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आज़म खान ने पहले अंडरवियर वाली बात कही, फिर उससे भी छिछली बात कह दी

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सपा नेता आजम खान की भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी को लेकर बवंडर मच गया है. रामपुर से लखनऊ तक. लखनऊ से दिल्ली तक. हर तरफ आजम खान का विरोध शुरू हो गया है. उनकी टिप्पणी को महिला विरोधी बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर उनकी जमकर लानत-मलानत हो रही है. रामपुर में उनके खिलाफ एफआईआर की गई है. चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी है. महिला आयोग ने आजम खान को नोटिस जारी किया है. समाजवादी पार्टी ने सफाई दी है. सफाई आजम खान की ओर से भी आई है. बोले हैं कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है.

विवाद क्यों शुरू हुआ?
रामपुर लोकसभा क्षेत्र के शाहाबाद में 14 अप्रैल को समाजवादी पार्टी की एक रैली थी. जनसभा में पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद थे. उनकी मौजूदगी में आजम खान अपना भाषण दे रहे थे. आजम खान इशारे-इशारे में जयाप्रदा पर हमले बोलने लगे. उन्होंने कहा-

क्या राजनीति इतनी गिर जाएगी. 10 बरस जिसने रामपुर वालों का खून पिया…लहू पिया. जिसकी उंगली पकड़कर हम रामपुर में लेकर आए. रामपुर की गलियां…रामपुर की सड़कों पहचान कराई. किसी का कांधा नहीं लगने दिया उसके शरीर से…आप गवाही दोगे…उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे…मैं 17 दिन में पहचान गया…कि इनके नीचे का जो अंडरवियर है, वो खाकी रंग का है. मैं 17 दिन में पहचान गया.

खाकी रंग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS की पहचान है. RSS के स्वयंसेवक खाकी रंग का पैंट पहनते हैं. केंद्र की सत्ता संभाल रही भारतीय जनता पार्टी को RSS की राजनीतिक इकाई माना जाता है. पर अब लगता है कि आरएसएस को घेरने के चक्कर में आजम खान खुद मुसीबत में फंस गए हैं.

क्या बोले विरोधी?
इस बयान के बाद विरोधियों ने उनको घेरना शुरू कर दिया. विदेश मंत्री सुषमा ने ट्विटर पर लिखा,

‘मुलायम भाई, आप पितामह हैं समाजवादी पार्टी के. आपके सामने रामपुर में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा है. आप भीष्म की तरह मौन साधने की गलती मत करिए.’ उन्होंने ट्वीट में समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी की नेता और फिल्म अभिनेत्री जया भादुड़ी के साथ-साथ डिंपल यादव को भी टैग किया.’

शाहाबाद थाने में एफआईआर में क्या?
चुनाव आयोग ने पूरे मामले पर जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है. डीएम ने चुनाव के लिए खास तौर से बनाई गई वीडियो अवलोकल टीम के प्रभारी से इसकी जांच कराई. फिर शाहाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई. वी़डियो अवलोकन टीम के प्रभारी महेश कुमार गुप्ता की ओर से आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के साथ-साथ महिला पर आपत्तिजनकर टिप्पणी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. उन पर आईपीसी की धारा 509 (महिलाओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी) और धारा 125 के तहत पुलिस में FIR दर्ज कराई गई है. आजम खान पर नामांकन के बाद से अब तक 9 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. आजम इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के खिलाफ भी आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं.

महिला आयोग ने क्या कहा?
राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने मामले को खुद संज्ञान में लिया. और कहा कि,

‘वे हमेशा से महिलाओं के खिलाफ गंदी बातें करते रहे हैं. महिला राजनीतिज्ञ के खिलाफ दूसरी बार कुछ गलत बोला है. इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इस पूरे मामले को चुनाव आयोग को लिखा है. जिससे उन्हें सबक मिल सके. महिलाएं सेक्स ऑब्जेक्ट नहीं हैं. मुझे लगता है कि महिला मतदाताओं को ऐसे लोगों को मतदान करने से पहले सोचना चाहिए.’

सोशल मीडिया पर आलोचना
आजम के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग जमकर उनकी आलोचना कर रहे हैं. उनके खिलाफ ट्वीट की बाढ़ आ गई. लोग उनके बयान को बेतुका और महिलाओं के प्रति असंवेदनशील बता रहे हैं.

आजम की सफाई भी आ गई
बाद में पूरे बयान पर आजम खाने की ओर से सफाई भी आई. इसमें उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया. उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. आजम ने कहा,

‘मैं रामपुर से नौ बार विधायक और कई बार मंत्री रहा हूं. मैं दिल्ली के एक व्यक्ति का जिक्र कर रहा था. जिसने कहा था- मैं 150 राइफलें लेकर आया था और अगर मैंने आजम खान को देखा होता तो गोली मार देता. उसके बारे में बात करते हुए मैंने कहा था कि लोगों को जानने में काफी समय लग गया. बाद में पता चला कि वो आरएसएस की नेकर पहने हुए था. मैंने किसी का नाम नहीं लिया है. मुझे पता है कि मुझे क्या कहना चाहिए और क्या नहीं. अगर कोई साबित कर दे कि मैंने किसी का नाम कहीं भी लिया है और किसी का अपमान किया है, तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा.’

हालांकि इसमें भी आजम खान की बेशर्मी ही सामने आई. उन्होंने कोई गलती मानने के बजाय बात का रुख दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश की. जबकि अपने भाषण में वे साफ-साफ कह रहे थे कि किसी का कांधा नहीं छूने दिया. रामपुर की गलियां दिखाईं. जाहिर है वे जयाप्रदा की ही बात कर रहे थे.

समाजवादी पार्टी ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि उनको ऐसी टिप्पणी से बचना चाहिए था. साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को घेरते हुए उन्होंने लिखा कि ‘चीरहरण, आपके कई चौकीदार समाजवादी महिलाओं का सोशल मीडिया पर कर ही रहे हैं. और हर मंच से करते ही रहते हैं. आप तो हम सबकी राजनैतिक प्रेरणा कभी हुआ करती थीं. चुप्पी आपकी अकसर खलती है. तटस्थता की गलती आप न ही करिए सुविधानुसार. अखिलेश यादव तो नहीं ही करते हैं. इस ट्वीट के जरिए जूही ने अपने खिलाफ की जा रही टिप्पणियों का जिक्र किया.

जयाप्रदा भी लगातार हमलावर
जयाप्रदा रामपुर से भाजपा की उम्मीदवार हैं. वे जिस दिन से प्रत्याशी घोषित हुई हैं उसी दिन से लगातार सपा प्रत्याशी आजम खान के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. 13 अप्रैल को ही जयाप्रदा ने आजम खान पर हमला बोलते हुए कहा था कि जिसको हमने भाई कहा, उसने मुझे नाचने वाली कहा. आजम खान ने मुझे हमेशा जलील किया, हमेशा मेरा अपमान किया था. आजम खान मेरी बलि दे सकते हैं. ये इंसान होश में नहीं है, ये कुछ भी कर सकता है. जयाप्रदा ने एक बार फिर अपने बयान में कहा कि आजम खान क्या आजम खाने के घर में महिलाएं नहीं है. उनको चुनाव लड़ने से रोका जाए.

बहरहाल रामपुर के चुनाव में दोनों ओर से तल्खी बढ़ती जा रही है. फिलहाल तो नौ बार के विधायक आजम खान बड़ी मुसीबत में फंस चुके हैं. वे भले कहें कि उन्होंने जयाप्रदा के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की. उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर जबरदस्त हमले बोले जा रहे हैं. पूरे मामले को चुनाव आयोग ने भी गंभीरता से लिया है.


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