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आज़म तो आज़म, उनका बेटा और भी दो कदम आगे निकल गया

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इलेक्शन कमीशन ने चुनाव प्रचार करने के दौरान बेतुके कमेंट को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान पर चुनाव प्रचार करने को रोक लगा दी है. चुनाव आयोग ने आजम पर 72 घंटों के लिए प्रचार पर रोक लगा दी है. यह रोक 16 अप्रैल की सुबह 10 बजे से लागू हो गई है. आजम खान रामपुर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, जहां 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है.

आजम खान पर बैन को लेकर उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान  भी चुनाव आयोग पर एकतरफा कारवाई के आरोप लगाए हैं. अब्दुल्ला ने कहा है-

इलेक्शन कमीशन ने आजम खान को चुनाव में प्रचार से इसलिए रोका क्योंकि वह मुस्लिम हैं? बैन लगाने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था. सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.

ट्वीट देखिए.

इस हिसाब से तो मायावती को इसलिए बैन किया गया क्यूंकि वो दलित हैं, योगी आदित्यनाथ को इसलिए बैन किया गया क्यूंकि वो योगी हैं और मेनका को इसलिए बैन किया क्यूंकि बस चुनाव आयोग का मन किया.

है न हमारा कथन अतार्किक? ठीक उतना ही जितना अब्दुल्ला आजम खान का का कथन.

सर ज़रा होश के नाखून लीजिए, ये कह क्या रहे हैं आप?

बहरहाल हुआ क्या था? क्यूंकि आज़म बैन हुए?  दरअसल विवार को रामपुर में एक रैली के दौरान आजम खान ने जयाप्रदा पर वाहियात कमेंट किया था. आजम ने कहा था- उसकी असलियत समझने में आपको 17 साल लगे. मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवेअर खाकी रंग का है.

आजम खान का एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह पब्लिक के बीच कलेक्टर से जूते पॉलिश कराने की बात कर रहे हैं. आजम ने इस वीडियो में कहा है- सब डटे रहो, ये कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो, ये तन्ख्वैया है, तन्खवैयों से नहीं डरते, और देखे हैं कहीं मायावती जी के फोटो, कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं. उन्हीं से गठबंधन है. अल्लाह ने अगर चाहा तो उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे.

वीडियो देखिए.


वीडियो- रोजगार पर मोदी सरकार के गुण गाने वाला खुद बेरोजगार निकला

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