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'बलमा' वाले अविनाश वाधवा आज कल कहां हैं?

90 के दशक में अविनाश वाधवा सबसे तेजी से उभरते हुए स्टार के तौर पर देखे जा रहे थे. वो अच्छे दिखते थे. उनकी एक ऑडियंस बन रही थी. जिसकी वजह से उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक परफॉर्म कर रही थीं. मगर अचानक वो फिल्मों से गायब हो गए. ऐसा क्या हुआ कि अविनाश ने ‘फूल और कांटे’ समेत कई बड़ी फिल्में रिजेक्ट कर दीं? वो आज कल कहां हैं क्या कर रहे हैं? आज हम अविनाश वाधवा की इस जर्नी को जानने-समझने की कोशिश करेंगे.

# वो एक्टर जो ढेर सारी पढ़ाई करके फिल्मों में आ गया

अविनाश का ओरिजिनल नाम है राकेश वाधवा. इसलिए जब तक उनके नाम बदलने के पीछे की कहानी तक नहीं पहुंचते, तब तक अपन उन्हें राकेश ही बुलाएंगे. हालांकि आज के समय में राकेश वाधवा नाम बड़ा रिस्की है. क्योंकि इसी नाम का एक शख्स PMC बैंक स्कैम मामले में न्यायिक हिरासत में है. खैर, आम तौर पर लोगों की ऐसी धारणा होती है कि फिल्मों में एक्टिंग करने वाले लोग ज़्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते. राकेश इस आइडिया के विपरीत माइंडसेट के साथ फिल्मों में आए थे. उन्होंने पहले प्रॉपर एजुकेशन ली. स्कूली शिक्षा के बाद डेल्ही कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग शॉर्ट में बोले तो DCE से बी-टेक किया. इसके बाद MBA में एडमिशन लिया. मगर एंटरटेनमेंट वर्ल्ड से इतने प्रभावित थे कि सबकुछ खत्म करके किसी भी तरह फिल्मों में जाना चाहते थे. घरवालों ने रिश्तेदारों ने मना किया कि भई अपने जान-पहचान का कोई आदमी नहीं है इस फील्ड में. लोगों ने ये भी बताया कि ये बहुत मुश्किल और अन-स्टेबल पेशा है. पढ़ाई-लिखाई अच्छे से कर ली है. अब नौकरी करो. मगर राकेश को फिल्मों में ही जाना था.

MBA खत्म करने के बाद राकेश ने फिल्मों में जाने वाले प्लैन को अमल में लाना शुरू किया. पर्सनैलिटी और लुक वगैरह अच्छा था. मगर अपने हिस्सा का संघर्ष सबको करना पड़ता है. इस इंडस्ट्री में राकेश को कोई जानने या गाइड करने वाला नहीं था. ऐसे में राकेश ने अपना एक फोटोशूट करवाया. उन तस्वीरों के एक कैसेट में डाला और प्रोड्यूसर्स के ऑफिस-ऑफिस जाकर वो कैसेट देने लगे. बोला छोटा-बड़ा जैसा रोल हो, करेंगे. उन दिनों अक्षय कुमार भी स्ट्रगल कर रहे थे. अक्षय और राकेश दोनों ही लोखंडवाला में रहते हैं और एक साथ डांस की ट्रेनिंग लेने जाते थे. दोनों की अच्छी दोस्ती थी. खैर, दफ्तर-दफ्तर फोटो बांटने वाली प्रक्रिया के तहत उन्हें 1986 में आई फिल्म ‘प्यार हो गया’ में काम मिला. मगर ये फिल्म आई-गई हो गई. राकेश के करियर को कुछ फायदा नहीं हुआ. इसके बाद उन्हें टी. रामा राव की धर्मेंद्र और जीतेंद्र स्टारर फिल्म ‘इंसाफ की पुकार’ में कास्ट किया गया. ये बड़े स्टार्स के साथ भारी-भरकम बजट पर बनी फिल्म थी. इस फिल्म के बाद लोगों ने राकेश को पहचानना शुरू कर दिया. साथ ही उन्हें इस फिल्म के बाद ठीक-ठाक काम ऑफर होने लगा.

अपने कॉलेज के दिनों में राकेश उर्फ अविनाश वाधवा.
अपने कॉलेज के दिनों में राकेश उर्फ अविनाश वाधवा.

# फिल्म में लीड रोल मिला मगर उसके लिए नाम बदलना पड़ा

म्यूज़िक बैरन गुलशन कुमार संगीत के बाद फिल्म प्रोडक्शन में कदम रख चुके थे. ‘लाल दुपट्टा मलमल का’ से शुरू करने के बाद वो ‘आशिकी’ जैसी बड़ी हिट फिल्म बना चुके थे. उन्होंने अपनी अगली फिल्म ‘आई मिलन की रात’ में राकेश वाधवा और शाहीन बानो को कास्ट किया. शाहीन, सायरा बानो की भतीजी थीं. आज कल उनकी बिटिया सायशा फिल्मों में काम करती हैं. बहरहाल, जब ये फिल्म बननी शुरू हुई, तब लोगों को लगा कि राकेश बड़ा कॉमन नाम है. हर दूसरे आदमी का नाम यही होता है. इसलिए तय हुआ कि राकेश का नाम बदला जाएगा. उन दिनों में तमाम एक्टर्स नाम बदलकर काम करते थे. दिलीप कुमार से लेकर जीतेंद्र और नए-नए आए अक्षय कुमार तक. नाम पर चर्चा शुरू हुई. सबको एक यूनिक और मॉडर्न नाम चाहिए था. अविनाश नाम पर सब लोग सहमत हुए. क्योंकि ये नए ज़माने के हीरो टाइप साउंड कर रहा था. तो ऐसे राकेश वाधवा बन गए अविनाश वाधवा.

1991 में के.पप्पू डायरेक्टेड ये फिल्म रिलीज़ हुई. टिकट खिड़की पर तो ऐवरेस ग्रॉसर रही. मगर फिल्म के म्यूज़िक ने बाजा फाड़ दिया. आनंद-मिलिंद के कंपोज़िशन वाले इस एल्बम के अधिकतर गाने अनुराधा पौडवाल और मोहम्मद अजीज़ की जोड़ी ने गाए थे. ‘मत रो मेरे दिल’ और ‘इश्क दा रोग लगा’ जैसे गाने चार्टबस्टर रहे और ओवरऑल एल्बम बड़ा हिट साबित हुआ. इस फिल्म के म्यूज़िक ने अविनाश वाधवा को स्टारडम का पहला स्वाद दिया. अविनाश को अब बड़ी फिल्मों में काम मिलने लगा. इस कड़ी में उनकी पहली फिल्म थी राजेश खन्ना के साथ ‘रुपए दस करोड़’. हालांकि तब तक राजेश खन्ना का स्टारडम ढलान पर था. बावजूद इसके ये फिल्म हिट रही. इसके बाद अविनाश को महेश भट्ट ने अपनी फिल्म ‘जुनून’ में राहुल रॉय और पूजा भट्ट के साथ कास्ट किया. इस फिल्म ने पैसे भी कमाए और क्रिटिक्स को भी पसंद आई. आगे अविनाश, दिव्या भारती के साथ ‘गीत’ और आयशा जुल्का के साथ ‘बलमा’ जैसी म्यूज़िकली ब्लॉकबस्टर फिल्मों में नज़र आए. जितने लोगों ने अविनाश की फिल्म देखी थी, उससे कहीं ज़्यादा लोग उन्हें गानों की वजह से पहचानते थे. ‘बलमा’ फिल्म का ‘अगर ज़िंदगी हो’ गाने आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं-

# फिल्मों से दूर क्यों हो गए अविनाश?

‘बलमा’ के बाद अविनाश लॉरेंस डिसूज़ा की अगली फिल्म ‘पापी गुड़िया’ में भी नज़र आए. मगर ये फिल्म वो सफलता दोहरा नहीं पाई. इसके बाद इक्का-दुक्का फिल्मों में काम करने के बाद अविनाश फिल्मों में दूर होने लगे. उन्होंने छाया नाम की एक लड़की से शादी कर ली. मगर इस शादी में सबकुछ सही नहीं जा रहा था. इन चीज़ों से अविनाश इतने परेशान हो गए कि फिल्में-फैमिली सबकुछ छोड़कर गायब हो गए. कुछ समय विदेशों में भी रहे. इस दौरान उन्हें इंडस्ट्री के लोगों ने समझाया कि वो पर्सनल दिक्कतों की वजह से प्रोफेशनल करियर को दांव पर लगाना प्रैक्टिकल फैसला नहीं है. क्योंकि इस शादी से बाहर आने के बाद सबकुछ ठीक हो जाएगा. मगर अविनाश ने किसी की नहीं सुनी. वो अपने करियर के पीक पर फिल्मों से दूर हो गए. इस पीरियड में उन्हें कई प्रोड्यूसरों ने अपनी फिल्म ऑफर की. मगर उन्होंने वो फिल्में नहीं की. बीतते समय के साथ प्रोड्यूसरों के फोन आने बंद हो गए.

जब अविनाश ने फिल्मों में वापसी का मन बनाया, तब तक इंडस्ट्री आगे बढ़ चुकी थी. कई नए एक्टर्स आ चुके थे. अविनाश को अब हिंदी फिल्मों में काम नहीं मिल रहा था. ऐसे में उन्होंने रीजनल फिल्मों का रास्ता पकड़ा. शुरुआत हुई गुजराती फिल्म ‘मोती घर नी लाज’ से. अविनाश को गुजराती नहीं आती थी मगर और कोई रास्ता भी नहीं था. काम करना था. पैसे बनाने थे. परिवार चलाना था. वो अपने एक इंटरव्यू में बताते हैं कि सीन शूट होने से पहले वो सारे डायलॉग्स रट लेते और कैमरे के सामने जाकर तोते की तरह बोल देते. इसके बाद उन्होंने कुछ पंजाबी, बांग्ला और भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया. मगर उन्हें वापस जनता की नज़र में लेकर आए टीवी शोज़.

फिल्म 'गीत' की शूटिंग के दौरान अपनी को-स्टार दिव्या भारती के साथ अविनाश वाधवा.
फिल्म ‘गीत’ की शूटिंग के दौरान अपनी को-स्टार दिव्या भारती के साथ अविनाश वाधवा.

# फिल्मों का मारा, टीवी का सहारा

फिल्मों से दूर होने के बाद अविनाश ने टीवी का रास्ता पकड़ा. 2003 में वो पहली बार दूरदर्शन पर आने वाले टीवी शो ‘अहसास- कहानी एक घर की’ में नज़र आए. इस शो में मुकेश खन्ना और अरुण गोविल जैसे दिग्गज लोग काम कर रहे थे. इस शो को अभिषेक दुधैया ने डायरेक्ट किया था. उन्हीं अभिषेक ने अजय देवगन स्टारर ‘भुज- द प्राइड ऑफ इंडिया’ डायरेक्ट की है, जो अगले हफ्ते रिलीज़ हो रही है. इसके बाद अविनाश ‘डिटेक्टिव करण’ नाम के इनवेस्टिगेटिव शो में कुछ समय के लिए नज़र आए. मगर उन्हें टीवी वाली जनता ने स्वीकार किया ‘सपना बाबुल का… विदाई’ के बाद. इस शो में पारुल चौहान और सारा खान ने लीड रोल्स किए थे. आलोक नाथ और विभा छिब्बर के साथ अविनाश वाधवा भी शो के प्राइमरी कास्ट का हिस्सा थे. इस शो में उन्होंने इंद्रजीत राजवंश नाम का किरदार निभाया था. इसके बाद उन्हें इंडियन टीवी के सबसे चर्चित शो ‘बालिका वधू’ का हिस्सा बनने का मौका मिला. टीवी पर अविनाश वाधवा को पिछली बार सूरज बड़जात्या के टीवी शो ‘पिया अलबेला’ में देखा गया था.

अपने करियर के टीवी वाले दौर में अविनाश वाधवा. अविनाश ने हिंदी सिनेमा के बाद रीजनल सिनेमा में हाथ आज़माया. मगर उन्हें दोबारा चर्चा में टीवी शोज़ लेकर आए.
अपने करियर के टीवी वाले दौर में अविनाश वाधवा. अविनाश ने हिंदी सिनेमा के बाद रीजनल सिनेमा में हाथ आज़माया. मगर उन्हें दोबारा चर्चा में टीवी शोज़ लेकर आए.

# आज कल कहां है और क्या कर रहे हैं अविनाश?

अविनाश वाधवा ने फिल्मों और टीवी के बाद डिजिटल स्पेस में भी काम किया. वो ज़ी5 की मुंबई अटैक्स पर आधारित वेब सीरीज़ ‘स्टेट ऑफ सीज 26/11’ में काम कर चुके हैं. आने वाले दिनों में उनकी दूसरी सीरीज़ ‘रिस्कनामा 2’ रिलीज़ होने वाली है. मगर फिल्मों में अपने करियर से अविनाश हमेशा अंसतुष्ट रहे. हालांकि इसमें वो अपनी खुद की गलती मानते हैं. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था-

”अपनी बेवकूफी और गलतियों की वजह से मैंने जीवन में कई खूबसूरत लम्हें खोए हैं. खासकर करियर में. ऐसे कई मौके रहे, जब लोगों ने मुझे कहा कि प्रैक्टिकली सोचो. मगर मैं सिर्फ अपने पारिवारिक और पर्सनल दिक्कतों में ही फंसा रहा. इससे मेरे करियर को बहुत नुकसान पहुंचा. मैंने खुद को बाहरी दुनिया से अलग कर लिया था. जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे अपने इस किए का अफसोस होता है.”

अविनाश ने पहली शादी से निकलने के बाद 2003 में नताशा नाम की लड़की से शादी की. इस शादी से उन्हें 2011 में सम्राट नाम का बेटा पैदा हुआ. अविनाश फिलहाल अपनी पत्नी और बेटे के साथ मुंबई में रहते हैं.

पत्नी नताशा और बेटे सम्राट के साथ अविनाश.
पत्नी नताशा और बेटे सम्राट के साथ अविनाश.

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