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बड़कागांव: पिता-मां के बाद अब बेटी अंबा विधायक बनने को तैयार?

सीट-बड़कागांव

प्रत्याशी:
अंबा प्रसाद (कांग्रेस)
लोकनाथ प्रसाद (भाजपा)
रोशन चौधरी (आजसू)
दुर्गा चरण प्रसाद (झाविमो)
मिथिलेश कुमार डांगी (भाकपा)


कांग्रेस की अंबा प्रसाद ने आजसू के रोशन लाल चौधरी को 31514 वोटों से हरा दिया हैं.


बड़कागांव सीट जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन के तहत कांग्रेस के खाते में गई थी. कांग्रेस ने यहां से अंबा प्रसाद को टिकट दिया था. अंबा के पिता योंगेंद्र साव 2009 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक और फिर मंत्री बने थे. हालांकि उन्हें जेल जाना पड़ा. फिर मां निर्मला देवी 2014 में कांग्रेस के ही टिकट पर विधायक बनीं. पुलिस ने इनको तड़ीपार किया. 2019 के विधानसभा चुनाव में बेटी मैदान में है. यानी पहले पिता फिर मां और अब बेटी यहां से चुनाव लड़ रही है.

2013 में हेमंत सोरेन की सरकार में अंबा प्रसाद के पिता कृषि मंत्री थे. योगेंद्र साव पर 24 मुकदमें चल रहे हैं. रामगढ़ स्पंज आयरन फैक्ट्री से रंगदारी मांगने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट की सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें जमानत देने के इंकार कर दिया था. वहीं एक अक्टूबर 2016 में उन्होंने एनटीपीसी की ओर से अधिग्रहित की गई ज़मीन के मुआवजे में बढ़ोत्तरी के लिए कफ़न आंदोलन किया. इस आंदोलन में पुलिस फायरिंग हुई और चार लोग मारे गए. झारखंड में लोग इसे बड़कागांव गोलीकांड के नाम से जानते हैं. आंदोलन में योगेंद्र साव की पत्नी और विधायक निर्मला देवी भी शामिल थीं. इस मामले में भी मुकदमा चल रहा है. जहां 4.25 लाख प्रति एकड़ (रैयत जमीन) मुआवजा मिल रहा था, गोलीकांड के बाद 20 लाख प्रति एकड़ मिलने लगा.

इस चुनाव में अंबा प्रसाद का मुकाबला आजसू प्रत्याशी रोशन लाल चौधरी से है. भाजपा ने लोकनाथ महतो को मैदान में उतारा है. यहां पर राहुल गांधी ने रैली की थी. अंबा एमबीए, बीबीए, लॉ की पढ़ाई कर चुकी हैं. दि प्रिंट से बातचीत में उन्होंने कहा था कि पापा के जेल जाने से पहले मैं दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रही थी. इस बीच मां पर भी राजनीतिक साजिश के तहत मुकदमें लाद दिए गए. इन सब स्थितियों के बीच मुझे पढ़ाई बीच में ही छोड़ कर अपने घर वापस लौटना पड़ा. पहले तो दिल्ली की दौड़ लगाती रही.

राहुल गांधी से मुलाकात की, उनसे कानूनी मदद मुहैया कराने का अनुरोध किया. उन्होंने मुझे ध्यान से सुना और कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी जैसे वकीलों से मदद करने को कहा. पापा का सपना था कि राहुल गांधी को वह अपने इलाके में एक बार लेकर आएं, उनका यह सपना मैंने पूरा किया. 9 दिसंबर को राहुल गांधी ने बड़कागांव में अंबा सहित कई अन्य कांग्रेसी प्रत्याशियों के लिए जनसभा की.


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