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बीजेपी ने टिकट काटा, लेकिन 'जूतामार सांसद' को कोई नुकसान नहीं

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अपनी ही पार्टी के विधायक पर जूता बरसाकर चर्चा में आए बीजेपी के सांसद शरद त्रिपाठी का पार्टी ने टिकट काट दिया है. वह संत कबीर नगर से सांसद हैं. इस सीट पर बीजेपी ने प्रवीण निषाद को टिकट दिया है. प्रवीण निषाद इस समय गोरखपुर से समाजवादी पार्टी के  सांसद हैं. उन्होंने हाल ही में सपा छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है. उनको पार्टी ने संत कबीर नगर से उतारा है. और शायद ये सोचकर कि इससे भाजपा को गोरखपुर में भी लाभ होगा. भले ही शरद त्रिपाठी को टिकट नहीं मिला है, लेकिन उनके पिता रमापति राम त्रिपाठी को भाजपा ने देवरिया से उम्मीदवार बनाया है. वह 2007 से 2010 तक यूपी बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं. इस तरह अब पुत्र के बजाय भाजपा ने पिता को चुनाव में उतार दिया है. देवरिया से अब तक वरिष्ठ भाजपा नेता कलराज मिश्र सांसद थे.

संत कबीर नगर में फिर हुआ था बवाल
संतकबीर नगर जिले के मेंहदावल कस्बे में 13 अप्रैल को बीजेपी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन होना था. बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने सांसद शरद त्रिपाठी के खिलाफ नारेबाजी की थी. इसके बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शरद त्रिपाठी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए. कार्यक्रम में कुर्सियां भी तोड़ी गई थीं. इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया था.

क्यों मारपीट की थी सांसद ने विधायक के साथ? 
तारीख थी 6 मार्च, 2019. संतकबीरनगर में जिला योजना की बैठक में बीजेपी सांसद और बीजेपी विधायक में बहस हो गई. सांसद शरद त्रिपाठी ने जूता निकालकर विधायक राकेश सिंह बघेल को सूत दिया. बहस और इस जूतेबाजी की वजह थी एक सड़क और उसके उद्धाटन का पत्थर. सड़क बनी थी मेंहदावल विधानसभा के नंदौर इलाके में. इस उद्घाटन पत्थर पर सांसद का नाम नहीं था. और इसी को लेकर वो मीटिंग में एक्सईएन से जवाब मांग रहे थे. विधायक बोले- जवाब मुझसे मांगो. और फिर जूता-लात की नौबत आ गई.

पीएम मोदी कर चुके हैं तारीफ
जूताकांड से पहले पीएम मोदी खुद शरद त्रिपाठी की तारीफ कर चुके हैं. मामला जून 2018 का है. नरेंद्र मोदी संत कबीर की जयंती पर उनकी समाधि पर गए थे. मंच पर शरद त्रिपाठी भी मौजूद थे. तभी सांसद का परिचय कराते हुए मोदी ने शरद त्रिपाठी की तारीफ की थी. सांसद शरद त्रिपाठी कबीर पर किताब लिख चुके हैं. उनकी किताब-‘कबीर से एक मुलाकात’ की प्रस्तावना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखी थी.

संसद में रहा है शानदार प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष रमापति त्रिपाठी के बेटे हैं शरद त्रिपाठी. 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने 98 हजार वोटों से जीत हासिल की थी. ससंद में शरद का रिकॉर्ड अच्छा रहा है. उन्होंने संसद में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हाजिरी लगाई. लोकसभा में अटेंडेंस का राष्ट्रीय औसत 80 प्रतिशत रहा, लेकिन शरद ने 97 प्रतिशत हाजिरी लगाई. 660 डिबेट में हिस्सा लिया और 291 सवाल पूछे. विदेश मामलों की स्थायी समिति के सदस्य हैं. साथ ही वे ग्रामीण विकास मंत्रालय, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता पर सलाहकार समिति के भी सदस्य हैं. 12 जून 2017 को हाउस कमेटी के भी मेंबर नियुक्त हुए.


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