Submit your post

Follow Us

दिल्ली चुनाव: कांग्रेस के वो तीन उम्मीदवार जिन्होंने अपनी ज़मानत बचा ली

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020. एक बार फिर AAP को जीत मिली, BJP के हिस्से 8 सीटें आईं, कांग्रेस के साथ वही हुआ, जो पिछले चुनाव में हुआ था, यानी 0 सीटें. पार्टी के 63 उम्मीदवार तो ऐसे हैं, जिनकी जमानत तक जब्त हो गई. केवल 3 उम्मीदवार अपनी जमानत बचा पाए.

कितनी सीटों पर कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था?

कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ चुनाव लड़ा था. RJD ने 70 में से चार सीटें- बुराड़ी, किराड़ी, उत्तम नगर और पालम में उम्मीदवार उतारे थे. बाकी 66 सीटों पर कांग्रेस ने प्रत्याशी खड़े किए थे. 63 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें उस सीट पर पड़े कुल वोट का वन-सिक्स्थ (छठवां) वोट भी नहीं मिला है. यानी उनकी ज़मानत भी जब्त हो गई है.

ज़मानत जब्त होना क्या होता है?

चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार चुनाव आयोग के पास कुछ पैसे जमा करता है. लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी को 25,000 रुपए जमा करने होते हैं, विधानसभा चुनाव में 10,000 रुपए. ये ज़मानत राशि होती है. शर्त ये रहती है कि अगर प्रत्याशी उस सीट पर पड़ने वाले कुल वोट का छठवां हिस्सा (वन-सिक्स्थ वोट) भी नहीं जीतता है, तो उसकी ज़मानत राशि जब्त हो जाएगी. परसेंट में बात करें, तो कुल वोट का 16.6 फीसद होना चाहिए.

अब बात जमानत बचाने वाले तीन कांग्रेसियों की

#गांधी नगर विधानसभा सीट
कांग्रेस प्रत्याशी- अरविंदर सिंह लवली
सीट पर पड़े कुल वोट- 113935
कौन जीता- अनिल कुमार बाजपेई (BJP)

अनिल कुमार को 48,824 वोट यानी 42.64% वोट मिले. दूसरे नंबर पर AAP के नवीन चौधरी हैं. 42,745 वोटों के साथ. इस सीट पर अरविंदर सिंह लवली को 21,913 वोट यानी 19.14% वोट मिले. वोट परसेंट 16.6% से ज्यादा है, यानी लवली ज़मानत बचाने में कामयाब हो गए.

Arvinder Singh Lovely
कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली. चुनाव प्रचार करते हुए. फोटो- फेसबुक.

कौन हैं लवली?

दिल्ली कांग्रेस के बड़े नेता हैं. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रह चुके हैं. 1998 से 2013 के बीच दिल्ली में चार बार विधानसभा चुनाव हुए थे, चारों बार कांग्रेस ने गांधी नगर सीट से लवली को उतारा था, चारों चुनावों में उन्हें जीत मिली थी. 2015 में उन्होंने चुनाव लड़ा ही नहीं था. 2020 में कांग्रेस ने उतारा, हार गए.

#बादली विधानसभा सीट
कांग्रेस उम्मीदवार- देवेंदर यादव
सीट पर पड़े कुल वोट- 139638
जीतने वाले- आजेश यादव (AAP)

आजेश यादव को 69357 वोट्स यानी 49.67 वोट्स मिले. BJP के विजय कुमार भगत को 40234 वोट्स मिले. तीसरे नंबर पर देवेंदर रहे. उन्हें 27449 वोट्स यानी 19.66% वोट्स मिले. यानी ज़मानत बचाने में कामयाब रहे.

Devender Yadav
देवेंदर यादव, कांग्रेस प्रत्याशी. ज़मानत बचाने में सफल रहे. फोटो- फेसबुक.

कौन हैं देवेंदर यादव?

फेसबुक पेज के बायो में लिखा है कि इंडियन नेशनल कांग्रेस के सचिव हैं और राजस्थान के इन्चार्ज लिखा हुआ है. NSUI से राजनीतिक करियर शुरू किया था. 2002 और 2007 में दो बार MCD का चुनाव भी जीता था.

2008 में बादली से कांग्रेस ने विधानसभा का टिकट दिया था. जीते भी. 2013 में भी कांग्रेस ने इसी सीट से उतारा, इस बार भी जीत गए थे. 2015 में भी कांग्रेस ने बादली से टिकट दिया था, लेकिन AAP के आजेश यादव के हाथों हार मिली थी. 2020 में भी ऐसा ही हुआ.

#कस्तूरबा नगर विधानसभा सीट
कांग्रेस उम्मीदवार- अभिषेक दत्त
सीट पर पड़े कुल वोट- 91710
जीतने वाले- मदन लाल (AAP)

मदन लाल को 37,100 वोट्स यानी 40.45% वोट्स मिले. दूसरे नंबर पर बीजेपी के रविंदर चौधरी रहे. उन्हें 33,935 वोट्स मिले. कांग्रेस के अभिषेक दत्त को 19,648 वोट्स यानी 21.42% फीसद वोट मिले. 16.6% से ज्यादा वोट मिले, यानी ज़मानत बच गई.

Abhishek Dutt
अभिषेक दत्त, कांग्रेस प्रत्याशी. चुनाव प्रचार करते हुए. फोटो- फेसबुक.

कौन हैं अभिषेक दत्त?

शुरू से कांग्रेस में हैं. साल 2012 में एंड्रयूज गंज से चुनाव लड़ा था, जीत भी मिली थी. 2017 में भी एंड्रयूज गंज के पार्षद बने थे. इस बार कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव का टिकट दिया. पहला विधानसभा चुनाव था. जीत नहीं मिल सकी, लेकिन ज़मानत बचाने में कामयाब रहे. खैर, 2013 से AAP के मदन लाल ही कस्तूरबा नगर के विधायक रहे हैं.


वीडियो देखें:

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गुजरात चुनाव 2017

गुजरात और हिमाचल में सबसे बड़ी और जान अटका देने वाली जीतों के बारे में सुना?

एक-एक वोट कितना कीमती होता है, कोई इन प्रत्याशियों से पूछे.

गुजरात विधानसभा चुनाव के चार निष्कर्ष

बहुमत हासिल करने के बावजूद चुनाव के नतीजों से बीजेपी अंदर ही अंदर सकते में है.

गुजरात में AAP का क्या हुआ, जो 33 सीटों पर लड़ी थी!

अरविंद केजरीवाल का गुजरात में जादू चला या नहीं?

गुजरात चुनाव के बाद सुशील मोदी को खुला खत

चुनाव के नतीजे आने के बाद भी लिचड़ई नहीं छोड़ रहे.

इस चुनाव में राहुल और हार्दिक से ज्यादा अफसोस इन सात लोगों को हुआ है

इन लोगों ने थोड़ी मेहनत और की होती, तो ये गुजरात की विधानसभा में बैठने की तैयारी कर रहे होते.

राहुल गांधी ने चुनाव में हार के बाद ये 8 बातें बोली हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्रेडिबिलिटी पर ही सवाल खड़े कर दिए.

गुजरात में हारे कांग्रेस के वो बड़े नेता जिन पर राहुल गांधी को बहुत भरोसा था

इनके बारे में कांग्रेस पार्टी ने बड़े-बड़े प्लान बनाए होंगे.

बीजेपी के वो 8 बड़े नेता जो गुजरात चुनाव में हार गए

इनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाएं और तमाम टोटके नहीं जिता सके.

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत के बाद ये 5 बातें कहीं

दोनों प्रदेशों में भगवा लहराया मगर गुजरात की जीत पर भावुक दिखे पीएम.

ये सीट जीतकर कांग्रेस ने शंकरसिंह वाघेला से बदला ले लिया है

वाघेला ने इस सीट पर एक निर्दलीय प्रतायशी को वॉकओवर दिया था.