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न्यूज़ ऐंकर सुप्रिया को कांग्रेस का टिकट मिलने की पूरी कहानी

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लोकसभा चुनाव के लिए टिकट बंटने लगे हैं. लेकिन लोगों की नज़र उत्तर प्रदेश पर टिकी हुई है. क्यों? क्योंकि यह प्रदेश अकेले 80 सांसद चुनता है. पूर्वाचल की एक सीट पर बवाल जारी है. सीट का नाम- महाराजगंज. इस लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस ने 28 मार्च को तनुश्री त्रिपाठी को टिकट दिया और फिर 29 की सुबह इनका टिकट काटकर न्यूज ऐंकर सुप्रिया श्रीनेत को टिकट थमा दिया. करीब 10 दिन पहले शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने भी तनुश्री को टिकट दिया था.

सुप्रिया श्रीनेत से पहले तनुश्री त्रिपाठी को टिकट दिया गया था.
सुप्रिया श्रीनेत से पहले तनुश्री त्रिपाठी को टिकट दिया गया था.

कौन हैं सुप्रिया श्रीनेत, जिन्होंने तनुश्री को रिप्लेस किया है?

सुप्रिया गोरखपुर की रहने वाली हैं. पत्रकार रही हैं. सुप्रिया के पापा हर्षवर्धन महाराजगंज से सांसद रहे हैं. सांसद ही नहीं, पूर्वांचल में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हैं. हर्षवर्धन साल 2009 में महाराजगंज से सांसद बने थे. 2014 में इस सीट से बीजेपी के पंकज दिल्ली पहुंचे. हर्षवर्धन चौथे स्थान पर रहे थे. हर्षवर्धन की मौत 2016 में हो गई. इसके बाद अब सुप्रिया को महाराजगंज का टिकट दिया गया है.

सुप्रिया का ट्वीट देखिए.
सुप्रिया का ट्वीट देखिए.

टिकट मिलने के बाद सुप्रिया ने एक ट्वीट कर कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ज्योतिरादित्य सिंधिया का शुक्रिया अदा किया है.

क्यों कटा तनुश्री का टिकट?

तनु को टिकट मिलने के बाद कांग्रेस के भीतर ही बवाल होने लगा. वजह ये है कि तनु के पापा मधुमिता हत्याकांड के दोषी हैं और उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.  मधुमिता की बहन ने भी तनु को टिकट देने पर कांग्रेस का विरोध किया था. बवाल बढ़ने लगा तो को फटाफट कैंडिडेट बदलना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तनुश्री ने अब तक कांग्रेस की मेंबरशिप नहीं ली है और वो शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में हैं.

19 मार्च को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने महाराजगंज से तनुश्री को टिकट दिया था.
19 मार्च को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने महाराजगंज से तनुश्री को टिकट दिया था.

लंदन में पढ़ाई और जॉब के बाद भारत क्यों लौटीं तनुश्री?

तनुश्री ने दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री हॉनर्स की पढ़ाई की हुई है. इसके बाद आगे की पढ़ाई इंटरनेशनल रिलेशंस में यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से की. वहीं नौकरी कर रही थीं. तनुश्री बताती कि फैमिली सिचुएशन के कारण 2014 में भारत लौट आई.

कांग्रेस से टिकट मिलने और काटने पर अब तक तनुश्री का कोई बयान नहीं आया है. अप्रैल में तनुश्री की शादी भी तय है ऐसे में वह चुनाव लड़ेंगी, नहीं लड़ेंगी, लड़ेंगी तो किस पार्टी से लड़ेंगी. यह साफ नहीं है.

तनुश्री और उनकी फैमिली

तनुश्री के पापा का नाम अमरमणि त्रिपाठी है जो पूर्वांचल के बाहुबली रहे हैं. फिलहाल मधुमिता शुक्ला के मर्डर को लेकर पत्नी मधुमणि के साथ उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. तनुश्री के भाई अमन मणि पर अपनी ही पत्नी सारा सिंह के कत्ल का आरोप है. इनके भाई फिलहाल बेल पर बाहर हैं और 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जीतकर विधायक बन गए हैं.  इससे पहले अमन 2012 में सपा से विधानसभा चुनाव लड़े थे और हार गए थे. 2017 में सपा ने टिकट नहीं दिया, तो निर्दलीय ही लड़ गए. अमन की बहन तनुश्री के मुताबिक भैया का टिकट इसलिए कटा क्योंकि वो शिवपाल यादव के करीबी थे और अब तनुश्री भी शिवपाल के साथ हैं.


2017 विधानसभा चुनाव में तनु और उनकी बहन अलंकृता भाई के प्रचार में शामिल थीं, वीडियो देखिए-

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