Submit your post

Follow Us

गुजरात में हारे कांग्रेस के वो बड़े नेता जिन पर राहुल गांधी को बहुत भरोसा था

1
शेयर्स

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे आ गए हैं. नरेंद्र मोदी की लीडरशिप वाली बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिल चुका है. पार्टियों की इस जीत-हार के अलावा कुछ बड़े उलटफेर भी हुए हैं. राहुल गांधी की अध्यक्षता वाली कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में अपने जिन बड़े नेताओं को लेकर बड़े-बड़े प्लान बना रही थी, वो अपनी सीट तक नहीं बचा सके हैं. कांग्रेस के ऐसे ही 3 बड़े नेताओं का हाल कुछ ऐसा रहाः

शक्तिसिंह गोहिल

तस्वीर में जिस शख्स ने संतरी रंग की पगड़ी पहनी हुई है, वही हैं शक्तिसिंह गोहिल. अगर कांग्रेस गुजरात जीतकर सरकार बनाती, तो गोहिल ही बनते मुख्यमंत्री. राहुल गांधी के करीबियों में गिनती होती है गोहिल की.
ऑरेंज पगड़ी में यहां दिख रहे शक्तिसिंह गोहिल मुख्यमंत्री बनते अगर कांग्रेस गुजरात जीतकर सरकार बनाती.

क्यों हैं बड़े नेता: राहुल गांधी के करीबी, उप-चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को हराया था.
सीट: मांडवी (कच्छ)
किसने हरायाः बीजेपी के वीरेंद्रसिंह जडेजा ने.
कितने वोटों सेः 9,046 वोटों से 
क्यों हारे शक्ति सिंहः
– नई सीट थी. भावनगर रूरल से चुनाव लड़ते थे. उप-चुनाव में अबडासा सीट से खड़े हुए थे.
– कच्छ में नर्मदा का पानी पहुंचने की वजह से लोग बीजेपी से खुश थे.
– वीरेंद्रसिंह जडेजा स्थानीय उम्मीदवार थे. इससे बीजेपी को फायदा हुआ.


अर्जुन मोडवाडिया

अर्जुन मोदवाडिया शायद ओवर कॉन्फिडेंट हो गए थे. उन्होंने जैसे अपनी जीत तय मान ली थी. तभी उनका ज्यादा समय राहुल के साथ बीता. प्रचार करने में पीछे रह गए.
अर्जुन मोडवाडिया शायद ओवर कॉन्फिडेंट हो गए थे. उनका ज्यादा समय राहुल के साथ बीता.

क्यों हैं बड़े नेता: गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं.
सीट: पोरबंदर
किसने हरायाः बीजेपी के बाबूभाई बोखिरिया ने.
कितने अंतर सेः 1,855 वोटों से
क्यों हारे मोडवाडियाः
– प्रचार पर ध्यान नहीं दिया. राहुल के साथ टाइम बिताने में ज्यादा व्यस्त रहे.
– बाबू बोखिरिया बहुत लोकप्रिय हैं. लोगों के बीच वे ज्यादा वक्त बिताते हैं.
– पाटीदार नहीं हैं यहां. जहां पाटीदार नहीं थे, वहां बीजेपी के खिलाफ ज्यादा माहौल नहीं था.
– बीजेपी की कुछ बड़ी योजनाओं के कारण लोग खुश थे.
– बीजेपी का बूथ मैनेजमेंट बहुत अच्छा रहा.
– जाति और धर्म, दोनों ही तरीके से वोटों का ध्रुवीकरण हुआ.


सिद्धार्थ पटेल

सिद्धार्थ पटेल की सबसे बड़ी पहचान ये है कि वो पूर्व मुख्यमंत्री चिमनभाई पटेल के बेटे रहे हैं. इस तरह की पहचान के दम पर चुनाव जीत पाना कई बार बड़ा मुश्किल साबित होता है.
सिद्धार्थ पटेल.

क्यों हैं बड़े नेता: गुजरात के पूर्व-मुख्यमंत्री चिमनभाई पटेल के बेटे हैं.
सीट: दाभोई
किसने हरायाः बीजेपी के शैलेश सोट्टा ने.
कितने अंतर सेः 2,839 वोटों से
क्यों हारे सिद्धार्थः
– बीजेपी ने वोटों का ध्रुवीकरण किया जिसका शैलेश को फायदा हुआ.
– सिद्धार्थ पटेल की सबसे बड़ी पहचान है कि वे चिमनभाई पटेल के बेटे हैं और यही उनके लिए माइनस पॉइंट भी रहा. उनका दायरा कभी इससे ज्यादा नहीं बढ़ पाता.


Video: नरेंद्र मोदी की लाइफ की पूरी कहानी देखें

Video: पहली बार विधायक बना यह शख्स सीधा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंच गया

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Gujarat Election Result 2017: Big congress leaders close to Rahul Gandhi who lost their assembly seats in Gujarat

चुनाव 2018

कमल नाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, कैबिनेट में ये नाम हो सकते हैं शामिल

कमल नाथ पहली बार दिल्ली से भोपाल की राजनीति में आए हैं.

राजस्थान: हो गया शपथ ग्रहण, CM बने गहलोत और पायलट बने उनके डेप्युटी

राहुल गांधी, मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के ज्यादातर बड़े नेता जयपुर के अल्बर्ट हॉल पहुंचे हैं.

मायावती-अजित जोगी के ये 11 कैंडिडेट न होते, तो छत्तीसगढ़ में भाजपा की 5 सीटें भी नहीं आती

कांग्रेस के कुछ वोट बंट गए, भाजपा की इज़्ज़त बच गई.

2019 पर कितना असर डालेंगे पांच राज्यों के चुनावी नतीजे?

क्या मोदी के लिए परेशानी खड़ी कर पाएंगे राहुल गांधी?

क्या अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए अपनी गोटी सेट कर ली है

लेकिन सचिन पायलट का एक दाव अशोक गहलोत को चित्त कर सकता है.

मोदी सरकार के लिए खतरे की घंटी क्यों हैं ये नतीजे?

आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो पांच राज्यों में भाजपा को क्यों लगेगा जोर का झटका?

भंवरी देवी सेक्स सीडी कांड से चर्चित हुई सीटों पर क्या हुआ?

इस केस में विधायक और मंत्री जेल में गए.

क्या शिवराज के कहने पर कलेक्टरों ने परिणाम लेट किए?

सोशल मीडिया का दावा है. जानिए कि परिणामों में देरी किस तरह हो जाती है.

राजस्थान चुनाव 2018 का नतीजा : ये कांग्रेस की हार है

फिनिश लाइन को पार करने की इस लड़ाई में कांग्रेस ने एक बड़ा मौका गंवा दिया.

बीजेपी को वोट न देने पर गद्दार और देशद्रोही कहने वाले कौन हैं?

जनता ने मूड बदला तो इनके तेवर बदल गए और गालियां देने लगे.