मेरी कविते! जो बीत गया वो भी मुझमें जीवित है तुम्हारे सहारे... नहीं रहे प्रो. रामदरश मिश्र
वरिष्ठ कवि-साहित्यकार Ramdarash Mishra पिछले कई महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे. शुक्रवार, 31 अक्टूबर की शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली. कविता ने उन्हें यश, पुरस्कार, सम्मान बहुत कुछ दिया. सरस्वती सम्मान, साहित्य अकादमी, शलाका सम्मान, व्यास सम्मान समेत साहित्य के तमाम बड़े पुरस्कारों से उन्हें नवाजा गया.
Advertisement

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के डुमरी गांव में रामदरश मिश्र का जन्म हुआ था (फोटो: @ramdarashmishra.org)
Story Summary
वीडियो: नामवर सिंह: वो साहित्यकार जिसने जेएनयू के हिंदी डिपार्टमेंट की तस्वीर बदल दी

