिन्हें अब देखने से समझ आता है कि उस वक्त वह कितने प्रॉमिसिंग थे.

क्योंकि हम खुदा के नेक बंदे हैं और हमारा काम है आप तक अच्छी चीजें पहुंचाना. तो ये देखिए और धन्यवाद दीजिए हमारा. नवाज के काम को देखिए और खुश हो जाइए कि आप भी सिनेमा के उस बदलते दौर का हिस्सा हैं जहां नवाज़ जैसे कलाकार नाम कमा रहे हैं.

1. Bypass (2003)

15 मिनट की इस फिल्म में लालच, हिंसा और भ्रष्टाचार का वो रूप दिखाया गया है, जो आपको लिजलिजी घिन से भर देगा. अंत चौंकाता है और ये बता जाता है कि जहां बुराई है वहां बुरे से भी ज्यादा बुरा कुछ हो सकता है.

2. Recycle Mind (2007)

‘रिसाइकल माइंड’ नवाज़ की मज़ेदार शॉर्ट फिल्म्स में से एक है. किस तरह नवाज़ एक कबाड़ी से डेंटिस्ट बनने का सफर तय करते हैं. देखिए, हंसी आएगी दनादन.

3. OP STOP SMELLING UR SOCKS (2010)

चलती गाड़ी के अंदर शूट की गई ये फिल्म. देखिए कैसे विंडो सीट पाने की जद्दोजहद कर रहा है अपना हीरो.

4. Salt 'N' Pepper (2007)

बॉयफ्रेंड से झगड़ा हुआ है. घर में अकेली लड़की फांसी लगाने जा रही है. नवाज़ चोरी करने घर में घुसते हैं, पर वो चोर नही हैं. ऐसा क्या होता है कि नवाज़ जो चुराना चाहते थे. वो पाकर भी नहीं लेते और लड़की मरने का इरादा छोड़ देती है. शॉर्ट फिल्म ख़त्म होने पर आप वो चीज महसूस करते हैं.

5. Mehfuz (2013)

यह फिल्म जब आई तो नवाज स्टार हो चुके थे. फिर भी इसे इस लिस्ट में शामिल करने का मोह हम नहीं छोड़ पा रहे. इस शॉर्ट फिल्म के डायरेक्टर रोहित पांडे ने बनारस में रिक्शे से नवाजुद्दीन का पीछा किया था क्योंकि वे उन्हें अपनी स्टोरी सुनाना चाहते थे. तब तक नवाज़ सुर्ख़ियों में आने लगे थे. नवाज़ ने कहानी सुनी और फिल्म करने को तैयार हो गए. कहानी मुर्दाघाट में काम करने वाले एक शख्स की है जो ऐसे शहर में है जहां मुर्दे ज्यादा हैं और इंसान कम. ऐसे में क्या बदलता है जब एक रात के अंधेरे में उसे एक अकेली लड़की सड़क पर मिल जाती है.

(This story first published on 19th december, 2015)

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5 short films of Nawazuddin Siddiqui

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