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केजरीवाल पुराने छह मंत्री ही रखेंगे या इन नए छह लोगों को मौक़ा देंगे?

अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बड़ी जीत हासिल की है. शपथ ग्रहण की तैयारी चल रही है. 16 फरवरी को होगा. केजरीवाल के लिए सबसे बड़ी मुश्किल अब शुरू होने वाली है. इस बार उनके लिए मंत्रिमंडल बनाना बहुत मुश्किल होने वाला है. सभी छह पूर्व मंत्री चुनाव जीत गए हैं. अरविंद के ख़ास दिलीप पांडे, आतिशी, राघव चड्ढा ने भी जीत हासिल की है. ये संगठन के बड़े नाम हैं.

दिल्ली में मुख्यमंत्री के इतर छह मंत्री बन सकते हैं. अरविंद केजरीवाल ने हमेशा से अपने मंत्रिमंडल में सोशल इक्वेशन साधने की कोशिश की है. केजरीवाल के मंत्रिमंडल में एक दलित, एक मुसलमान, एक महिला और पूर्वांचल का चेहरा देखने को मिला है. पद छह हैं. दावेदार कई.

कौन हैं मंत्री पद के दावेदार.

1.मनीष सिसोदिया: पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे. अरविंद केजरीवाल के बाद आम आदमी पार्टी में दूसरा बड़ा चेहरा हैं. दिल्ली के स्कूलों में रिफॉर्म लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है. जब केजरीवाल पंजाब चुनाव में व्यस्त थे, तो मनीष सिसोदिया ने सरकार और पार्टी दोनों की कमान संभाली. फिर से मंत्री बनाए जा सकते हैं.

Manish Sisodia Aap Patparganj
पटपड़गंज से क्लोज़ फाइट में जीते हैं मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो)

2. गोपाल राय: अरविंद केजरीवाल के सबसे विश्वसनीय. 2013, 2015 और 2020. केजरीवाल के साथ खड़े चेहरे बदलते रहे, लेकिन एक चेहरा हमेशा रहा. गोपाल राय का. पिछली सरकार में रोज़गार, विकास और श्रम जैसे मंत्रालय संभाल चुके हैं. आम आदमी पार्टी में पूर्वांचल का चेहरा भी हैं.

Gopal Rai
गोपाल राय जो शुरू से केजरीवाल के साथ खड़े हैं. फोटो: Gopal Rai Facebook

3. सत्येन्द्र कुमार जैन: केजरीवाल सरकार में हेल्थ, पॉवर, PWD जैसे मंत्रालय का जिम्मा उनके पास था. मोहल्ला क्लिनिक, पॉली क्लिनिक, और दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को लेकर जो काम हुआ है, उसका श्रेय सत्येंद्र जैन को जाता है. अन्ना आंदोलन के समय से ही केजरीवाल के साथ हैं.

अरविंद केजरीवाल के साथ सत्येंद्र जैन - फाइल फोटो
अरविंद केजरीवाल के साथ सत्येंद्र जैन – फाइल फोटो

4. कैलाश गहलोत: आम आदमी पार्टी में जाट चेहरा. कानून, ट्रांसपोर्ट, पर्यावरण जैसे मंत्रालय संभाल चुके हैं. नज़फ़गढ़ से जीत हासिल की है. दिल्ली की वो सीट, जहां से कोई पार्टी लगातार दो बार नहीं जीत पाई, लेकिन गहलोत ने उस ट्रेंड को बदल दिया.

Kailash Gahlot Aap Najafgarh
कैलाश गहलोत ने दूसरी बार नज़फगढ़ से चुनाव जीता है.

5. इमरान हुसैन: आम आदमी पार्टी सरकार में मुस्लिम चेहरा. खाद्य और आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं. 2015 में उन्होंने पहली बार जीत हासिल की थी. फिर विधायक बने हैं.

Imran Hussain Aap Ballimaran
बल्लीमारान से विधायक इमरान हुसैन (फाइल फोटो)

6. राजेन्द्र पाल गौतम: आम आदमी पार्टी में दलित चेहरा. अनुसूचित जाति-जनजाति मंत्रालय और सोशल वेलफेयर जैसे मंत्रालय इनके पास थे. 2015 में पहली बार जीत हासिल की थी.

Rajender Pal Gautam
सीमापुरी से विधायक राजेन्द्र पाल गौतम, आम आदमी पार्टा का दलित चेहरा हैं.

ये वो छह नाम हैं जो केजरीवाल सरकार में मंत्री थे. इसके अलावा इस चुनाव में कुछ ऐसे चेहरे जीत कर आए हैं जो मंत्री पद के संभावित दावेदार हैं.

आतिशी : 2013 से ही पार्टी से जुड़ी हुई हैं. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य हैं. दिल्ली के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है. स्कूलों में हैप्पीनेस कैरिकुलम की शुरुआत की. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार रह चुकी हैं. इस बार विधानसभा में AAP ने कालकाजी से टिकट दिया और आतिशी जीत गईं.

आतिशी ने कालकाजी विधासभा सीट से जीत हासिल की है.(फाइल फोटो)
आतिशी ने कालकाजी विधासभा सीट से जीत हासिल की है.(फाइल फोटो)

राघव चड्ढा: 2012 में राघव AAP की ड्राफ्टिंग कमेटी का हिस्सा रहे. सबसे युवा प्रवक्ता हैं. आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं. चड्ढा 2013 में AAP के घोषणापत्र का मसौदा तैयार करने वाली टीम का हिस्सा थे. वह पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं. चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं. लोकसभा चुनाव लड़ा दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र से. भाजपा के रमेश बिधूड़ी से हार गए. 2020 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र नगर सीट से जीत हासिल की है.

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राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के युवा चेहरा. पहली बार विधायक बने हैं. (फोटो-पीटीआई)

दिलीप पांडे: पहली बार विधायक बने हैं. 2012 से ही आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं. 2014 में आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक बने. 2017 के MCD चुनाव में बुरी तरह से हार के बाद इस्तीफा दे दिया था. बाद में वह फिर पार्टी में शामिल हो गए. 2019 लोकसभा चुनाव में केजरीवाल ने पांडे को उत्तर पूर्वी सीट से चुनाव लड़वाया. लेकिन वह बीजेपी के मनोज तिवारी से हार गए. इस बार तिमारपुर सीट से विधायक बने हैं.

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तिमारपुर सीट से विधायक चुने गए हैं दिलीप पांडे (फाइल फोटो)

सौरभ भारद्वाज: ग्रेटर कैलाश से तीसरी बार जीते हैं. 2013 में आम आदमी पार्टी की 49 दिनों की सरकार में मंत्री रह चुके हैं. दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता हैं. विधानसभा में EVM हैक करने की ट्रिक बताकर चर्चा में आए थे. मंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं.

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सौरभ भारद्वाज ने ग्रेटर कैलाश से तीसरी बार जीत हासिल की है. (फोटो-ट्विटर अकाउंट से)

इसके अलावा ओखला विधानसभा सीट से अमानतुल्ला खान ने बड़ी जीत हासिल की है. वहीं संजीव झा ने सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. बुराड़ी से. राजनीति में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को मंत्री के तौर पर इनाम देने की परंपरा रही है. इन दोनों नेताओं के नामों की भी चर्चा है. हालांकि ये भी खबरें आ रही हैं कि केजरीवाल अपने पुराने मंत्रियों को ही नए कैबिनेट में शामिल करेंगे.


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