Submit your post

Follow Us

गीता दत्त के 20 बेस्ट गाने, वो वाला भी जिसे लता ने उनके सम्मान में गाया था

गुरु दत्त की पत्नी और लोकप्रिय गायिका गीता का जन्म 23 नवंबर को 1930 में फरीदपुर में हुआ था जो आज बांग्लादेश में आता है. गीता जी और उनकी लाइफ के बारे में हम आज पढ़ा चुके हैं.

Read: वो लता से बड़ी सिंगर थी पति दुनिया का महान डायरेक्टर, दोनों शराब पीकर मर गए!

अब सुनते हैं उनके 20 बार-बार सुने जाने वाले गाने.

एंजॉय!

कमेंट्स में अपना फेवरेट गाना भी बताएं.

#1.

वक्त ने किया क्या हसीं सितम
तुम रहे न तुम हम रहे न हम

– काग़ज के फूल (1959)

अतिरिक्त: लता मंगेशकर ने बाद में इस गीत को अपनी आवाज में गाकर गीता दत्त को ट्रिब्यूट दी थी.

#2.

मेरा सुंदर सपना बीत गया

– दो भाई (1969)

#3.

मेरी जां मुझे जां न कहो मेरी जां

– अनुभव (1971)

#4.

तदबीर से बिगड़ी हुई तक़दीर बना ले

– बाज़ी (1951)

#5.

आज सजन मोहे अंग लगा लो

– प्यासा (1957)

#6.

जा जा जा जा बेवफा

– आर पार (1954)

#7.

पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे
कि मैं तन मन की सुध बुध गवा बैठी

– साहिब बीबी और गुलाम (1962)

#8.

ठंडी हवा काली घटा आ ही गई झूम के

– मि. एंड मिसेज 55 (1955)

#9.

जाता कहां है दीवाने सबकुछ यहां है सनम

– सीआईडी (1956)

#10.

आन मिलो आन मिलो श्याम सांवरे

– देवदास (1955)

#11.

जाने क्या तूने कही, जाने क्या मैंने सुनी

– प्यासा (1957)

#12.

रिमझिम के तराने लेके आई बरसात

– काला बाज़ार (1960)

#13.

कोई चुपके से आके

– अनुभव (1971)

#14.

ये लो मैं हारी पिया हुई तेरी जीत रे
काहे का झगड़ा बालम नई नई प्रीत रे

– आर पार (1954)

#15.

काली घटा छाए मोरा जिया तरसाए

– सुजाता (1959)

#16.

जब बादल लहराया

– छू मंतर (1956)

#17.

नन्ही कली सोने चली

– सुजाता (1959)

#18.

न जाओ सैयां छुड़ा के बैयां

– साहिब बीवी और गुलाम (1962)

#19.

हम आप की आंखों में इस दिल को बसा दें तो

– प्यासा (1957)

#20.

घूंघट के पट खोल रहे तोहे पिया मिलेंगे

– जोगन (1950)

 

Also Read:
राज कुमार के 42 डायलॉगः जिन्हें सुनकर विरोधी बेइज्ज़ती से मर जाते थे!
लोगों के कंपोजर सलिल चौधरी के 20 गाने: भीतर उतरेंगे
रेशमा के 12 गाने जो जीते जी सुन लेने चाहिए! 
सनी देओल के 40 चीर देने और उठा-उठा के पटकने वाले डायलॉग!
नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तकः इन 7 प्रधान मंत्रियों को आपने फिल्मों में नोटिस किया?
जिसे हमने पॉर्न कचरा समझा वो फिल्म कल्ट क्लासिक थी
वो लता से बड़ी सिंगर थी पति दुनिया का महान डायरेक्टर, दोनों शराब पीकर मर गए!
राज कपूर का नाती फिल्मों में आ रहा है लेकिन लोग पहले ही उससे चिढ़े हुए हैं

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

कामयाब: मूवी रिव्यू

एक्टिंग करने की एक्टिंग करना, बड़ा ही टफ जॉब है बॉस!

फिल्म रिव्यू- बागी 3

इस फिल्म को देख चुकने के बाद आने वाले भाव को निराशा जैसा शब्द भी खुद में नहीं समेट सकता.

देवी: शॉर्ट मूवी रिव्यू (यू ट्यूब)

एक ऐसा सस्पेंस जो जब खुलता है तो न सिर्फ आपके रोंगटे खड़े कर देता है, बल्कि आपको परेशान भी छोड़ जाता है.

ये बैले: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

'ये धार्मिक दंगे भाड़ में जाएं. सब जगह ऐसा ही है. इज़राइल में भी. एक मात्र एस्केप है- डांस.'

फिल्म रिव्यू- थप्पड़

'थप्पड़' का मकसद आपको थप्पड़ मारना नहीं, इस कॉन्सेप्ट में भरोसा दिलाना, याद करवाना है कि 'इट्स जस्ट अ स्लैप. पर नहीं मार सकता है'.

फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल ज़्यादा सावधान

ये एक गे लव स्टोरी है, जो बनाई इस मक़सद से गई है कि इसे सिर्फ लव स्टोरी कहा जाए.

फिल्म रिव्यू- भूत: द हॉन्टेड शिप

डराने की कोशिश करने वाली औसत कॉमेडी फिल्म.

फिल्म रिव्यू: लव आज कल

ये वाली 'लव आज कल' भी आज और बीते हुए कल में हुए लव की बात करती है.

शिकारा: मूवी रिव्यू

एक साहसी मूवी, जो कभी-कभी टिकट खिड़की से डरने लगती है.

फिल्म रिव्यू: मलंग

तमाम बातों के बीच में ये चीज़ भी स्वीकार करनी होगी कि बहुत अच्छी फिल्म बनने के चक्कर में 'मलंग' पूरी तरह खराब भी नहीं हुई है.