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दिल्ली चुनाव: नतीजे वाले दिन शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने मुंह पर पट्टी क्यों बांधी?

दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई नेताओं ने शाहीन बाग प्रोटेस्ट का जिक्र किया था. गृहमंत्री अमित शाह ने तो ये तक कह दिया था कि चुनाव के दिन इतनी ज़ोर से बटन दबाना कि करंट से शाहीन बाग वाले उठकर चले जाएं. खैर, ये जानना जरूरी है कि जिस जगह को लेकर चुनाव में इतना बवाल मचाने की कोशिश हुई, वहां नतीजे वाले दिन क्या हुआ?

जवाब है, उस दिन मौन रखा गया. प्रदर्शनकारियों ने अपना मैसेज देने के लिए चुप्पी साधने का रास्ता अपनाया.

11 फरवरी के दिन, जहां दिल्ली के बाकी इलाकों में चुनाव के नतीजों को लेकर हंगामा मचा हुआ था, शाहीन बाग का नजारा कुछ और ही था. सुबह से ही प्रदर्शनकारियों ने अपने मुंह पर पट्टी बांध ली थी. कुछ न बोलने का फैसला कर लिया था. कोई नारेबाजी नहीं हो रही थी. प्रदर्शन तो हो रहा था, लेकिन वो मौन प्रदर्शन था. लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था,

आज मौन प्रदर्शन है. हम पुलिस की निर्दयता के खिलाफ हैं. हम किसी राजनीतिक पार्टी को सपोर्ट नहीं करते.

इसके अलावा भी लोगों के हाथ में कई तख्तियां थीं, जिनमें CAA, NRC, जामिया और तुगलकाबाद में हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में मैसेज लिखे हुए थे.

Shaheen Bagh Silent Protest 2
11 फरवरी को शाहीन बाग में मौन प्रदर्शन करती महिलाएं. बोर्ड पर लिखा भी है कि किसी पार्टी का सपोर्ट नहीं करते. फोटो- PTI.

जामिया में पिछले दिनों CAA और NRC को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे. पुलिस ने लोगों को कंट्रोल करने के लिए बल प्रयोग किया था. 10 फरवरी को दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में भी CAA-NRC को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा था, वहां भी पुलिस ने लोगों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया था.

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 फरवरी को जब पत्रकार शाहीन बाग पहुंचे, तो प्रदर्शनकारियों ने उन प्लकार्ड की तरफ इशारा किया, जिन पर मौन प्रदर्शन की बात लिखी हुई थी. बस ‘न’ में सिर हिलाकर बात करने से पूरी तरह मना कर दिया.

प्रदर्शन वाली जगह से थोड़ी दूर एक आदमी ने मीडिया से बात की. कहा,

आप शूट कर सकते हैं, तस्वीरें ले सकते हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी आपसे बात नहीं करेंगे, क्योंकि शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा सकता है. ये प्रदर्शन किसी राजनीतिक पार्टी का सपोर्ट या विरोध करने के लिए नहीं है. हम नहीं चाहते कि किसी को आज गलत मैसेज जाए. हम न जीतने वालों को और न ही हारने वालों को खुद से चालाकी करने देंगे.’

Shaheen Bagh Silent Protest
मौन विरोध प्रदर्शन की एक और तस्वीर. सोर्स- PTI.

शाहीन बाग में रहने वाले एक व्यक्ति ने मौन प्रदर्शन को सपोर्ट किया. कहा,

अच्छा है कि प्रदर्शनकारियों ने आज कुछ न बोलने का फैसला किया है. हमारा मूवमेंट राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं है. किसी भी राजनेता ने हमसे बात नहीं की. लोकतंत्र में हमें किसी न किसी को वोट देना होता है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि उस पार्टी के हर काम को हम सपोर्ट करें.

खैर, शाहीन बाग इलाका ओखला विधानसभा सीट में आता है. यहां से आम आदमी पार्टी (AAP) के अमानतुल्लाह खान को जीत मिली है. वो ओखला के सीटिंग विधायक भी हैं. इस चुनाव में अमानतुल्लाह का मुकाबला BJP के ब्रह्म सिंह से था.


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