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महाराष्ट्र के बाद झारखंड से भी बीजेपी गायब हो गई है!

झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर पांच चरणों में चुनाव हुए. पहले चरण का चुनाव 30 नवंबर को हुआ था. वहीं पांचवे और अंतिम चरण की वोटिंग 20 दिसंबर को हुई. चुनाव के रुझान 23 दिसंबर की सुबह 8 बजे से आने शुरू हो गए थे.  अब तक आए रुझानों में जेएमएम और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनती दिख रही है.

शाम 7:40  बजे तक के नतीजे

बीजेपी: 10 सीट जीतकर, 16 सीटों पर आगे चल रही है.
आजसू: 1 सीट जीतकर, 1 सीट पर आगे चल रही है.
जेवीएम: 3 सीटों पर आगे चल रही है.
जेएमएम और कांग्रेस गठबंधन : 18 सीट जीतकर, 27 सीटों पर आगे चल रही है.
अन्य: 1 पर जीत और 2 सीटों पर आगे

2014 में क्या हुआ था?

2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 37 सीटों पर जीत हासिल की थी. पार्टी को बहुमत से 5 सीटें कम मिली थीं. इस कमी को आजसू यानी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन ने पूरा किया. राज्य में बीजेपी और आजसू गठबंधन की सरकार बन गई. दोनों पार्टियों ने पांच साल तक सरकार चलाई. रघुवर दास झारखंड के पहले ऐसे सीएम बने जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. राज्य में पहली बार किसी सरकार ने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. रघुवर दास ने इसे अपनी कामयाबी बताई. स्थिर सरकार को फिर से वोट देने के अपील की.

2019 चुनाव से पहले

चुनाव से पहले ‘घर-घर मोदी’ की तर्ज पर बीजेपी ने घर-घर रघुवर का नारा दिया गया. बीजेपी ने राज्य की 81 में से 65 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा. चुनाव नज़दीक आए तो आजसू ने ज्यादा सीटों की मांग की. लेकिन बीजेपी नहीं मानी और अंत में दोनों पार्टियों की राहें जुदा हो गई. सुदेश महतो की पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का एलान कर दिया. पार्टी ने 50 से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे. वहीं बीजेपी ने 79 सीटों पर अपने कैंडिडेट खड़े किए. बीजेपी ने सुदेश महतो की सीट सिल्ली से अपना प्रत्याशी नहीं उतारा. राजनीति के जानकारों ने इसे फ्रेंडली फाइट बताया. चुनाव के बाद जरूरत पड़ने पर बीजेपी और आजसू फिर साथ आ सकते हैं. ऐसी बातें कही गईं. विपक्ष ने भी आजसू को बीजेपी की बी टीम बताते हुए रैलियों में हमला किया.

दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी ने गठबंधन में चुनाव लड़ा. जेएमएम ने 43, कांग्रेस ने 31 और आरजेडी ने 7 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे. हेमंत सोरेन गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं.

झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा को पहले जेएमएम, कांग्रेस,आरजेडी गठबंधन में शामिल करने की बात हो रही थी, लेकिन बात नहीं बनी और जेवीएम ने 81 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए. इसके अलावा एनडीए की सहयोगी पार्टियों एलजेपी और जेडीयू ने भी अकेले चुनाव लड़ा.


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