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गुजरात चुनाव में वो वोटिंग खत्म हो गई है, जिसके बारे में आपको नहीं पता

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गुजरात में अगली सरकार तय करने के लिए 9 और 14 दिसंबर को वोट डाले जाने हैं. लेकिन उससे पहले से ही गुजरात में वोटिंग की प्रकिया शुरू हो गई थी, जो 6 दिसंबर को खत्म हो गई है. जी, ये बिल्कुल सही बात है. वोटिंग खत्म हुई है और वो भी असली वाली ही वोटिंग है, कोई नकली या वोटिंग का ट्रायल वर्जन नहीं है.

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भरूच और अहमदाबाद समेत कई जिलों में पुलिसवालों ने वोट दिए. (फोटो : TOI)

असल में गुजरात की आम जनता तो 9 और 14 दिसंबर को ही वोट करेगी. जनता की वोटिंग के दौरान बूथ, वोटरों और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस और सेना के जवान तैनात किए जाते हैं. अब जो पुलिसवाले 9 और 14 को ड्यूटी में रहेंगे, वो वोट नहीं डाल पाएंगे. ऐसे में चुनाव आयोग ने उनके लिए खास तौर पर वोटिंग की व्यवस्था की थी. पुलिसवालों के लिए सबसे पहले वोटिंग 29 नवंबर को ही शुरू हो गई थी. इसकी शुरुआत भरूच जिले से हुई थी. यहां पर वोटर भी पुलिसवाले ही थे और प्रोसिडिंग ऑफिसर (जिनके पास वोटिंग करवाने का अधिकार होता है) भी पुलिसवाले ही थे. 4 दिसंबर को अहमदाबाद में वोटिंग शुरू हुई, जो 6 दिसंबर को खत्म हुई. इस वोटिंग में करीब 13500 सिपाही और अधिकारी शामिल हुए थे.

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कहीं भी वोट हो, सबसे पहले पुलिसवाले ही वोट डालते हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

इन पुलिसवालों ने ईवीएम नहीं बैलेट पेपर से वोट दिया था. जो लोग 9 और 14 दिसंबर को वोट देंगे, उनकी गिनती 18 दिसंबर को होगी. लेकिन जिन पुलिसवालों ने वोटिंग की है, उनके मतों की गिनती पहले ही हो जाएगी.


वीडियो में देखिए वो चुटकुले, जो यूपी के सीएम ने गुजरात में सुनाए हैं

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Gujarat : Police personnel caste their vote with ballot paper in district headquarters in Gujarat before election

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