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एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को लोगों ने जिताया या हराया?

सीट का नाम- नाला सोपारा

कौन जीता-क्षितिज हितेंद्र ठाकुर

कितने वोटों से जीते-43729

किस पार्टी से हैं

बहुजन विकास आघाडी

दूसरे नंबर पर कौन रहा

प्रदीप रामेश्वर शर्मा, शिवसेना के प्रत्याशी

इस सीट पर जीत से ज्यादा हारने वाले प्रत्याशी की चर्चा है. हालांकि तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले क्षीतिज ठाकुर दो बार नालासोपारा के एमएलए रह चुके हैं. तीसरी बार उन्होंने जीत हासिल की है.

प्रदीप शर्मा ने स्वैच्छिक तौर पर रिटायरमेंट लिया था. अपनी 35 साल की पुलिस की सेवा के दौरान काफी सुर्खियों में रहे. प्रदीप शर्मा ने 150 से ज्यादा अपराधियों और आतंकियों के साथ एनकाउंटर किया. इस्तीफा देने के बाद से ही ये अटकलें तेज हो गई थीं कि वे जल्द ही राजनीति में आ सकते हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में शिवसेना के टिकट से चुनाव लड़ सकते हैं. इस्तीफा देने से पहले प्रदीप शर्मा ठाणे क्राइम ब्रांच में तैनात थे. वे ठाणे एंटी एक्सटॉर्शन सेल (एईसी) के प्रमुख थे. प्रदीप शर्मा को कुछ वर्षों के निलंबन के बाद दोबारा से बहाल किया गया था.

प्रदीप शर्मा.
प्रदीप शर्मा.

शिवसेना में शामिल होते हुए प्रदीप शर्मा ने कहा था कि बाल ठाकरे उन्हें अपने बेटे जैसा मानते थे. जब भी सर्विस में कोई दिक्कत आती थी तो साहब मदद करते थे. बात 90 के दशक की है. जब मुंबई में गैंगवार चरम पर था तब प्रदीप शर्मा, विजय सालसकर और दया नायक जैसे पुलिस अधिकारियों ने बदमाशों के एनकाउंटर किया था. लेकिन 2006 का लखन भैया एनकाउंटर प्रदीप शर्मा के गले की हड्डी बन गया था. इस मामले में शर्मा को जेल जाना तक पड़ा था. हालांकि बाद में उन्हें फिर से वर्दी मिल गई थी.

चुनाव के दौरान प्रदीप शर्मा ने अपनी और पत्नी की संपत्ति 36.21 करोड़ रुपये घोषित की थी. चुनाव के लिए नामांकन पत्र के साथ जमा हलफनामे में राज्य पुलिस सेवा के 1983 बैच के अधिकारी शर्मा ने अपनी चल संपत्ति 1.81 करोड़ रुपये और पत्नी की चल संपत्ति 14.02 करोड़ रुपये घोषित की थी. शर्मा ने अपनी कोई अचल संपत्ति घोषित नहीं की थी.

वहीं बहुजन विकास अघाड़ी का चुनाव चिन्ह है. सीटी. लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान जिला निर्वाचन विभाग ने एक नोटिस जारी किया किया था. कहा था कि प्रचार करते हुए पार्टी का चुनाव चिह्न सीटी न बजाया जाए. लोगों की शिकायत के बाद नोटिस जारी किया गया था.

पिछले चुनाव में क्या हुआ-

इस सीट पर वोटरों की संख्या 2,41,079 से अधिक है. शिवसेना के घोडा अर्जुन ने कांग्रेस उम्मीदवार गवित राजेंद्र को मात दी थी. पालघर में शिवसेना, कांग्रेस और बीजेपी के बीच फाइट हुई थी. यहां से 9 प्रत्याशी मैदान में थे और कुल वोटिंग 68.8 फीसदी हुई थी.

 


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