Submit your post

Follow Us

बीजेपी को वोट न देने पर गद्दार और देशद्रोही कहने वाले कौन हैं?

28.01 K
शेयर्स

थोड़ी देर पहले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. अपने कार्यकर्ताओं को मेहनत करने के लिए थैंक्यू बोला और कांग्रेस को जीत के लिए बधाई दी. वोटों की गिनती वाले दिन शाम को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. अपने कार्यकर्ताओं को थैंक्यू बोला और तेलंगाना, मिजोरम में जीती पार्टियों को बधाई दी. काफी अच्छा लगा. मेच्योर नेता और सही इंसान ऐसे ही होते हैं. ‘सुख में भूलो नहीं, दुख में फूलो नहीं’ टाइप के. खेल हो या चुनाव, लोग बराबरी वाले से ही लड़ना चाहते हैं. फिर आते हैं चम्मचों की तरफ. जिनको न चुनाव से मतलब है न उसके नतीजों से. उनको मतलब है अपने दिमाग में भरे गोबर से और उसको छितराने से. देखो नमूने.

bjp 8

bjp 9

 

bjp 2

अगर बीजेपी जीत जाती तो इनको लोकतंत्र की जीत लगती. भ्रष्टाचार की हार लगती. यही वोटर देवदूत लगने लगते. लेकिन अभी गद्दार, जयचंद, देशद्रोही और हिजड़े लगने लगे हैं. इतने असंवेदनशील लोग हैं कि इनको ये भी नहीं पता हिजड़े को गाली की तरह इस्तेमाल करना सभ्य मनुष्य का काम नहीं है. इनके दिमाग की तुलना किस जीव से की जाए, इसकी खोज में वैज्ञानिक पागल हुए जा रहे हैं. क्योंकि इंसान नहीं कह सकते, ये खुद के अलावा किसी को समझदार मानते ही नहीं. जो इनकी हां में हां न मिलाए, जो इनकी फेवरेट पार्टी का सपोर्ट न करे. जो इनके समर्थित नेता के नारे न लगाए वो देशद्रोही, गद्दार और पता नहीं क्या क्या हो जाता है. ये स्वघोषित देशभक्त सिर्फ अपने विचार और विचारधारा को सर्वोत्तम मानते हैं बाकी सबके विचार सुनना गंवारा नहीं. जब दूसरा विचार सुनने की क्षमता नहीं है तो अपनी वाली पार्टी के अलावा वोट कहां डालने देंगे.

tweet

संविधान बनाने वाले लोग कितने होशियार थे. उन्होंने भविष्य देख लिया था. उनको पता था कि दूसरों की विचारधारा और उनके अधिकारों पर कब्जा करने वाले अपनी पूरी ताकत लगा देंगे. ये चाहेंगे कि सबको अपनी तरह रोबोट बना दें. इसीलिए उन्होंने हर नागरिक को पूरी ताकत दी. अपने वोट का प्रयोग करने की ताकत. उसको गुप्त रखने की ताकत. अब करो खांव खांव. जितना अधिकार गाली देने वालों को मिला है उतना ही वोट देने वालों को भी मिला है. हां, यहां ये जोड़ना बेहद जरूरी रहेगा कि इन कोसने वालों में सिर्फ ये वाले मौसमी मेढक नहीं हैं. इनमें उनको भी जोड़ा जाए जो 2014 इलेक्शन में बीजेपी की जीत को ये कहकर खारिज करते नजर आते हैं कि 31 परसेंट लोगों ने 69 परसेंट भारतीयों के मत्थे बेकार आदमी को मढ़ दिया है. उनके साथ बस इतनी ही सहूलियत है कि वो उन 31 परसेंट को गद्दार, देशद्रोही, गधा, सुअर, पप्पू और मुल्ला नहीं कहते.

bjp 6

मुल्ला कहकर चिढ़ाने वालों और मुसलमानों से डराने वालों का अलग ही स्वैग है. एक व्हाट्सऐप मैसेज सर्वे सर्विस के मुताबिक 2035 तक मुसलमानों की जनसंख्या हिंदुओं से ज्यादा हो जाएगी. तब क्या होगा? परलय होगी. हर मुसलमान में एक चंगेज खान के दर्शन होते हैं इन्हें. 2035 के बाद चौराहों पर जनेऊ के पहाड़ जलाए जाएंगे. हिंदुओं के सिरों से फुटबॉल खेला जाएगा. मंदिर ढहाकर मस्जिद बनाई जाएंगी. इन बेवकूफी भरी बातों के सहारे कितने चुनाव जीते जा सकते हैं. वो लोग पागल नहीं हैं जो अली और बजरंगबली करने वालों को, शहरों, स्टेशनों का नाम बदलने वालों को नकार देते हैं. अगर कोई मंदिर मस्जिद की बात करने वालों की बात नहीं मान रहा तो इसे पचाना इतना मुश्किल क्यों है? लोकतंत्र का सम्मान करो क्योंकि इसी में तुम्हें अपने नेता से सवाल करने की सहूलियत मिली हुई है. लोकतंत्र में जितना अधिकार तुम्हें अपने नेता चुनने का है और उनके नारे लगाने का है, उतना ही हर एक नागरिक को है. अगर इस लोकतंत्र से ऐतराज है तो हम नहीं कहेंगे कि पाकिस्तान चले जाओ. या उससे भी बदतर नॉर्थ कोरिया चले जाओ. यहीं रहो और अपनी समझ को समृद्ध बनाओ. शिवराज और राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक बार फिर देख लो.


देखें वीडियो, इलेक्शन कवरेज का:

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गुजरात चुनाव 2017

गुजरात और हिमाचल में सबसे बड़ी और जान अटका देने वाली जीतों के बारे में सुना?

एक-एक वोट कितना कीमती होता है, कोई इन प्रत्याशियों से पूछे.

गुजरात विधानसभा चुनाव के चार निष्कर्ष

बहुमत हासिल करने के बावजूद चुनाव के नतीजों से बीजेपी अंदर ही अंदर सकते में है.

गुजरात में AAP का क्या हुआ, जो 33 सीटों पर लड़ी थी!

अरविंद केजरीवाल का गुजरात में जादू चला या नहीं?

गुजरात चुनाव के बाद सुशील मोदी को खुला खत

चुनाव के नतीजे आने के बाद भी लिचड़ई नहीं छोड़ रहे.

इस चुनाव में राहुल और हार्दिक से ज्यादा अफसोस इन सात लोगों को हुआ है

इन लोगों ने थोड़ी मेहनत और की होती, तो ये गुजरात की विधानसभा में बैठने की तैयारी कर रहे होते.

राहुल गांधी ने चुनाव में हार के बाद ये 8 बातें बोली हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्रेडिबिलिटी पर ही सवाल खड़े कर दिए.

गुजरात में हारे कांग्रेस के वो बड़े नेता जिन पर राहुल गांधी को बहुत भरोसा था

इनके बारे में कांग्रेस पार्टी ने बड़े-बड़े प्लान बनाए होंगे.

बीजेपी के वो 8 बड़े नेता जो गुजरात चुनाव में हार गए

इनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाएं और तमाम टोटके नहीं जिता सके.

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत के बाद ये 5 बातें कहीं

दोनों प्रदेशों में भगवा लहराया मगर गुजरात की जीत पर भावुक दिखे पीएम.

ये सीट जीतकर कांग्रेस ने शंकरसिंह वाघेला से बदला ले लिया है

वाघेला ने इस सीट पर एक निर्दलीय प्रतायशी को वॉकओवर दिया था.