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चुनाव पूरे देश में हो रहा है लेकिन हिंसा सिर्फ पश्चिम बंगाल में क्यों?

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14 मई को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रोड शो किया. इस रोड शो में जमकर हिंसा हुई, तोड़फोड़ हुई, आगजनी हुई. रोड शो में हुई हिंसा को लेकर अमित शाह ने टीएमसी पर जमकर निशाना साधा. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कहा कि हमें पहले से खबर थी कि हमपर हमला होगा. ये जानकारी थी कि यूनिवर्सिटी के लोग हमारे ऊपर पथराव करेंगे, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया. अमित शाह ने ये भी आरोप लगाया कि हिंसा के दौरान जो विद्यासागर जी की मूर्ति टूटी है वो भी टीएमसी ने ही तोड़ी है. दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि क्या बीजेपी और अमित शाह भगवान हैं जो उनके खिलाफ प्रदर्शन नहीं होगा.

अमित शाह ने कोलकाता रोड शो में खुद को मारे जाने को लेकर भी आशंका जताई. उन्होंने कहा:

अगर सीआरपीएफ नहीं होती तो मेरा उस रोड शो में बच पाना मुश्किल होता. बहुत मुश्किल से बचकर निकला हूं. बीजेपी के बहुत कार्यकर्ता मारे गए हैं. मुझ पर हमला होना भी स्वाभाविक था, इससे ये तय हो गया है कि TMC किसी भी हद तक जा सकती है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कहा कि चुनाव पूरे देश भर में हो रहा है, लेकिन पूरे देश को छोड़कर हिंसा सिर्फ बंगाल में ही हो रही है.

ममता बनर्जी कहती हैं कि हिंसा बीजेपी करवा रही है. मैं उनसे कहना चाहता हूं. हम पूरे देश में चुनाव लड़ रहे हैं जबकि आप सिर्फ बंगाल की 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं. किसी और राज्य में तो हिंसा नहीं होती, सिर्फ बंगाल में ही होती है. ये साबित करता है कि हिंसा के पीछे कौन है.

अमित शाह ने कोलकाता पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. अमित शाह ने कहा हिंसा के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही. टीएमसी के कार्यकर्ता हमारे कार्यकर्ताओं को उसका रहे थे. उन्होंने पीएम मोदी और बीजेपी के नेताओं के पोस्टर फाड़े, आगजनी की, पथराव किया, पेट्रोल बम मारे, यूनिवर्सिटी के अंदर से पत्थरबाजी की गई. लेकिन पुलिस चुपचाप देखती रही.

अमित शाह के रोड शो के दौरान विद्यासागर की मूर्ति के टूटने पर भी भारी विवाद हो रहा है. इस पर अमित शाह ने कहा:

यूनिवर्सिटी के अंदर से टीएमसी के कार्यकर्ता पत्थरबाजी कर रहे थे. वहीं डंडे लेकर बाहर आए थे. बीजेपी के कार्यकर्ता तो बाहर थी. ऐसे में बीजेपी कार्यकर्ताओं की तरफ से मूर्ति तोड़ने का सवाल ही नहीं होता. टीएमसी वाले खुद मूर्ति तोड़कर झूठ फैला रहे हैं. 

दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीजेपी पर मूर्ती तोड़ने का आरोप लगा रही हैं. डेरेक ओ ब्रायन ने वीडियो डालकर बीजेपी पर मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया.

डेरेक ओ ब्रायन ने बारी-बारी से तीन वीडियो डालते हुए आरोप लगाया कि मूर्ति बीजेपी के लोगों ने तोड़ा है. साथ ही हिंसा के लिए भी बीजेपी के कार्यकर्ताओं को ही ज़िम्मेदार ठहराया है.

ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के बाद विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं. सीपीआई ने मूर्ति तोड़े जाने के खिलाफ में विरोध प्रदर्शन किया. सीपीआई के नेता सीताराम येचुरी ने कहा:

मूर्ति तोड़े जाने की घटना की जांच होनी चाहिए, कोलकाता में ये कैसे हो सकता है.

सीपीएम के साथ-साथ टीएमसी की छात्र ईकाई ने भी मूर्ति तोड़े जाने का विरोध किया.

रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर अमित शाह के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई. जोड़ासाको और एमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में दर्ज की गई एफआईआर में, हिंसा के लिए अमित शाह को ज़िम्मेदार ठहराया गया है. ये दोनों एफआईआर टीएमसी की छात्र ईकाई की शिकायत पर दर्ज हुई है.

हिंसा और एफआईआर के बाद कोलकाता पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. कोलकाता पुलिस ने कई बीजेपी नेताओं को हिरासत में ले लिया. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि तेजिंदर पाल सिंह बग्गा समेत कई नेता कोलकाता पुलिस की हिरासत में हैं. अमित मालवीय ने लिखा:

ममता बनर्जी ने देर रात बीजेपी नेताओं की धरपकड़ के आदेश दिया, कोलकाता में कई नेताओं को रात को ही उठा लिया गया. इनमें तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के अलावा कई ऐसे नेता हैं जो अभी टीएमसी की गैरकानूनी हिरासत में हैं.

अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर अमित शाह ने भी पलटवार किया. दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कहा  एफआईआर से वे डरने वाले नहीं हैं.

दूसरी तरफ कोलकाता में रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर बीजेपी ने भी शांति प्रदर्शन किया है. दिल्ली में हुई इस शांति प्रदर्शन में हर्ष वर्धन, जीतेंद्र सिंह, विजय गोयल समेत बीजेपी के कई बड़े नेता शामिल हुए.

अमित शाह के रोड शो में हुए हिंसा का असर योगी आदित्यनाथ की रैली पर भी देखने को मिला. उन्होंने कोलकाता में होने वाली अपनी तीन में से एक रैली रद्द कर दी. बीजेपी की तरफ से बताया गया

कल स्टेज बनाने के दौरान काम करने वाले मजदूरों को पीटा गया और डराया गया. फिर स्टेज को तोड़ दिया गया. रैली आज दोपहर 2 बजे होने वाली थी. इतने समय में स्टेज की मरम्मत मुमकिन नहीं थी. इसलिए हमें इसे रद्द करना पड़ा.

मंगलवार को हिंसा के बाद बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की थी. निर्माल सीतारमण और मुख्तार अब्बास की अगुवाई  में चुनाव आयोग के पास गई टीम ने कोलाकात हिंसा की शिकायत की. साथ ही मामले में तुरंत दखल देने की भी अपील की. दूसरी तरफ टीएमसी भी चुनाव आयोग से इसी मामले की शिकायत करने की तैयारी कर रही है.

वहीं 19 मई को लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का चुनाव है. आखिरी चरण में ही पश्चिम बंगाल की 9 सीटों पर वोट डाले जाने हैं. हर बार वोटिंग के दौरान होती हिंसा को देखते हुए चुनाव आयोग इस बार सीआरपीएफ की ज्यादा टुकड़ी पश्चिम बंगाल में लगाने पर विचार कर रहा है.


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