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न्यूज़ चैनल में काम करनेवाले मनीष सिसोदिया दिल्ली के सबसे ताकतवर मंत्री कैसे बन गए?

नाम – मनीष सिसोदिया

विधानसभा सीट – पटपड़गंज

किसको हराया – रविंदर सिंह नेगी(लगभग तीन हज़ार वोटों से)

2015 के चुनाव में बीजेपी के विनोद कुमार बिन्नी को लगभग 29 हज़ार वोट से हराया था.

कहां के रहनेवाले हैं – पिलखुआ, हापुड़ (उत्तर प्रदेश)

पिछली सरकार में क्या थे – उपमुख्यमंत्री.

कौन-कौन से मंत्रालय संभाल रहे थे – फाइनेंस, रेवेन्यू, शिक्षा, प्लानिंग, टूरिज्म, लैंड एंड बिल्डिंग, महिला एवं बाल विकास, कला, संस्कृति एवं भाषा. वो सारे विभाग जो किसी मंत्री को नहीं दिए गए, मनीष सिसोदिया ही संभाल रहे थे.

क्यों शामिल किया जा रहा है – अरविंद केजरीवाल के पुराने दोस्त हैं. आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटें जीतकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. आप की इस जीत में अरविंद केजरीवाल के बाद जिस शख्स का नाम सबसे चर्चा में है, वो नाम केजरीवाल के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा यहां तक कहा जाता है कि अरविंद केजरीवाल परछाईं हैं, सरकार सिसोदिया ही चलाते हैं. आम आदमी पार्टी के बागी नेता और कवि कुमार विश्वास के अनुसार, कोई भी फाइल अरविंद केजरीवाल तक जाने से पहले मनीष के सामने से गुजरती है.

पिछली सरकार का काम – अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में बेहतरीन शिक्षा व्यवस्था के नाम पर वोट मांगे. शिक्षा मंत्रालय का काम मनीष सिसोदिया संभाल रहे थे.

मॉन्टेसरी पब्लिक स्कूल में कुमार विश्वास के क्लासमेट थे.

राजनीति में आने से पहले NGO चलाते थे. उससे पहले ज़ी न्यूज और ऑल इंडिया रेडियो में काम किया. ऑल इंडिया रेडियो पर ‘ज़ीरो ऑवर’ नामक उनका वीकली शो आता था.

ज़ी न्यूज में काम कर रहे थे. परिवर्तन नामक NGO की प्रेस रिलीज आई थी. मनीष सिसोदिया ने देखते ही रजिस्टर कर लिया. अगले दिन उनको NGO से कॉल आया. फोन के दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल थे. उसके बाद उनकी मुलाकात हुई और फिर दोनों अच्छे दोस्त बन गए. 2005 में नौकरी छोड़कर एक्टिविस्ट बन गए.

सूचना का अधिकार(RTI) कानून को देशभर में लागू करवाने का ख्याल मनीष सिसोदिया का ही था.

दिल्ली के भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है.


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