Submit your post

Follow Us

अब व्हाट्सएप मैसेजेस 4,096 सेकंड्स तक डिलीट कर सकते हैं, मगर 4,096 सेकंड्स ही क्यों?

1.08 K
शेयर्स

खबर ये है कि अब आप अपना व्हाट्सएप मैसेजेस 4,096 सेकंड्स तक डिलीट कर सकते हैं.

लेकिन 4,096 सेकंड्स ही क्यूं? हो सकता है कि सेकंड्स में लिखने पर ये नंबर वीयर्ड लगता हो लेकिन घंटों, मिनटों में कन्वर्ट करने पर सही हो जाए. तो आइये करते हैं – 4,096 सेकंड्स मतलब एक घंटा, आठ मिनट, सोलह सेकंड्स – यानी ये नंबर भी उतना ही वीयर्ड जितना पहले था.

तो क्या अ वेंसडे मूवी की तरह, ‘व्हाट्सएप वालों ने परची निकाली, पर्ची में 4,096 सेकंड्स आया?’ – नहीं!

तो फिर एक घंटा, आठ मिनट, सोलह सेकंड्स या 4,096 सेकंड्स ही क्यूं? लेट्स सी…


# डेसीमल नंबर सिस्टम

हम आमतौर पर जो नंबर सिस्टम यूज़ करते हैं वो डेसीमल नंबर सिस्टम है. मतलब हमारे डेसीमल नंबर सिस्टम में दस संख्याएं हैं

– शून्य, एक, दो, तीन, चार, पांच, छः, सात, आठ, नौ

और जो ग्यारहवीं या उसके बाद की संख्या होगी वो इन्हीं दस नंबरों से मिलकर बनेगी (दस – एक और शून्य दस, ग्यारह – एक और एक ग्यारह,…)

डेसीमल नंबर सिस्टम (इमेज: kids.britannica.com)
डेसीमल नंबर सिस्टम (इमेज: kids.britannica.com)

ये ठीक ऐसा ही है कि संगीत में केवल सात सुर होते हैं, एल्फाबेट में केवल छब्बीस अक्षर होते हैं और, रंगों में केवल तीन प्राकृतिक रंग होते हैं, लेकिन केवल सात सुरों से ही पूरा संगीत, केवल छब्बीस एल्फाबेट्स से ढेरों शब्द, वाक्य और पूरी भाषा और केवल तीन प्राकृतिक रंगों से करोड़ो रंग बन जाते हैं.


# बाईनरी नंबर सिस्टम

अब सोचिये कि किसी काल्पनिक संसार में हमारे पास केवल दो ही नंबर हैं – शून्य और एक, तब हम दो को कैसे लिखेंगे – 2?

नहीं! 2 की तो हमें जानकारी ही नहीं. हमने कभी पढ़ा ही नहीं 2 जैसी भी कोई चीज़ होती है. तो क्या उस काल्पनिक संसार में हम अनपढ़ ही रह जाएंगे? गणित आएगी ही नहीं? नहीं तब हम दो को लिखेंगे – 10

तीन को 11
चार को 100
पांच को 101
छः को 110
सात को 111

तो ये काल्पनिक दुनिया दरअसल कंप्यूटर की दुनिया है. जिसे दो के आगे गिनती नहीं आती.

बाइनरी नंबर सिस्टम
बाइनरी नंबर सिस्टम

वो तो कंडीशनिंग और इतिहास और सुविधा जैसी कई चीज़ों के चलते हमने डेसीमल सिस्टम बनाया वरना कोई बड़ी बात नहीं कि हम केवल दो संख्याओं से ही पूरी गणित चलाते. मतलब ये कि हमें मैथ्स के लिए अधिकतम दो नंबरों की जरूरत है और बाकी के नंबर उन्हीं दो नंबरों से बन जाते.


# तो फिर डेसीमल नंबर सिस्टम क्यूं?

कई कारण हैं – सबसे पहला तो हमारे पास दस उंगलियां है तो हमारे लिए इससे ज़्यादा गिनने के लिए जगह ही नहीं.

और हां, ध्यान दें कि हर जगह डेसीमल नंबर सिस्टम यूज़ किया भी नहीं जाता. और यही आंसर है कि व्हाट्सएप में एक घंटा, आठ मिनट, सोलह सेकंड्स या 4,096 सेकंड्स ही क्यूं?

आगे और विस्तार से समझते हैं.


# हेक्साडेसीमल नंबर सिस्टम

अब सोचिये कि यदि मूल संख्याएं सोलह होतीं –

0
1
2
3
4
5
6
7
8
9
A
B
C
D
E
F
10

यानी राउंड फिगर्स दस, बीस, तीस, चालीस… नहीं सोलह के गुणांक होते – सोलह, बत्तीस, चौसठ, एक सौ अट्ठाईस… होते.

ये सबकुछ इसलिए अजीब लग रहा क्यूंकि हमें आदत नहीं है. वरना क्या आपको पता है कि दस कोई इतनी खास संख्या नहीं कि ‘डेसीमल सिस्टम’ रखा जाए, या डेसीमल सिस्टम के बिना हमारा काम ही नहीं चल सकता.

मतलब, जैसे रंगों में केवल तीन मूल रंग हैं और सुरों में केवल सात मूल सुर हैं – प्राकृतिक, वैसे ही गणित में केवल दो मूल संख्याएं हैं – शून्य और एक, और केवल इन दो नंबर्स से सारी गणित सोल्व हो जानी है. मगर जैसे बचपन में स्कैच पेन में बारह कलर्स होते थे (जबकि उससे ज़्यादा भी कलर्स हो सकते थे, और मूल कलर केवल तीन ही हैं) वैसे ही हमने डेसीमल सिस्टम को चुना है (जबकि हेक्साडेसीमल जैसा कोई भी नंबर सिस्टम हो सकता था, और मूल संख्याएं केवल दो ही हैं.)

खैर, अब वैज्ञानिक, खासतौर पर कंप्यूटर वाले बंदे, हेक्साडेसीमल सिस्टम ज़्यादा यूज़ करते हैं. हेक्साडेसीमल यानी हेक्सा + डेसीमल – हेक्सा एक ग्रीक वर्ड है जिसका मलतब होता है छः और डेसीमल तो हमें पता ही है दस. डेसीमल एक लैटिन शब्द है. तो हेक्सा + डेसीमल मतलब सोलह.

हेक्साडेसीमल सिस्टम
हेक्साडेसीमल नंबर सिस्टम

तो, जब कंप्यूटर वैज्ञानिक हेक्साडेसीमल यूज़ करने लग गए हैं तो उनके राउंड फिगर्स भी उसी हिसाब से होंगे न. इसलिए ही तो आप देखते हो – बत्तीस जीबी का स्मार्टफोन, चौसठ जीबी का स्मार्टफोन.

साथ ही जैसे एक किलो में हज़ार ग्राम और एक ग्राम में हज़ार मिलीग्राम होते हैं – यानी डेसीमल सिस्टम यूज़ किया जाता है, वैसे ही एक जीबी में हज़ार एमबी होने चाहिए. मगर नहीं – होते हैं 1024 एमबी. क्यूं, उत्तर आप जानते हैं अब 1024 हेक्साडेसीमल का राउंड फिगर है. और इसी तरह 4096 भी हेक्साडेसिमल नंबर सिस्टम का राउंड फिगर है.

और इसलिए ही 4096 सेकंड्स तक डिलीट हो सकेंगे व्हाट्सएप मैसेजेस.

Bits Bytes
यही स्पेस या मेमोरी के ग्राम, किलोग्राम हैं.

अब आप पूछेंगे कि राउंड फिगर तो 1024 और 2048 भी हैं तो फिर 4096 क्यूं?

अरे सिंपल है. क्यूंकि उनके अनुसार इससे कम वाला राउंड फिगर बहुत कम हो जाता और इससे ज़्यादा वाला बहुत ज़्यादा हो जाता.

स्मार्टफोन की मेमोरी हमेशा सोलह के गुणांक में होती है.
स्मार्टफोन की मेमोरी हमेशा सोलह के गुणांक में होती है.

तो जब कंप्यूटर या स्मार्टफोन या विज्ञान से जुड़े किसी वीयर्ड नंबर को सुनो तो उसे सोलह से डिवाइड करके देख लेना.


# हेक्साडेसिमल सिस्टम क्यूं?

सबसे पहला उत्तर तो ये है कि हेक्साडेसिमल सिस्टम को आप अधिकतर कंप्यूटर के क्षेत्र में ही यूज़ होते हुए देखेंगे. क्यूंकि – जैसा कि आपको पता है, और साथ ही ऊपर भी बताया कि कंप्यूटर बाइनरी डिजिट ही समझता है – अर्थात उसे शून्य और एक से मतलब है और, जैसे बाप के लिए उसका बिगड़ा लड़का – समझो मर गया, वैसे ही कंप्यूटर के लिए बाकी संख्याएं – 2, 3, 4… समझो मर गईं. जैसे एक बेरोजगार के लिए वर्तमान के आगे शून्य ही शून्य होता है वैसे ही कंप्यूटर के लिए एक के आगे शून्य ही शून्य होता है.

डेसीमल, बाइनरी, ओकटल, हेक्साडेसिमल (इमेज: tpub.com)
डेसीमल, बाइनरी, ओकटल, हेक्साडेसिमल (इमेज: tpub.com)

मगर फिर भी हेक्साडेसिमल सिस्टम क्यूं? उत्तर है – सुविधा! सिंपलीसिटी!!

बाइनरी को हेक्साडेसिमल और हेक्साडेसिमल को बाइनरी में कन्वर्ट करना आसान होता है, और बाइनरी से कम जगह घेरता है. बाइनरी में जिसे 11010101110100110010001100110000 लिखा जाता है उसे हेक्साडेसीमल सिस्टम में 0xd5d32330 लिखा जाता है.


ये भी पढ़ें:

एमआरआई से एक आदमी की मौत के बावज़ूद आपको डरने की जरूरत क्यों नहीं है?

क्या है वो ‘पिंक स्लिप’ जो जिसको भी मिलती है दुखी हो जाता है?

हाइपर-लूप: बुलेट ट्रेन से दोगुनी स्पीड से कैसे चलती है ये ‘ट्रेन’?

ATM में उल्टा पिन डालने से क्या होता है?

क्या आप जानते हैं कि पानी गीला क्यूं होता है?

हार्ट फेल और हार्ट अटैक में क्या अंतर है और कैसे इन दोनों से बचा जाए?


Video देखें:

पी.चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम का कथित INX घोटाला क्या है?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

इन नौ सवालों का जवाब दे दिया, तब मानेंगे आप ऐश्वर्या के सच्चे फैन हैं

कुछ ऐसी बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.

अमिताभ बच्चन तो ठीक हैं, दादा साहेब फाल्के के बारे में कितना जानते हो?

खुद पर है विश्वास तो आ जाओ मैदान में.

‘ताई तो कहती है, ऐसी लंबी-लंबी अंगुलियां चुडै़ल की होती हैं’

एक कहानी रोज़ में आज पढ़िए शिवानी की चन्नी.

मोदी जी का बड्डे मना लिया? अब क्विज़ खेलकर देखो कितना जानते हो उनको

मितरों! अच्छे नंबर चइये कि नइ चइये?

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

एमएफ हुसैन की पेंटिंग और विवाद के बारे में तो गूगल करके आपने खूब जान लिया. अब ज़रा यहां कलाकारी दिखाइए.

इस क्विज़ में परफेक्ट हो गए, तो कभी चालान नहीं कटेगा

बस 15 सवाल हैं मित्रों!

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

इंग्लैंड के सबसे बड़े पादरी ने कहा वो शर्मिंदा हैं. जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

KBC क्विज़: इन 15 सवालों का जवाब देकर बना था पहला करोड़पति, तुम भी खेलकर देखो

आज से KBC ग्यारहवां सीज़न शुरू हो रहा है. अगर इन सारे सवालों के जवाब सही दिए तो खुद को करोड़पति मान सकते हो बिंदास!

क्विज: अरविंद केजरीवाल के बारे में कितना जानते हैं आप?

अरविंद केजरीवाल के बारे में जानते हो, तो ये क्विज खेलो.

क्विज: कौन था वह इकलौता पाकिस्तानी जिसे भारत रत्न मिला?

प्रणब मुखर्जी को मिला भारत रत्न, ये क्विज जीत गए तो आपके क्विज रत्न बन जाने की गारंटी है.