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EVM 'बदलने' पर ऐसा क्या ऑडियो वायरल हुआ, जो अखिलेश को राष्ट्रपति से ये मांग करनी पड़ी

यूपी चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. बीजेपी ने भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है. अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन में सुधार हुआ है. हालांकि, पार्टी दूसरे नंबर पर ही रह गई. इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दो लोग ईवीएम मशीन को बदलने को लेकर बात कर रहे हैं.

ईवीएम बदलने का दावा!

वायरल हुए ऑडियो में व्यक्ति कह रहा है कि उसके बाल-बच्चे हैं और उनकी सुरक्षा को भी देखना है. इस वजह से करना पड़ रहा है ये सब. वायरल ऑडियो में दो व्यक्ति बात करते हुए सुने जा सकते हैं. पहला व्यक्ति, जो अपने आप को एक कॉलेज का विभागाध्यक्ष बता रहा है, कहता है,

“अब क्या करें, मेरे बाल बच्चे हैं. नौकरी बचाने के लिए किया, गलत तो किया है. हम सपोर्टर नहीं हैं भाजपा के. माहौल और जनता के वोट के हिसाब से सपा ही आनी चाहिए. लेकिन अब तो मुश्किल लग रहा है. आएगी ही नहीं. मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. आएगी ही नहीं, हर हाल में नहीं आएगी. बीजेपी की सरकार बनने जा रही है.”

इसके जवाब में दूसरा व्यक्ति कहता है,

“वोट जब पड़ता है, तो वहां से 6 बजे के बाद ईवीएम तो सीआरपीएफ के अंडर में आ जाती है न, वहां से कैसे बदल लेंगे?”

इधर खुद को विभागाध्यक्ष बताने वाले व्यक्ति कहते हैं,

‘हमीं लोगों के अंडर में आता है. हमारी बात समझिए. स्ट्रांग रूम में पहुंचेगी तब ना.”

दी लल्लनटॉप स्वतंत्र रूप से इस ऑडियो क्लिप की पुष्टि नहीं कर पाया है.

अखिलेश ने राष्ट्रपति से की अपील!

इस वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है. अखिलेश ने राष्ट्रपति और सरकार से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की है. अखिलेश ने फोन पर बात करने वाले व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने ट्वीट किया,

“EVM बदले जाने को लेकर एक चुनाव अधिकारी की किसी से बात की जो ऑडियो रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर चल रही है, माननीय उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपति महोदय उसका संज्ञान लें और सरकार संबंधित व्यक्ति को तुरंत संपूर्ण सुरक्षा दे. किसी एक व्यक्ति का जीवन हमारे लिए सरकार बनाने से ज्यादा अहम है.”

क्या बोला कॉलेज प्रशासन?

ऑडियो में व्यक्ति जिस कॉलेज के विभागाध्यक्ष होने का दावा कर रहा है, वो चंदौली स्थित बाबू तूफानी सिंह महाविद्यालय है. बाबू तूफानी सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक अजय सिंह ने लल्लनटॉप से बात करते हुए ऑडियो को पूरी तरह से फर्जी बताया है. अजय ने कहा,

“यह एक प्राइवेट कॉलेज है, हमारे यहां के शिक्षकों की ड्यूटी चुनावों में नहीं लगाई जाती है. इसके अलावा वायरल वीडियो में विभागाध्यक्ष को जो नाम बताया जा रहा है उस नाम का कोई भी व्यक्ति हमारे कॉलेज में काम नहीं करता है. इसके अलावा ऑडियो में गाजीपुर के बूथ की बात हो रही है. यह संभव नहीं है, क्योंकि चुनावी ड्यूटी दूसरे जिलों में नहीं लगाई जाती है.”

डीएम ने रिकॉर्डिंग को फर्जी बताया

वायरल हुए इस ऑडियो क्लिप में एक व्यक्ति को कहते हुए सुना जा सकता है कि वो चंदौली के एक कॉलेज में विभागाध्यक्ष है और गाजीपुर के एक बूथ में बतौर पीठासीन अधिकारी ड्यूटी के लिए गया था. इसको लेकर इंडिया टुडे से जुड़े उदय गुप्ता ने चंदौली डीएम संजीव सिंह से बात की. डीएम ने इस रिकॉर्डिंग को पूरी तरह से फर्जी बताया है. उन्होंने कहा है कि चंदौली से किसी को भी गाजीपुर में ड्यूटी के लिए नहीं भेजा गया.

ममता ने की फॉरेंसिक जांच की मांग

इधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 11 मार्च को ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा,

“भाजपा को सिर्फ इसलिए आवाज नहीं उठानी चाहिए क्योंकि उसने कुछ राज्यों में जीत हासिल की है. यह जीत लोगों के जनादेश का सही उदहरण नहीं है. यह नतीजा वोटों को लूटने के लिए चुनावी मशीनरी के ज़बरदस्त इस्तेमाल के कारण है. अखिलेश यादव जनादेश से नहीं बल्कि वोटों की लूट से हारे हैं. अखिलेश को हार नहीं माननी चाहिए और ईवीएम मशीनों की फॉरेंसिक जांच की मांग करनी चाहिए.

ममता ने आगे कहा, अगर कांग्रेस चाहे तो हम सब मिलकर (2024 का आम चुनाव) लड़ सकते हैं. अभी के लिए आक्रामक ना हों, सकारात्मक रहें. यह जीत भाजपा के लिए एक बड़ी क्षति होगी. कांग्रेस पर निर्भर रहने से नहीं होगा. वे लोग दिलचस्पी भले ही ना रखते हों, लेकिन हमें मिलकर काम करना होगा. ममता ने आगे कहा कि वोट विभाजित हुआ है और उसका लाभ बीजेपी को मिला है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बोलती कुछ और है और करती कुछ और है.


वीडियो- यूपी में सपा की हार में अखिलेश ने क्या ‘पॉज़िटिव पॉइंट’ खोज लिया?

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