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Facebook Protect आपके लिए कितना जरूरी और कैसे करता है काम?

Facebook या मिलेनियल्स की भाषा में कहें तो FB. सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म. सबसे मज़ेदार बात ये है कि यूज़र्स के लिहाज से फेसबुक के लिए भारत बहुत अहम है. क्योंकि यहां सबसे ज़्यादा एक्टिव यूजर्स हैं. अब जितनी लोकप्रियता, खतरे भी उतने ही हैं. आए दिन फेसबुक अकाउंट हैक होने की खबरें आती ही रहती हैं.

ऐसा नहीं है कि अकाउंट को प्रोटेक्ट करने के लिए Meta की मालिकाना हक वाली फेसबुक में इंतजाम नहीं है. तमाम तरीके हैं जिनसे अकाउंट को प्रोटेक्ट किया जा सकता है. एक कदम आगे जाते हुए अकाउंट के प्रोटेक्शन को और मजबूत बनाने के लिए फेसबुक ने एक नया प्रोग्राम फेसबुक प्रोटेक्ट (Facebook Protect) इंडिया में भी लॉन्च कर दिया है.
फेसबुक प्रोटेक्ट क्या है? ये कैसे काम करता है? और किसके-किसके लिए उपलब्ध है? यदि नहीं किया इनेबल तो क्या होगा? आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं.

फेसबुक प्रोटेक्ट

फैंसी सा नाम सुनकर टेंशन में मत आइए, क्योंकि मेटा की तरफ से कोई सुपर कमांडो ध्रुव आपके अकाउंट को प्रोटेक्ट करने नहीं आने वाला. फेसबुक प्रोटेक्ट दरअसल अकाउंट की प्रोटेक्शन से जुड़ा एक फीचर है जो पहले से ऐप के अंदर मौजूद है. आमतौर पर अकाउंट का एक पासवर्ड होता है और दूसरा होता है 2FA. इसी 2FA “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” को अब फेसबुक की तरफ से अनिवार्य किया गया है. 2FA “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” या “टू स्टेप वेरिफिकेशन” अकाउंट को लॉगइन करने की पुख्ता व्यवस्था है. शॉर्ट एण्ड स्वीट लहजे में कहें तो आमतौर पर लॉगइन करने के लिए एक पासवर्ड की ज़रूरत होती है लेकिन “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” इनेबल होने पर पासवर्ड के साथ एक कोड भी डालना पड़ता है. कोड आपके मोबाइल पर भी आ सकता है या संबंधित कंपनी के साइन इन प्रॉम्पट के ज़रिए किसी authenticator ऐप पर.

आप गूगल का इस्तेमाल करते होंगे (कोई शक नहीं है इसमें) तो आपको इसके बारे में कुछ महीने पहले पता चल ही गया होगा. गूगल पर भी 2FA फीचर पहले से मौजूद था, लेकिन नवंबर 2021 से इसको अनिवार्य कर दिया गया. “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” फीचर सभी प्लेटफ़ॉर्म का एक अहम हिस्सा है, फिर बात Apple की हो या Twitter की. यह प्रोग्राम 2018 में अमेरिका में सबसे पहले चालू हुआ, फिर इसको 2020 में अमेरिकी प्रसीडेंट चुनाव के समय व्यापक स्तर पर लागू किया गया. अब यह भारत में भी लॉन्च हो गया है.

अनिवार्य करने की जरूरत क्यों आन पड़ी?

लापरवाही इसकी सबसे बड़ी वजह है. बात अमेरिका की हो या इंडिया की. दुनियाभर के किसी भी यूजर के लिए यही बात कही जा सकती है. कंपनियों से लेकर साइबर एक्सपर्ट तक कितना भी कहें कि पासवर्ड बहुत मजबूत, लंबा और यूनीक होना चाहिए लेकिन होता नहीं है. लव यू 84 से लेकर जन्म की तारीख जैसे आसान पासवर्ड अभी भी बनते हैं. हर साल आने वाली पासवर्ड रिपोर्ट उठा कर देख लीजिए. टॉप पासवर्ड चार्ट में “Password” और 12345 आज भी सबसे आगे हैं. कमजोर पासवर्ड का चलन सिर्फ आम यूजर तक सीमित नहीं है. फिर कंपनियों ने एक्शन लेते हुए सालों पहले 2FA लॉन्च किया.

क्या बढ़िया फीचर है कि गलती से आपका पासवर्ड किसी के हाथ भी लग जाए तो लॉगइन के लिए एक दूसरे पासवर्ड की भी जरूरत पड़ेगी जो सिर्फ आपके पास आएगा. इतना करने के बाद भी नतीजा अभी भी वही है “ढाक के तीन पात” और ऐसा हम नहीं फेसबुक ने खुद कहा. जानकारी दी गई है कि अभी भी सिर्फ 4 प्रतिशत अकाउंट 2FA इस्तेमाल करते हैं. फेसबुक के भारी-भरकम यूजर बेस के सामने ये निराश करने वाला आंकड़ा है. इसी वजह से कंपनी ने फैसला किया कि 2FA को अनिवार्य किया जाए.

कैसे काम करेगा फेसबुक प्रोटेक्ट?

हमने आपको पहले बताया था कि 2FA अभी तक तो ऑप्शनल है लेकिन अब ये अनिवार्य हो जाएगा. एक बार एक्टिव हुआ नहीं कि फिर 2FA प्रोसेस के बिना अकाउंट में लॉगइन नहीं होगा. फेसबुक ऐप पर या जहां कहीं प्लेटफ़ॉर्म इस्तेमाल हो रहा है, उस पर फेसबुक प्रोटेक्ट को एक्टिवेट करने का नोटफिकेशन आएगा. अब आप इतना तो समझ गए होंगे कि इस नोटिफिकेशन को मना करने का कोई ऑप्शन नहीं होगा. ऐप ओपन करने पर नोटिफिकेशन आएगा, लेकिन अच्छी बात ये है कि ये आपसे कोई अकाउंट डिटेल नहीं पूछने वाला. नोटिफिकेशन आपको सिर्फ 2FA “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” को इनेबल करने के लिए कहेगा.

कैसे इनेबल होगा और किसको मिलेगा?

अब फेसबुक का यूजर बेस इतना बड़ा है तो जाहिर सी बात है कि फेसबुक प्रोटेक्ट सभी के लिए एक साथ नहीं आने वाला. हाल-फिलहाल के लिए उन अकाउंट में “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” अनिवार्य किया गया है जिन पर साइबर अटैक का खतरा ज्यादा है. पत्रकारिता से जुड़े अकाउंट, मानव अधिकारों के लिए काम करने वाले लोग और संस्थाएं, सरकार से जुड़े आधिकारिक अकाउंट सबसे पहले “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” के दायरे में आएंगे. फेसबुक के मुताबिक, ऐसे 15 लाख अकाउंट हैं जिनको खतरा ज्यादा है और अभी तक 9.5 लाख अकाउंट को “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” के लिए अनिवार्य किया गया है. अभी के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे अनिवार्य “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” के लिए अकाउंट को इनरोल किया जा सके.

आसान भाषा में कहें तो इसका निमंत्रण कार्ड फेसबुक का AI ही देगा. अब आपको लग रहा होगा कि आप तो इस सब झंझट से कोसों दूर हैं तो आप गलत समझ रहे. फेसबुक ने बताया है कि वो “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” को ज्यादा से ज्यादा अकाउंट तक पहुंचा रहा है. मतलब अभी के लिए “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” आपके लिए अनिवार्य नहीं हो लेकिन देर सवेर होगा ही. फेसबुक ने कहा कि आपको “टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन” का नोटिफिकेशन भले ना मिले लेकिन आप इसको इनेबल जरूर कर सकते हैं.

क्या होगा यदि इनेबल नहीं किया तो…

अभी के लिए आप मत करिए इनेबल, लेकिन एक बार आपको नोटिफिकेशन आ गया तो एक तय समय सीमा के अंदर करना ही पड़ेगा वरना अकाउंट हो जाएगा लॉक. फिर 2FA और फेसबुक प्रोटेक्ट के ऑन होने पर ही खुलेगा.


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