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बिहार में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हाथापाई, क्या एकाध पार्टी से छिटकने वाले हैं?

बिहार चुनाव में कांग्रेस के 19 विधायक जीते. इस विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई. शुक्रवार, 13 नवंबर को पटना में. लेकिन अटकलों का बाज़ार तब गर्म हो गया, जब बैठक में 17 विधायक ही पहुंचे. दो नदारद रहे. कयास लगने लगे कि क्या कांग्रेस में टूट पड़ रही है? क्या पार्टी के कुछ विधायक एनडीए के किसी दल से संपर्क में हैं? इतना ही नहीं, विधायक दल की बैठक में दो नेताओं के बीच झगड़ा हो गया और उन दोनों के समर्थकों के बीच हाथापाई तक हो गई.

बैठक बुलाई गई थी पटना में कांग्रेस के हेडक्वार्टर सदाकत आश्रम में. चुनाव बाद की रणनीति पर चर्चा के लिए सभी नवनिर्वाचित विधायकों को आना था. बैठक कराने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अविनाश पांडेय भी पहुंचे थे. लेकिन वहां दो नए-नवेले कांग्रेसी विधायक नहीं पहुंचे. मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और अररिया से विधायक आबिद उर रहमान. बैठक के बाद भूपेश बघेल ने एक-एक करके सभी विधायकों से मुलाकात की. वहां भी ये दोनों विधायक नहीं मौजूद रहे.

कांग्रेस ने किया बचाव

हालांकि, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने पार्टी में किसी भी प्रकार की टूट से इनकार किया है. उन्होंने कहा –

“विधायकों को विश्वास में लेने की प्रक्रिया पहले से चलती आ रही है. ऐसा माहौल नहीं है और ऐसी कोई संभावना भी नहीं है कि कांग्रेस का एक भी विधायक टूट जाए.”

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर ने विधायकों के गायब रहने की ख़बर को भ्रामक बताया. कहा –

“तेजस्वी यादव के आवास पर कल (12 नवंबर को) जो बैठक हुई थी, उसमें ये दोनों विधायक शामिल थे. दोनों विधायक काफी दूर से आते हैं. कल की बैठक के बाद दोनों लौट गए. लेकिन कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने का फैसला कल रात में ही हुआ. इसी कारण से दोनों आज नहीं पहुंच पाए. अनुपस्थित रहने की सूचना दोनों विधायकों ने भूपेश बघेल को दे दी थी.”

बैठक में बवाल, हाथापाई

वहीं बैठक में महाराजगंज से कांग्रेस विधायक विजय शंकर दुबे और विक्रम से विधायक सिद्धार्थ के बीच में कांग्रेस विधायक दल के नेता बनने को लेकर झगड़ा भी हो गया. बताया जा रहा है इसी दौरान सिद्धार्थ के समर्थकों की तरफ से विजय शंकर दुबे को ‘चोर’ कहकर बुलाया गया, जिसके बाद दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच हाथापाई तक हो गई.

बता दें कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, मगर उसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा और उसने केवल 19 सीटों पर जीत हासिल की.


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