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डिजिटल जनगणना से पहले होगा प्री टेस्ट, तारीख आ गई

भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) ने राज्यों को बताया है कि डेटा इकट्ठा करने के लिए पहली बार एक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा. साथ ही प्री-टेस्ट के दौरान स्व-गणना, डिजिटल मैपिंग टूल और रीयल-टाइम सर्विलांस और मैनेजमेंट के लिए एक वेब पोर्टल जैसी अन्य चीजों की भी मॉनिटरिंग की जाएगी.

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Population Census 2027 Pre Test Will October and November 2025
2021 में होनी थी जनगणना लेकिन कोविड की वजह से नहीं हो पाई थी. (फाइल फोटो- PTI)
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रिदम कुमार
29 अगस्त 2025 (Published: 07:30 AM IST)
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2027 में होने वाली जनगणना की तैयारी शुरू हो चुकी है. जनगणना कैसे होगी इसके लिए प्री-टेस्ट यानी पूर्व परीक्षण की प्रक्रिया इस साल अक्टूबर और नवंबर में शुरू होगी. रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (RG & CCI) ने यह जानकारी राज्यों के जनगणना संचालन निदेशालयों (DCOs) को दी है.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, प्री-टेस्ट एक तरह की ट्रायल प्रक्रिया है. इसका मकसद पूरी जनगणना की क्वॉलिटी का मूल्यांकन करना है. इस प्री-टेस्ट के दौरान ये चीजें परखी जाएंगी:

- किस तरह के सवाल पूछे जाएं 

- लोगों के डेटा को कहां और कैसे स्टोर किया जाए

- जनगणना वालों को दी जाने वाली ट्रेनिंग कितनी असरदार है

- लॉजिस्टिक्स और प्रिंटिंग प्रक्रिया

भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) मृत्युंजय कुमार नारायण ने इन बातों को लेकर राज्यों के DCOs को सूचित किया है. DCOs को बताया गया है कि डेटा इकट्ठा करने के लिए पहली बार एक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा. साथ ही प्री-टेस्ट के दौरान स्व-गणना, डिजिटल मैपिंग टूल और रीयल-टाइम सर्विलांस और मैनेजमेंट के लिए एक वेब पोर्टल जैसी अन्य चीजों की भी मॉनिटरिंग की जाएगी. 

RGI ने राज्यों को सूचित किया है कि जिलों और तहसीलों की सीमाओं में कोई बदलाव अगर करना है तो 31 दिसंबर 2025 से पहले करना होगा क्योंकि उसके बाद सीमाएं फ्रीज कर दी जाएंगी.

गौरतलब है कि यह स्वतंत्र भारत में पहली डिजिटल जनगणना और जाति गणना होगी. यह दो चरणों में होगी. पहला चरण हाउसलिस्टिंग और दूसरा चरण हाउसिंग शेड्यूल (HLO) होगा. जनगणना की पूरी प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगी. 

यह भी पढ़ेंः जातियों की गिनती के साथ दो चरणों में होगी जनगणना, तारीखें पता चल गईं

वहीं, अक्टूबर से शुरू होने वाला प्री-टेस्ट सिर्फ पहले चरण यानी हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग से जुड़े सवालों तक ही सीमित रहेगा. दूसरे चरण में जाति की गणना की जाएगी. लेकिन उसके सवाल इस वाले प्री-टेस्ट में शामिल नहीं होंगे.

आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी. अमूमन यह हर 10 साल में होती है. इस हिसाब से 2011 के बाद अगली जनगणना 2021 में होनी थी. लेकिन कोविड की वजह से तब इसे टाल दिया गया था. 2021 में होने वाली जनगणना के लिए भी प्री-टेस्ट हुआ था, जो 2019 में किया गया था. इस प्री-टेस्ट में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 76 जिलों के 26 लाख से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था. 2019 में राज्य सरकारों के लगभग 6,000 गणनाकार और 1100 सर्वे करने वालों को लगाया गया था.

साल 2019 के प्री-टेस्ट के पहले चरण के घरेलू सुविधाओं से जुड़े सवाल पूछे गए थे. वहीं दूसरे चरण में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) और जनसंख्या गणना से जुड़े सवाल शामिल किए थे. लेकिन इस बार के प्री-टेस्ट में NPR के सवाल नहीं होंगे. इसे लेकर केंद्र सरकार 29 जुलाई को लोकसभा में साफ कर चुकी है कि जनगणना 2027 के प्री-टेस्ट के दौरान NPR अपडेट करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है. 

वीडियो: सरकार ने लिया जाति जनगणना कराने का फैसला, क्या हैं मायने?

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