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राहुल गांधी ने चुनाव में हार के बाद ये 8 बातें बोली हैं

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गुजरात और हिमाचल प्रदेश दोनों के चुनावी नतीजे आ चुके हैं. हिमाचल में तो कांग्रेस बुरी तरह हारी, मगर गुजरात में उसने बीजेपी को टफ फाइट दी. 22 साल बाद कांग्रेस गुजरात में चुनाव में दिखी. लड़ती हुई. इसके पीछे गुजरात के लड़के तो थे ही. मगर राहुल गांधी की कैंपेनिंग को आप नकार नहीं सकते. गुजरात में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में राहुल गांधी ने कोई कसर नहीं छोड़ी. 30 से ज्यादा रैलियां कीं. फिर आया फैसले का दिन. 18 दिसंबर. कांग्रेस को हार मिली. लोग जानना चाह रहे थे कि राहुल गांधी कहां हैं. कुछ बोलेंगे नहीं. 18 को तो नहीं बोले, मगर 19 दिसंबर को बोले. जो बोले, वो 8 पॉइंट्स में हम आपको बता दे रहे हैं-

1. मोदी जी का जो गुजरात मॉडल है उसे वहां के लोग पसंद नहीं करते हैं. प्रोपगैंडा बहुत अच्छा है, मार्केटिंग बहुत अच्छी है. मगर अंदर से खोखला है.

2. हमने जो कैंपेन किया उसका वो जवाब नहीं दे पाए. विकास की बात चुनाव के पहले कर रहे थे, मगर चुनाव के वक्त उनके पास कहने को कुछ रहा नहीं था. अपने बारे में बात कर रहे थे. कांग्रेस की बात कर रहे थे.

3. हमारे लिए अच्छा रिजल्ट है. ठीक है हार गए. जीत सकते थे. वहां कोई कमी रह गई होगी.

राहुल गांधी ने गुजरात से मिला सबक भी साझा किया.
राहुल गांधी ने गुजरात से मिला सबक भी साझा किया.

4. मेरा मेन मैसेज ये है कि नेता कहीं जाते हैं तो अपनी बात करते हैं, बताते हैं. मगर तीन महीने में गुजरात ने, वहां की जनता ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है. सिखाया है कि आपके विपक्ष के पास चाहे कितना भी गस्सा हो, पैसा हो, फोर्स हो. उसको आप प्यार से, भाईचारे से टक्कर दे सकते हैं. हरा सकते हैं. गांधीजी ने इसे पहले सिखाया था. मगर ये गुजरात के दिल में है.

5. गुजरात ने मोदी जी को मैसेज दिया है कि जो गुस्सा आपके अंदर है, ये आपके काम नहीं आएगा. इसको प्यार हरा देगा.

6. मोदी जी ने बोला, ये विकास की जीत है, जीएसटी पर मुहर है. मगर चुनाव के वक्त ना वो विकास की बात कर रहे थे. ना जीएसटी की बात कर रहे थे. ना नोटबंदी की बात कर रहे थे. ऐसा क्यों?

राहुल गांधी ने गुजरात में तगड़ी कैंपेनिंग की थी.
राहुल गांधी ने गुजरात में तगड़ी कैंपेनिंग की थी.

7. मोदी जी की क्रेडिबिलिटी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. जो वो कह रहे हैं, उनका संगठन आगे कह रहा है. उसे देश सुन नहीं रहा है. इसे गुजरात ने बता दिया है.

8. मोदी जी ने भ्रष्टाचार की लगातार बात की. तो राफेल के मुद्दे पर, जय शाह के मुद्दे पर कोई बात क्यों नहीं कही. उस पर क्यों चुप हैं?


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