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हिमाचल 2017: नादौन में बीजेपी और वीरभद्र मिलकर भी इस कांग्रेसी को नहीं हरा पाए

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भले पूरी तरह गुजरात विधानसभा चुनाव में व्यस्त रहे हों, लेकिन नतीजे हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से भी रोचक आ रहे हैं. दी लल्लनटॉप आप तक पहुंचा रहा है गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे. हिमाचल, जहां बीजेपी के प्रेम कुमार धूमल और कांग्रेस के वीरभद्र सिंह के बीच सीधी टक्कर है. जुड़े रहिए.

विधानसभा सीट: नादौन (सीट नंबर 40)
जिला: हमीरपुर
लोकसभा सीट: हमीरपुर

2017 विधानसभा चुनाव का नतीजा

2017 विधानसभा चुनाव में नादौन सीट पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीजेपी के विजय अग्निहोत्री को 2,349 वोटों से हराया.

1. सुखविंदर सिंह सुक्खू (कांग्रेस) – 30,980 वोट
2. विजय अग्निहोत्री (बीजेपी) – 28,631 वोट
3. लेखराज लेखा (निर्दलीय) – 1,875 वोट


सीट की डीटेल

नादौन ऐतिहासिक रूप से समृद्ध, लेकिन विकास की निगाह से पिछड़ा दिखता है. हालांकि, इसका एक कारण ये भी है कि इस इलाके में गांव बहुत हैं. लोग मुख्यत: खेती पर निर्भर हैं. यहां रेलवे स्टेशन नहीं है, ट्रेन के लिए 24 किमी दूर अंदौरा जाना पड़ता है. बुल्ले शाह के लिखे में नादौन का ज़िक्र मिलता है. 2012 के चुनाव में इस सीट पर बीजेपी को 15 साल बाद जीत मिली थी. पिछले पांच सालों में राज्य में पार्टी की कमान को लेकर सीएम वीरभद्र और प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के बीच खूब खींचतान हुई.

नादौन में पहला चुनाव 1967 में हुआ था, जिसमें निर्दलीय बाबूराम जीते थे. 1972 में बाबूराम कांग्रेस के टिकट पर जीते. 1977 में कांग्रेस के नरेन चंद जीते. 1982 में बीजेपी के धानी राम जीते. 1985 में कांग्रेस के प्रेमदास पखरोलवी जीते. 1990 और 1993 में कांग्रेस के नरेन चंद पराशर जीते. 1998 में बीजेपी के बाबूराम मंडियाल जीते. 2003 और 2007 में कांग्रेस के सुखविंदर सिंह सुक्खू जीते. 2012 में बीजेपी के विजय अग्निहोत्री जीते.

नादौन सीट से कोई बड़ा नेता

हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष होने की वजह से सुखविंदर सिंह सुक्खू इस सीट के सबसे बड़े नेता हैं. चुनाव की घोषणा से पहले सुक्खू और सीएम वीरभद्र के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान हुई थी. वीरभद्र कांग्रेस का चेहरा थे, जबकि राहुल गांधी सुक्खू को आगे बढ़ा रहे थे. जब वीरभद्र ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया, तो आखिरकार उन्हें चेहरा घोषित किया गया. अगस्त 2017 में वीरभद्र ने सुक्खू के लिए कहा था, ‘पार्टी में अनुशासन बनाना अध्यक्ष का काम है. उन्हें देखना चाहिए कि वो अपना दायित्व निभा भी रहे हैं या नहीं.’ हालांकि, कैमरे के सामने सुक्खू इन बातों को तरजीह देते नहीं दिखते और वीरभद्र के प्रति सम्मान जताते हैं.

हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू
हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू

2012 विधानसभा चुनाव का परिणाम

2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 70.76 फीसदी वोटिंग हुई थी, जिसमें बीजेपी के विजय अग्निहोत्री ने कांग्रेस के सुखविंदर सिंह सुक्खू को 6,750 वोटों से हराया था.

1. विजय अग्निहोत्री (बीजेपी): 31305 वोट (54.97%)
2. सुखविंदर सिंह सुक्खू (कांग्रेस): 24555 वोट (43.12%)
3. बाबूराम मंडियाल (एचएलपी): 1,090 वोट (1.91%)

2017 विधानसभा चुनाव में ये उम्मीदवार थे

कांग्रेस ने इस सीट पर प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू को उतारा था. वीरभद्र सिंह का ये आखिरी चुनाव माना जा रहा था, ऐसे में सुक्खू के 2022 के रास्ते के लिहाज़ से ये चुनाव महत्वपूर्ण था. सुक्खू हिमाचल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं.

वीरभद्र सिंह के साथ सुखविंदर सिंह सुक्खू
वीरभद्र सिंह के साथ सुखविंदर सिंह सुक्खू

बीजेपी ने इस सीट पर अपने मौजूदा विधायक विजय अग्निहोत्री को टिकट दिया था. ये भी छात्र-राजनीति से आए हैं. इनका सफर ABVP से शुरू हुआ था. सितंबर 2017 में वीरभद्र सिंह का पुतला फूंकते समय इनकी नादौन SHO के साथ धक्का-मुक्की हुई थी, जिसके बाद काफी बवाल हुआ था.

बीजेपी नेता विजय अग्निहोत्री
बीजेपी नेता विजय अग्निहोत्री

निर्दलीय कैंडिडेट लेखराज शर्मा भी चर्चा में थे, जो बीजेपी छोड़कर चुनाव मैदान में उतरे थे. इनकी पत्नी पंचायत प्रधान हैं और इन्होंने जिला परिषद का चुनाव जीता था.

2017 चुनाव में जीत / हार के तीन फैक्टर्स

1. पार्टी के अध्यक्ष हैं, तो संगठन पर पकड़ थी. ऐसे में सुक्खू अपना चुनाव तो निकाल ही ले गए.
2. बीजेपी के बागी कैंडिडेट लेखराज शर्मा का फायदा सुक्खू को हुआ. लेखराज को 1,875 वोट मिले, जबकि सुक्खू 2,349 वोटों से चुनाव जीते हैं.


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