Submit your post

Follow Us

लॉकडाउन में किस रोजगार से घर बैठे लोगों ने करोड़ों कमाए?

लॉकडाउन के दौरान भारत समेत पूरी दुनिया में लाखों लोगों की नौकरियां चली गईं. लोगों के काम-धंधे बंद हो गए. लेकिन इस दौरान कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने जमकर कमाई की. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बग बाउंटी के जरिए सॉफ्टवेयर्स में कमियां ढूंढ कर हैकर्स ने साल 2020 में रिकॉर्ड 40 लाख डॉलर्स की कमाई की. यानी भारतीय रुपए में कहें तो 29 करोड़ से ज्यादा रुपए बटोर लिए.

HackerOne की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 हैकर्स ने प्रति व्यक्ति एक मिलियन डॉलर मतलब भारतीय रुपयों में सात करोड़ 25 लाख से ज्यादा की कमाई की. कोरोना महामारी के दौरान इस तरह के हैकर्स की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली. इनमें से अधिकांश पार्ट टाइम जॉब करते हैं. अमेरिका, अर्जेंटीना, चीन, भारत, नाइजीरिया और मिस्र सहित दर्जनों अलग देशों में रहते हैं.

नवंबर 2020 की एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि फेसबुक ने अपने प्लेटफार्मों पर बग का पता लगाने के लिए साल 2020 में 50 से अधिक देशों के रिसर्चर्स पर 1.98 मिलियन डॉलर, भारतीय रुपए में कहें तो 14 करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च किए. अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया स्थित HackerOne अपने प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग के लिए सब्सक्रिप्शन फीस लेता है. इसी तरह का एक और प्लेटफॉर्म YesWeHack, जो फ्रांस में स्थित है, उसका कहना है कि साल 2020 में 22,000 हैकर्स उसके प्लेटफॉर्म पर आए. यह संख्या पिछले साल की तुलना में डबल है.

इस स्टोरी में हम इस पर बात करेंगे कि बग बाउंटी क्या है और इससे कुछ लोग लाखों डॉलर की कमाई कैसे कर ले रहे हैं?

‘बग’ किसे कहते हैं?

हर ऐप या वेबसाइट में कोई ना कोई तकनीकी खामी या कमियां रहती ही है. इसके चलते कंपनियों को कोई ना कोई नुकसान उठाना पड़ता है. इन खामियों को तकनीकी भाषा में बग कहते हैं. सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर प्रोग्राम में किसी तरह की कमी, फॉल्ट या एरर जिससे सिस्टम के सही तरीके से काम नहीं कर पाता, उसे ‘बग’ कहा जाता है.

सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर प्रोग्राम में किसी तरह की कमी, फॉल्ट या एरर जिससे सिस्टम के सही तरीके से काम नहीं कर पाता, उसे ‘बग’ कहते हैं. सांकेतिक तस्वीर
सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर प्रोग्राम में किसी तरह की कमी, फॉल्ट या एरर को ‘बग’ कहते हैं. सांकेतिक तस्वीर

इन बग को अपने प्लेटफॉर्म से हटाना कंपनियों की प्राथमिकता होती है. कंपनियां इसके लिए बाहरी रिसर्चर्स और एथिकल हैकर्स की मदद लेती हैं. इसके अलावा कई बार कंपनियां अपने प्रोडक्ट और सर्विस को बेहतर बनाने के लिए ‘बग बाउंटी प्रोग्राम’ चलाती हैं. इनके जरिये इन कंपनियों को उनके उत्पाद में मौजूद बग का पता चल पाता है और वे उसे दूर कर अपने उत्पाद को बेहतर बनाती हैं.

बग बाउंटी प्रोग्राम क्या है?

ऑनलाइन कंपनियों की ओर से उनके प्रोडक्ट में बग यानी तकनीकी खामियां या चूक का पता लगाने के लिए बग बाउंटी प्रोग्राम आयोजित कराया जाता है. इसमें किसी व्यक्ति या ग्रुप को इनवाइट किया जाता है कि वो आएं और बग की खोज करें और इनाम ले जाएं. आमतौर पर इस तरह के इवेंट में भाग लेने वाले साइबर रिसर्चर या एथिकल हैकर्स होते हैं. ये बग की खोज कर कंपनियों को रिपोर्ट करते हैं. बग बाउंटी प्रोग्राम आमतौर पर बड़ी कंपनियों द्वारा नियमित अंतराल पर चलाये जाते रहते हैं. इन प्रोग्राम के जरिये इन कंपनियों को अपने प्रॉडक्ट को नुकसान से बचाने और उसे लगातार सुरक्षित बनाए रखने में मदद मिलती है.

फेसबुक डेटा प्राइवेसी को लेकर पहले से निशाने पर था. लेकिन अपने प्लेटफॉर्म पर हेट स्पीट और वायोलेंस वाले कंटेंट को लेकर भी अब वह सवालों के घेरे में है.
फेसबुक के मुखिया मार्क जकरबर्ग

बग बाउंटी प्रोग्राम चलाने में फेसबुक बहुत आगे है. फेसबुक ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि 2011 के बाद फेसबुक को 1 लाख 30,000 से अधिक रिपोर्ट मिली. जिनमें से 6,900 से अधिक को इनाम दिया गया. साल 2020 में फेसबुक को 17,000 रिपोर्ट मिलीं, और 1,000 से अधिक रिपोर्टों पर इनाम जारी किए गए.

कमाई कैसे होती है?

बग बाउंटी प्रोग्राम के जरिये डेवलपर्स और एथिकल हैकर्स लाखों में कमाई कर ले जाते हैं. आमतौर पर कंपनियों द्वारा बग रिपोर्ट करने के एवज में उन्हे कई हज़ार डॉलर का पेमेंट किया जाता है. कुछ डेवलपर्स इस काम को नियमित तौर पर करते हैं. और उनकी इनकम का मेन सोर्स यही होता है.

इस तरह के बग हंटिंग का काम करने वाले ज्यादा युवा होते हैं. इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक हैकरों में दो तिहाई की उम्र 18 से 29 साल के बीच है. इन लोगों को बड़ी कंपनियां कोई भी खामी बताने पर बड़ी इनामी राशि देती है. वे किसी साइबर अपराधी से पहले वेब कोड की कमी का पता लगाते हैं. जिन बग का पहले पता नहीं चल पाया हो उन्हें तलाशना बेहद मुश्किल काम होता है, लिहाजा इस काम के लिए उन्हें हज़ारों डॉलर की रकम मिलती है, यह एक तरह से इथिकल हैकरों के लिए बड़ी इनसेंटिव होती है.

Google Facebook News Lt
फेसबुक की सांकेतिक फोटो

हालांकि डेवलपर्स के लिए भी कुछ खास नियम व शर्तें होती हैं, जैसे खोजा गया बग ओरिजिनल होना चाहिए और यह बग पहले से किसी और ने रिपोर्ट ना किया हो, बग की खोज करते समय भी यूजर्स और कंपनी के डेटा और निजता के साथ कोई छेड़छाड़ ना की गई हो. इसी के साथ कंपनियां इस तरह के प्रोग्राम चलाते समय अपने नियम व शर्तें भी सामने रखती हैं जिनका पालन करना अनिवार्य होता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इनामी रकम मिलने से इथिकल हैकर मोटिवेटेड रहते हैं. इन कार्यक्रमों के ज़रिए टेक सेवी पेशेवरों को एक क़ानूनी विकल्प मिलता है, नहीं तो वे हैकिंग करके और डाटा चुराकर बेचने का काम करने लगेंगे. टेक इंडस्ट्री में बग की पहचान पर इनामी रकम देने का चलन बढ़ रहा है, साथ ही इनाम की रकम भी बढ़ रही है.

हालांकि ये भी सच है कि इनामी रकम के लिए भीड़ भी बढ़ती जा रही है. हर कोई बहुत ज़्यादा कमा नहीं रहा है. कुछ लोग हैं जो ढेरों पैसा बना चुके हैं, लेकिन ज़्यादातर लोगों ने कोई पैसा नहीं बनाया है. दुनिया भर के हैकरों में महज चार प्रतिशत हैकर महिलाएं हैं. यानी इस फिल्ड में भी पुरुषों का वर्चस्व है.


वॉट्सऐप प्राइवेसी की टेंशन ख़त्म हुई नहीं कि चाइनीज़ हैकर्स ने अलग माथा ख़राब कर दिया

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

जब ट्रेलर आया था, तबसे लगातार विरोध जारी है.

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

आज जानते हो किसका हैप्पी बड्डे है? माधुरी दीक्षित का. अपन आपका फैन मीटर जांचेंगे. ये क्विज खेलो.

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

चुनावी माहौल में क्विज़ खेलिए और बताइए कितना स्कोर हुआ.

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

राहुल के साथ यहां भी गड़बड़ हो गई.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

म्हारा आमिर, सारुक-सलमान से कम है के?

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान.

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

'इंडियन आइडल' से लेकर 'बिग बॉस' तक सोलह साल हो गए लेकिन किस्मत नहीं बदली.