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बड़जात्या की हर फिल्म में होती हैं ये दस बातें

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सब बदला, पर जो नहीं बदला वो है सूरज बड़जात्या की फिल्में. उनके मुरीद भी सीना ठोंककर इस बात का इजहार करते हैं. उनकी फिल्में बरसों से अमीर फैमिली और उनके संस्कारों के आस-पास घूम रही हैं. लेकिन और भी बहुत कुछ है जो उनकी फिल्मों में है:

1. बड़े लोग

बड़जात्या की फिल्मों में किरदार अमीर होते हैं. कितने अमीर? Let me not give a figure. Its “WOW”

2. वफादार नौकर

वफादार नौकर बड़जात्या की हर फिल्म में नजर आते हैं. चाहे वो ‘हम आपके हैं कौन’ का लल्लू प्रसाद हो या ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ का शंभू.

3. पालतू जानवर

बड़जात्या की फिल्मों के किसी पालतू जानवर को पकड़कर अगर झिंझोड़ा जाए तो उसमें से एक आदमी से 15 गुना ज्यादा इमोशन निकलेंगे.

4. मिठाईयां

बड़े बड़े हवेली जैसे घर हैं तो फिर मिठाई तो होगी ही. फिर चाहे ‘विवाह’ का ‘मीठी है ब्रिज की मिठाई लड्डू पेठा बालूशाही’ हो या ‘हम आपके हैं कौन’ का ‘चॉकलेट, लाइम जूस, आइसक्रीम, टॉफियां’ बड़जात्या अपना मिठाई प्रेम दिखा ही देते हैं.

5. किचन रोमांस

क्योंकि बड़जात्या की फिल्मों में बहुएं ज्यादातर हाथ लथराए किचन में ही घुसी रहती हैं. और बेडरूम सीन बड़जात्या की फिल्मों में दिखाए नहीं जाते इसलिए लड़कों को रोमांस के लिए किचन में आना पड़ता है. और ताज्जुब देखिए दूसरे के हाथ से हलवा खाकर भी वो आर्गेजम जैसा सुख पा लेते हैं.

6. भांजे-भतीजे

बड़जात्या की फिल्मों में प्यार होता है, सेक्स नहीं होता पर बच्चे जरुर होते हैं. ये बच्चे भांजे और भतीजियों के रूप में नजर आते हैं. और आम बच्चों की तुलना में कतई विनम्र और सलीकेदार होते हैं.

7. यहां कत्ल नहीं होते

बड़जात्या की फिल्मों में कत्ल नहीं होते. खून-खराबा नहीं दिखता. अच्छे लोग भी हादसे में मारे जाते हैं. बुरे लोग भी हादसे में मारे जाते हैं. और आलोकनाथ जैसे बाबूजी टाइप लोग सोते-सोते निकल लेते हैं.

8. इंडस्ट्रियलिस्ट-

बड़जात्या की फिल्मों में एक इंडस्ट्रियलिस्ट होता ही है. वो हीरो का बाप होता है, बाप न हो तो हीरो होता है. जो नहीं होता बाद में बन जाता है. नहीं बन पाया तो उसका जीजा हो जाता है. जीजा न हो पाया तो उसका भाई हो जाता है.

9. शादी की तैयारी

सब लोग काम करते हैं. सब के सब खूब पैसे कमाते हैं. फिर भी सारा दिन घर में साथ रहते हैं. किसी न किसी की शादी होने वाली होती है और सब उसकी तैयारी करते रहते हैं.

10. दर्जनों गाने

बड़जात्या की फिल्मों में ढेर सारे गाने होते है. फिल्म बनाने से पहले राजश्री वाले बाजार जाकर कहते हैं, दो दर्जन गाने निकाल दीजिए.


 

 

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