Submit your post

Follow Us

बिहार चुनाव: बीजेपी के घोषणा पत्र में फ्री वैक्सीन के वादे पर क्या बोले बीजेपी अध्यक्ष

बिहार चुनाव के पहले चरण में कुछ ही दिन बचे हैं. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बिहार पहुंचे हुए हैं. आज तक से बात करते हुए दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी, नीतीश, फ्री वैक्सीन सब पर खुल कर बात की.

लालू पर जमकर बरसे नड्डा

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा,

लालू जी के आने के बाद शिक्षा में बेहद गिरावट आई. एडहॉक रखना शुरू कर दिया गया. बेस्ट प्रोफेसर थे बिहार में. लालू जी के राज में बिहार चारागाह बन गया और बाद में चारा घोटाला सामने आया.”

लालू यादव को निशाने पर लेते हुए नड्डा ने कहा,

“लालू जी की कार्यशैली में शिक्षा को महत्व देना था नहीं. जब सिस्टम कोलैप्स हो गया तो दिल्ली जाने लगे बच्चे. सिस्टम को फिर से वापस लाने के लिए हमने काफी कुछ किया. लालू जी का जो टन्योर था उसमें शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई. प्रोफेसर्स को सैलेरी और पेंशन नहीं मिलती थी. मुझे दुख होता है ये देख कर.

विकास के डबल इंजन को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में नड्डा ने कहा,

“बिहार की जनता नीतीश जी को सपोर्ट करना चाहती है, स्थायित्व और विकास चाहती है. मोदी जी के नेतृत्व में बिहार का विकास हो ये जनता चाहती है. मुझे प्रदेश भर में कहीं कोई एंटी इंकम्बेंसी नहीं दिखती है. दुनिया और देश में मोदी जी की विश्वसनीयता कायम है. उसी तरह से बिहार में नीतीश जी ऐसे ही चेहरे हैं.

तेजस्वी पर क्या बोले?

तेजस्वी और तेज प्रताप यादव को निशाने पर लेते हुए जेपी नड्डा ने कहा,

“बिहार की जनता जानती है कि तेजस्वी और उनकी पार्टी का बैकग्राउंड क्या है. डीएनए क्या है. राजनीति में जब तक आप अपनी गलतियों को सुधारते नहीं हैं. आगे नहीं बढ़ पाते हैं. बाढ़, कोरोना आदि के वक्त में तेजस्वी कहां थे. विधानसभा में उनकी उपस्थिति देख लीजिए. मैं हेल्थ मिनिस्टर था. तेजप्रताप के पास हेल्थ था, लेकिन अपने घोड़े से उतरे ही नहीं. फोन तक पर नहीं आते थे वो. उनके जाने के बाद मैंने 11 मेडिकल कॉलेज दिए बिहार को. नीतीश जी और बीजेपी जब साथ आए तब बिहार के विकास ने रफ्तार पकड़ी.”

कश्मीर और धारा 370 को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तब उन्होंने कहा,

“जब धारा 370 खत्म हुई तब राहुल गांधी जी ने जो कहा उसके बाद शशि थरूर और पी.चिदंबरम के बयान आए. ये उनकी और उनकी पार्टी की सोच के बारे में बताते हैं.”

सरकारी नौकरी और रोजगार में फर्क होता है

सरकारी नौकरियों को लेकर उन्होंने कहा,

हम 10 लाख सरकारी नौकरी देंगे. मुझे दिखाइए कि आजादी के बाद आज तक ऐसा कैबिनेट नोट कहां आया. ऐसा नहीं होता है. कैबिनेट का नोट कैसे बनता है. इनको पता नहीं है. सरकारी नौकरी और रोजगार में फर्क होता है. मैं बताता हूं. हम कॉलेज देंगे तो रोजगार मिलेगा. हम फैक्टरी देंगे तो रोजगार मिलेगा. हम विकास करेंगे तो रोजगार मिलेगा. उन्होंने तो सबका पलायन करा दिया.”

उन्होंने कहा,

“सरकार माहौल पैदा करती है, अवसर पैदा करती है. यहां फैक्टरी खुलेंगी. ये सब बंद हुए थे कांग्रेस और आरजेडी के जमाने में. बरौनी में सब इंडस्ट्री खत्म हो रही थी. टाटा ने शोरूम बंद कर दिया था. बिहार को विश्वसनीय नेता चाहिए. तेजस्वी लास्ट इयर बजट सेशन में भी नहीं आए. आज PMCS में देश का सबसे बड़ा काम हो रहा है, लेकिन इसमें 5 साल का वक्त लगेगा. एम्स के बच्चों को हम कैंपस रिक्रूटमेंट दे रहे हैं.”

चिराग पासवान को लेकर बीजेपी ने साफ किया स्टैंड

चिराग पासवान को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,

“एनडीए वो है जहां मोदी जी हैं, बीजेपी है. इसमें सभी के पास वोट ट्रांसफर करने की कैपेसिटी है. राजनीति में सभी की आकाक्षाएं होती हैं. चिराग की आकाक्षाएं अधिक थीं इस कारण गठबंधन नहीं हो पाया. हम उनके खिलाफ इसलिए नहीं हैं क्योंकि उनसे हमारी लड़ाई नहीं है. हमारी लड़ाई महागठबंधन से है. बीजेपी नीतीश कुमार के साथ है.”

नड्डा ने कहा,

“सहनी जी और मांझी जी को लाने का विषय पहले से जारी थी. चिराग के साथ नहीं जम पाई बात लेकिन सरकार हमारी ही बनेगी. कंफरटेबल मेजोरिटी में रहेंगे. नीतीश जी ही सीएम बनेंगे. LJP का साथ लेने की नौबत नहीं आएगी. हमारा कोई रिश्ता उनसे नहीं है. NDA की चार पार्टी एक साथ चुनाव लड़ रही हैं.”

नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों पर कहा,

“जहां पार्टी पीएम से कहती है, रिक्वेस्ट करती है, वहां वो पूरी शिद्दत से काम करते हैं. ऐसा नहीं है कि महागठबंधन की रैली के करण पीएम रैली कर रहे हैं. पार्टी रिक्वेस्ट करती है तो पीएम मान जाते हैं.”

‘कोरोना वैक्सीन की बात कहने में बुराई क्या है?’

कोरोना वैक्सीन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में नड्डा ने साफ तौर पर कहा कि जो हमें करना है उसे बताने में दिक्कत क्या है. अगर बीजेपी ने इस बात को जोड़ा है तो तकलीफ कहां है. हमें चिंता है समाज की, इसलिए हमने इस बात को लिखा है.

उन्होंने कहा,”

मैं हर चुनाव को एक टेस्ट की तरह ही देखता हूं. अध्यक्ष हूं तब भी और इससे पहले जिस भी पद पर रहा.. तब भी. शिद्दत से लड़ने की मेरी आदत है. उसी तरह मैं इस चुनाव को भी देखता हूं. उम्मीद है कि इस चुनाव में भी हमें सफलता मिलेगी.”

बचपन को याद किया

बीजेपी अध्यक्ष ने अपने बचपन के बारे में बताते हुए कहा,

“पढ़ाई और खेल में मेरी रुचि थी. 72-73 के बीच यहां कई बड़े राजनीतिक उतार चढ़ाव हुए. जयप्रकाश नारायण जी का आंदोलन चला. मैं भी उसमें शामिल हो गया. सरकार को हटाने के लिए तब हस्ताक्षर अभियान चला था.”

अपने स्कूल के बारे में बताते हुए वो थोड़ा भावुक भी दिखे. उन्होंने कहा,

“मैं 100 मीटर रेस का चैंपियन था. ये स्वीमिंग पूल आप देख रहे हैं. मैं बिहार में नंबर 4 भी रहा. लोग कहते थे कि नड्डा या तो क्लास में मिलेगा या फिर स्वीमिंग पूल में मिलेगा. जेपी ने मुझे प्रेरित किया. मैं भूख हड़ताल पर भी बैठा. जितने भी नेता गांधी मैदान में आते थे. हम सुना करते थे. जगजीवन राम जी, अटल जी जैसे नेताओं को मैंने बचपन में देखा है.”

Nadda

आजतक के साथ जेपी नड्डा ने खास बातचीत की.

नड्डा ने कहा,

“मैं पैदा यहां हुआ. होश यहां आया. हिमाचल जाने के बाद भी मैं भावुक हो जाता हूं जब बिहार की बात करता हूं. शहर के बारे में हमें बहुत कुछ याद है. 18 मार्च 1974 को हम लोग आंदोलन में जा रहे थे. उन दिनों पानी की बौछार नहीं होती थी. आंसू गैंस होती थी, लाठियां चलती थीं और आखिर में जब बात ना बने तब गोलियां चलती थीं. एक बार नानाजी देशमुख की कॉलर बोन टूट गई थी. ये भी मुझे याद है. डाकबंगला चौराहा जो था वो युवाओं के लिए था. वहां तब तारिक अनवर, सुशील मोदी और कभी लालू यादव जैसे लोग भी आते थे. थोड़ा आगे कॉफी मिलती थी. फणीशवरनाथ रेणु जैसे लोग वहां जमा होते थे. गोविंदाचार्य. राजनीति यहां की हर चीज में है.”

जेपी नड्डा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया,

” मेरे परिवार में बहुत हेल्थी डिस्कशन हुआ करते थे. खाने की मेज पर. हर्षद मेहता का स्कैम वहीं पर समझा. इंदिरा गांधी का गरीबी हटाओ, जेपी की समग्र क्रांति वहीं समझी. पिताजी मेरे पटना से ही रिटायर हुए. मेरे बैच से 15 IAS और 15 IPS अफसर निकले हैं. जब इमरजेंसी लगी मेरे विचार की दिशा बदल गई. मैं यूपीएससी की तैयारी कर रहा था. मैंने राजनीतिशास्त्र ऑनर्स किया और फिर पिता के कहने पर लॉ भी किया.”

 


वीडियो- बिहार चुनाव: इतने में एक परिवार कैसे गुजारा चलाता होगा, आप देखकर हैरान होंगे

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गुजरात चुनाव 2017

गुजरात और हिमाचल में सबसे बड़ी और जान अटका देने वाली जीतों के बारे में सुना?

एक-एक वोट कितना कीमती होता है, कोई इन प्रत्याशियों से पूछे.

गुजरात विधानसभा चुनाव के चार निष्कर्ष

बहुमत हासिल करने के बावजूद चुनाव के नतीजों से बीजेपी अंदर ही अंदर सकते में है.

गुजरात में AAP का क्या हुआ, जो 33 सीटों पर लड़ी थी!

अरविंद केजरीवाल का गुजरात में जादू चला या नहीं?

गुजरात चुनाव के बाद सुशील मोदी को खुला खत

चुनाव के नतीजे आने के बाद भी लिचड़ई नहीं छोड़ रहे.

इस चुनाव में राहुल और हार्दिक से ज्यादा अफसोस इन सात लोगों को हुआ है

इन लोगों ने थोड़ी मेहनत और की होती, तो ये गुजरात की विधानसभा में बैठने की तैयारी कर रहे होते.

राहुल गांधी ने चुनाव में हार के बाद ये 8 बातें बोली हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्रेडिबिलिटी पर ही सवाल खड़े कर दिए.

गुजरात में हारे कांग्रेस के वो बड़े नेता जिन पर राहुल गांधी को बहुत भरोसा था

इनके बारे में कांग्रेस पार्टी ने बड़े-बड़े प्लान बनाए होंगे.

बीजेपी के वो 8 बड़े नेता जो गुजरात चुनाव में हार गए

इनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाएं और तमाम टोटके नहीं जिता सके.

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत के बाद ये 5 बातें कहीं

दोनों प्रदेशों में भगवा लहराया मगर गुजरात की जीत पर भावुक दिखे पीएम.

ये सीट जीतकर कांग्रेस ने शंकरसिंह वाघेला से बदला ले लिया है

वाघेला ने इस सीट पर एक निर्दलीय प्रतायशी को वॉकओवर दिया था.