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इस वजह से सत्येंद्र जैन को केजरीवाल ने फिर से बनाया मंत्री?

सत्येंद्र जैन

कहां से जीते- शकूर बस्ती
किसको हराया- बीजेपी के स.सी. वत्स (करीब 7,500 वोट के अंतर से)

2015 में भी उन्होंने एस.सी. वत्स को हराया. 2013 में सत्येंद्र जैन ने बीजेपी के श्याम लाल गर्ग को हराया था.

कहां के रहने वाले हैं- बागपत, उत्तर प्रदेश
पिछली सरकार के मंत्रालय- स्वास्थ्य, इंडस्ट्रीज, ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, होम और अर्बन डेवलपमेंट

सत्येंद्र जैन अन्ना हजारे के लोकपाल आंदोलन से जुड़े थे. बाद में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े. पेशे से आर्किटेक्ट रहे हैं. पहले सेंट्रल पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट में थे. नौकरी छोड़कर अपनी आर्किटेक्चरल कंसल्टेंसी फर्म खोली. सोशल वेलफेयर के कई कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं. दृष्टिबाधित लोगों के लिए काम करने वाली संस्था ‘दृष्टि’ और दिव्यांगों के लिए काम करने वाली संस्था ‘स्पर्श’ से जुड़े रहे हैं.

मोहल्ला क्लीनिक के जरिए ‘आप’ के महत्वाकांक्षी यूनिवर्सल प्राइमरी हेल्थकेयर कार्यक्रम में सत्येंद्र जैन की अहम भूमिका रही. ‘आप’ का दावा है कि 160 से ज़्यादा मोहल्ला क्लीनिक दिल्ली में चल रहे हैं. इसके अलावा डेंगू के ख़िलाफ़ अभियान में भी वो सक्रिय रहे.

2017 में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में CBI ने सत्येंद्र जैन के घर पर छापेमारी की थी. इसे लेकर AAP सरकार और केंद्र आमने-सामने आ गए थे. AAP ने केंद्र पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया था. इसके बाद 2018 में पीडब्ल्यूडी मंत्रालय में भर्ती को लेकर गड़बड़ी के आरोप में भी CBI ने सत्येंद्र जैन के यहां छापेमारी की.


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