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हिमाचल में बीजेपी के वो बड़े चेहरे, जो मोदी लहर के बावजूद हारे

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#1 प्रेमकुमार धूमल

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सीट- सुजानपुर, हमीरपुर

इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम है खुद प्रेम कुमार धूमल का. वो हमीरपुर में सुजानपुर सीट पर रजिंदर सिंह राणा से हार गए हैं. माना जा रहा है कि धूमल को ये हार उनकी सीट बदलने के चलते मिली है. अभी तक धूमल हमीरपुर सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं. मगर उन पर ये आरोप लगता रहा है कि रजिंदर को धूमल हर बार वॉकओवर दे देते थे. अब पार्टी ने इस बार धूमल को सुजानपुर से लड़वा कर रजिंदर के आमने-सामने कर दिया.

सुजानपुर की इस सीट पर देर रात तक रिजल्ट घोषित नहीं किया गया क्योंकि धूमल ने रिकाउंटिंग की गुजारिश की थी. साथ ही पोस्टल वैलेट से आए मतों की गिनती में भी देरी हुई.
आखिरकार ये खबर आ गई कि प्रेमकुमार धूमल 1919 मतों से चुनाव हार गए हैं. 

रजिंदर राणा को मिले वोट- 25288

धूमल को मिले कुल वोट- 23369

#2 सतपाल सिंह सत्ती

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सीट- ऊना
ऊना में अभी सबसे बड़े नेता सतपाल सिंह सत्ती ही हैं. वो हिमाचल बीजेपी के अध्यक्ष हैं और 2003 से लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं. इनके चुनाव के लिए पार्टी ने चंडीगढ़ बीजेपी के अध्यक्ष संजय टंडन को ऊना का प्रभारी बनाया था. जनवरी 2016 में सत्ती तीसरी बार हिमाचल बीजेपी के अध्यक्ष चुने गए थे और इसी के साथ वो बीजेपी के इतिहास में सबसे ज्यादा वक्त तक राज्य अध्यक्ष बनने वाले नेता बने. ये कॉलेज में जेपी नड्डा के साथ पढ़ते थे.

सतपाल सिंह रायजादा (जीते) – 31360

सतपाल सिंह सत्ती (हारे)- 28164

अंतर- 3196
 

#3 इंदु गोस्वामी 

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सीट- पालमपुर

जिला- कांगड़ा

भाजपा ने पहले अपने पूर्व विधायक प्रवीण कुमार का टिकट काटा जो शांता कुमार का पसंदीदा उम्मीदवार था, फिर इंदु गोस्वामी को टिकट देकर हैरान किया. इंदु हिमाचल महिला आयोग की अध्यक्ष रही हैं और प्रधानमंत्री मोदी की करीबी मानी जाती हैं. मगर इंदु को पालमपुर के बृज बिहारी बुटैल के बेटे आशीष बुटैल ने  हरा दिया है. एक टाइम तक इंदु को मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी बताया जाने लगा था.

आशीष बुटेल (जीते)- 24252 वोट
इंदु गोस्वामी (हारीं)- 19928 वोट
अंतर- 4324 वोट

#4 महेश्वर सिंह 

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सीट- कुल्लू

जिला- कुल्लू

कुल्लू के राज परिवार से ताल्लुक रखने वाले महेश्वर ने साल भर पहले बीजेपी जॉइन की थी. पिछले चुनाव में अपनी हिमाचल लोकहित पार्टी बनाकर बीजेपी के ही राम लाल को हराया था. कुल्लू दशहरे का आयोजन भी यही परिवार करता है और यहां लोग इन्हें काफी मानते हैं.

सुंदर सिंह ठाकुर (जीते)- 31423 वोट
महेश्वर सिंह (हारे)- 29885 वोट
अंतर- 1538 वोट

#5 रविंद्र सिंह रवि 

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सीट- देहरा

जिला- कांगड़ा

भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री रहे रविंद्र रवि को भी हार मिली है. रवि भाजपा सरकार में कई बार मंत्री पद पर रहे हैं और जीत के दावेदारों में भी शामिल थे. मगर यहां निर्दलीय नेता होशियार सिंह ने उन्हें हरा दिया.

होशियार सिंह (जीते)- 24206 वोट
रविंद्र सिंह रवि (हारे)- 20292 वोट
अंतर- 3914 वोट

#6 गुलाब सिंह ठाकुर

Gulab Singh Thakur, P.W.D. Minister addresses media persons in Shimla on Tuesday. Photo by Amit Kanwar

सीट: जोगिंदरनगर
जिला: मंडी

इस सीट पर सबसे बड़ा नाम गुलाब सिंह ही है. ये दोनों पार्टियों में रह चुके हैं और सात बार विधायकी जीत चुके हैं. साथ ही, पिछले दो बार से गुलाब विधायक हैं. ये 70 साल के हैं. 2017 से पहले ये 10 चुनाव लड़ चुके थे, जिसमें सात में जीते और दो बार हारे थे. 2017 के चुनाव को इन्होंने अपना आखिरी चुनाव घोषित किया था. ये विधानसभा स्पीकर, रेवेन्यू मंत्री और PWD मंत्री रह चुके हैं. इनकी बेटी की शादी प्रेम कुमार धूमल के बेटे और हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर से हुई है.

प्रकाश राणा (निर्दलीय) – 30,174
गुलाब सिंह ठाकुर (भाजपा) – 23,334
अंतर- 7,775


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