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विराट कोहली ने अपनी IPL कप्तानी में टीम इंडिया को दिए ये पांच सुपरस्टार!

विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल और मोहम्मद सिराज (फोटो क्रेडिट : PTI)

कैप्टन विराट कोहली और IPL ट्रॉफी. एक ऐसी प्रेम कहानी, जो कभी मुकम्मल हो नहीं पायी. दुनिया चाहती ही रही कि कोहली खिताब जीतें, उनके हाथ में चमचमाती IPL ट्रॉफी हो और चेहरे पर मुस्कान. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. IPL और कैप्टन कोहली की बात होने पर निदा फाजली का मशहूर शेर याद आता है,

कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता,

कहीं ज़मीं कहीं आसमां नहीं मिलता..

विराट कोहली ( Virat Kohli) के केस में बिल्कुल ऐसा ही है. बतौर कप्तान IPL ट्रॉफी नहीं जीत सके. IPL 2021 उनके कप्तानी करियर का आखिरी सीजन था. टीम को प्लेऑफ तक लेकर गए. और एलिमिनेटर में सफर थम गया. इंटरनेशनल लेवल पर कोहली ने बतौर कप्तान और बल्लेबाज बहुत कुछ हासिल किया है. लेकिन IPL में बतौर कप्तान उनके हिस्से में कुछ भी नहीं आया.

लेकिन क्या ‘कुछ भी नहीं आया’ कहना ठीक रहेगा? मुझे तो सही नहीं लगता. वो अलग बात है कि महान कप्तान कहलाने के लिए आपको ट्रॉफी जीतनी पड़ती है. ट्रॉफी बहुत कुछ है. लेकिन सब कुछ नहीं. महान कप्तान या फिर बेहतरीन लीडर वो भी हैं. जिन्होंने कप्तानी में कई खिलाड़ी तैयार किये. उन्हें बनाया और संवारा.

कोहली और आरसीबी फै़न्स को ट्रॉफी न जीतने का मलाल जरूर रहेगा. लेकिन दूसरे नजरिये से देखेंगे तो पता चलता है कि बतौर कप्तान कोहली ने RCB और टीम इंडिया को कई अच्छे प्लेयर्स दिए हैं. आइये एक नजर डालते हैं उन पांच खिलाड़ियों पर, जो कोहली की कप्तानी में खूब निखरकर सामने आए.

# Yuzvendra Chahal

विराट कोहली ने टीम इंडिया को युज़वेंद्र चहल दिया है. एक ऐसा गेंदबाज जो विकेट निकालने में माहिर है. कोहली का सबसे बड़ा हथियार. विकेट न मिल रहा हो तो युज़ी को गेंद थमाइये. और ये बंदा विकेट निकालकर देगा. 2014 से चहल कोहली के साथ हैं. दस लाख में खरीदे गए थे. और पहले ही सीजन में युज़ी ने 12 विकेट झटके. इसके बाद अगले सीजन में तो कमाल ही कर दिया. 15 मैचों में चहल ने 23 विकेट झटके. और 2016 में 21 विकेट.

उसी साल चहल जिम्बाब्वे दौरे पर चुने गए. भारत के लिए डेब्यू भी किया. और फिर दाएं हाथ के इस लेग स्पिनर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. RCB के मुख्य स्पिनर तो बने ही. साथ में टीम इंडिया के स्पिन अटैक को भी लीड करने लगे. अब तक IPL में चहल 139 विकेट निकाल चुके हैं. जबकि टीम इंडिया के लिए 56 वनडे मैचों में 97 विकेट. और 49 T20 मैचों में 63 विकेट.

# Mohammed Siraj

मोहम्मद सिराज के छोटे से करियर में विराट कोहली का बड़ा योगदान रहा है. सिराज कोहली की खोज हैं. काफी सपोर्ट किया है. और नतीजा सबके सामने है. साल 2018 के IPL ऑक्शन में RCB ने सिराज को अपने साथ जोड़ा. 2 करोड़ और 20 लाख रुपये में बिके थे. और RCB के लिए खेलते हुए पहले सीजन में 11 विकेट झटके.

2017 में सिराज ने भारत के लिए T20 डेब्यू किया था. हालांकि अपने डेब्यू मैच में वह काफी महंगे साबित हुए. न्यूजीलैंड के खिलाफ चार ओवर में 53 रन लुटाए और केन विलियमसन का विकेट मिला. सिराज को लिमिटेड ओवर्स में मौके मिले. लेकिन भुना नहीं सके.

और फिर सिराज को 2020 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए चुना गया. उनके सेलेक्शन पर खूब हंगामा भी हुआ था. लोग कहने लगे कि सिराज RCB के लिए खेलते हैं. इसलिए कोहली ने उन्हें प्राथमिकता दी है. लेकिन किंग जानते थे कि सिराज में कितनी काबिलियत है.  ऑस्ट्रेलिया दौरा सिराज के करियर का टर्निंग प्वाइंट रहा.

कोहली भले ही इस दौरे पर एक मैच खेलने के बाद भारत लौट आए थे. लेकिन जिस उम्मीद के साथ उन्होंने सिराज को चुना था. मियां भाई ने कर दिखाया. तीन मैचों में 13 विकेट. भारत की तरफ से लीडिंग विकेटटेकर. इसके बाद सिराज ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा.

# Washington Sundar

वॉशिंगटन सुंदर का करियर भी कोहली की कप्तानी में ही चमका. साल 2017 में सुंदर ने जरूर इंडिया के लिए T20 डेब्यू किया था. लेकिन कामयाबी उन्हें रेड बॉल क्रिकेट में मिली. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनके चयन के पीछे कोहली का हाथ था. साल 2018 की नीलामी में उन्हें RCB ने खरीदा. इसके बाद सुंदर कोहली के प्लान का हिस्सा रहे हैं. किंग कोहली सुंदर से पावरप्ले में गेंदबाजी कराते रहे और कई बार सुंदर को ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी के लिए भी भेजा.

सुंदर की काबिलियत का अंदाजा कोहली को पहले से ही था. यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे में उन्हें चुना. और गाबा टेस्ट में सुंदर की 62 रन की पारी को कौन भूल सकता है. उन्होंने शार्दुल ठाकुर के साथ सातवें विकेट के लिए 123 रन की साझेदारी की थी. और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

# Navdeep Saini

वैसे तो नवदीप सैनी को क्रिकेट में लाने का श्रेय गौतम गंभीर को जाता है. लेकिन सैनी का असली सिक्का चला तेज गेंदबाजों के कप्तान कहे जाने वाले विराट कोहली के अंडर. लंबी कद-काठी, तेज गति और बाउंसर मारने की क्षमता की वजह से ही सैनी को कोहली ने RCB में चुना था. 2018 की नीलामी में खरीदे गए. लेकिन पूरे सीजन उन्हें मौका नहीं मिला.

साल 2019 के IPL में जब सैनी को कोहली ने खिलाया. तो उन्होंने बढ़िया प्रदर्शन किया. 13 मुकाबलों में 11 विकेट. एक युवा गेंदबाज, जो पहला सीजन खेल रहा हो. उस नजरिये से नवदीप सैनी का अच्छा सीजन गया. नवदीप के करियर का सैम्पल साइज छोटा जरूर है. लेकिन आने वाले समय में वह भारत के पेस अटैक के अहम खिलाड़ी रहेंगे.

# Devdutt Padikkal

देवदत्त पडिक्कल फ्यूचर सुपरस्टार है. RCB के लिए अपने पहले सीजन ही देवदत्त पडिक्कल ने 15 मुकाबलों में 473 रन ठोके. जिसमें पांच अर्धशतक भी शामिल थे. इसी फॉर्म को बरकरार रखते हुए देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2021 में 411 रन कूटे. इस दौरान उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक लगाया. अब तक 29 मुकाबलों में 884 रन बना चुके हैं. और RCB में अपनी जगह पक्की कर ली है. उम्मीद है कि मेगा ऑक्शन में उन्हें रिटेन भी कर लिया जाए.

21 साल के इस बल्लेबाज को श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया के लिए पहली बार खेलने का मौका मिला. दो मैचों में 38 रन ही बना सके. लेकिन देवदत्त पडिक्कल लंबी रेस के घोड़े हैं. ये बात हर कोई जानता है. घरेलू सर्किट में भी लगातार रन कूट रहे हैं. उम्मीद है कि देवदत्त पडिक्कल जिस तरह कोहली की कप्तानी में निखरे हैं. आगे इंडिया के लिए भी अच्छा करेंगे.

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