"गोविंदा और अनिल कपूर जैसे एक्टर्स दाऊद इब्राहिम की पार्टियों में जाते थे"
जर्नलिस्ट शीला रावल ने बताया कि 1993 के मुंबई ब्लास्ट के बाद बॉलीवुड एक्टर्स ने दाऊद के यहां जाना बंद कर दिया.

नब्बे के दशक की हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में अंडरवर्ल्ड का बहुत दखल था. स्टार्स को धमकियां दी जाती. फिल्मों में अंडरवर्ल्ड वालों का पैसा लगा हुआ होता. कई स्टार्स के अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर्स के साथ कनेक्शन भी सामने आए. हाल ही में इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट Sheela Raval ने दाऊद और फिल्म इंडस्ट्री पर कुछ खुलासे किए हैं.
दी लल्लनटॉप से हुई बातचीत में शीला ने बताया कि बॉलीवुड के कई एक्टर्स दाऊद इब्राहिम की पार्टियों में जाया करते थे. उनके मुताबिक,
दाऊद 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था. इस ब्लास्ट से पहले तक बॉलीवुड वाले उससे काफी घुलते-मिलते थे. हालांकि बाद में इस तरह की आवा-जाही कम हो गई. शीला के मुताबिक,
शीला के अनुसार दाऊद जैसे गैंगस्टर्स पहले फिल्मों में खूब पैसा लगाते थे. सलमान खान स्टारर 'चोरी-चोरी चुपके-चुपके' की बात तो जग-जाहिर है. फिल्म फाइनेंसर भरत शाह, जिन्हें ‘वन मैन इंडस्ट्री’ कहा जाता था, वो खुद दाऊद से पैसे लेकर फिल्में बनाते थे. ऋषि कपूर और दिलीप कुमार जैसे बड़े सुपरस्टार्स ने तो खुलेआम स्वीकारा कि वो दाऊद से मिलने गए थे. इसके उलट राकेश रोशन को धमकाया गया, उन पर गोली चलवाई गई. आमिर खान और शाहरुख खान ने भी ऐसी धमकियों को बिल्कुल हवा नहीं दी. वहीं प्रीति जिंटा को तो अंडरवर्ल्ड के सामने ना झुकने के लिए ब्रेवरी अवॉर्ड भी मिला था.
वीडियो: बैठकी: दाऊद इब्राहीम से मिलने वाली पत्रकार ने अंडरवर्ल्ड के कौन से राज खोल दिए?

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