Submit your post

Follow Us

फुटवियर खरीदने से लेकर बीमा प्रीमियम भरने तक, 1 जनवरी से किस-किस काम में लगेगी चपत?

यूं तो नया साल हर बार ही कुछ बदलाव लेकर आता है. लेकिन इस बार के बदलाव आपकी जेब और बैंक अकाउंट से लेकर बिजनेस तक पर भारी पड़ने वाले हैं. हाल ही में जीएसटी दरों में हुई बढ़ोतरी 1 जनवरी से लागू होने के चलते जहां कई सामान और सर्विसेज के दाम बढ़ने तय हैं, वहीं कुछ कंपनियों ने बढ़ती लागत का हवाला देकर कीमतें बढ़ाने का ऐलान कर रखा है. बैंकिंग और टैक्स से जुड़े प्रावधान भी हैं, जो नए साल के पहले दिन से लागू होंगे. इनका भी आप पर डायरेक्ट या इनडायरेक्ट असर होगा. इसके अलावा महीने के शुरू में ही कुछ एहतियात बताए गए थे, जिन पर अमल नहीं करना 1 जनवरी से महंगा पड़ सकता है.

जूते-चप्पल होंगे महंगे

एक हजार रुपये से कम मूल्य के जूते-चप्पलों का 1 जनवरी से महंगा होना तय है. इन पर जीएसटी 5 फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगा. वैसे तो यह टैक्स बढ़ोतरी कपड़ों पर भी महंगाई की मार लाने वाली थी. लेकिन साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में इसे आगे के लिए टाल दिया गया. हालांकि काउंसिल ने फुटवियर को यह राहत नहीं दी. अभी तक आम आदमी की पहुंच वाले जूते-चप्पलों पर 5 फीसदी ही जीएसटी लगता है. नई दरों का पूरे देश में कारोबारी विरोध कर रहे थे. लेकिन टेक्सटाइल इंडस्ट्री का विरोध ही रंग लाया और उन्हें राहत मिल गई. हालांकि कपड़ों को मिली राहत भी अंतरिम है. इस पर कोई अंतिम फैसला काउंसिल की फरवरी या मार्च में होने वाली बैठक में ही होगा.

ऑनलाइन फूड पर ‘चपत’

1 जनवरी से ऑनलाइन कैब बुक कराने से लेकर जोमैटो और स्विगी के जरिए खाना मंगाना महंगा हो सकता है. ऐसा जीएसटी लगने के चलते नहीं, बल्कि प्रोसीजरल बदलावों की आड़ में मनमानी के चलते होगा. जीएसटी काउंसिल ने ऑनलाइन एग्रीगेटर्स को टैक्स के दायरे में लाने का ऐलान किया था. फिर सरकार ने सफाई भी दी कि इसका आम कस्टमर के बिल पर कोई असर नहीं होगा. कोई नया टैक्स नहीं लगा है. रेस्टोरेंट जो 5 प्रतिशत जीएसटी पे करते हैं, ऑनलाइन डिलिवरी के मामले में यह देनदारी एग्रीगेटर्स की होगी.

असल में इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में जो टैक्स चार्ज करता है, उसी की लाइबिलिटी टैक्स जमा कराने की भी होती है. पहले और अब भी, आप रेस्टोरेंट में खाएंगे तो रेस्टोरेंट आपसे 5 पर्सेंट जीएसटी चार्ज करेगा और जमा कराएगा . ऑनलाइन के मामले में होता यह था कि एंड कस्टमर से टैक्स तो ऑनलाइन एग्रीगेटर्स चार्ज करते थे, लेकिन लाइबिलिटी रेस्टोरेंट की बनी रहती थी. अब सरकार ने लाइबिलिटी एग्रीगेटर्स पर डाल दी है. यानी जो 5 पर्सेंट ये आपसे पहले चार्ज करते थे, अब भी करेंगे और खुद जमा कराएंगे. लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि रेस्टोरेंट तो टैक्स सहित पुराने दाम पर ही खाना सप्लाई कर रहे हैं. एग्रीगेटर्स ने जीएसटी के नाम पर अतिरिक्त 5 पर्सेंट चार्ज करना शुरू कर दिया है.

Food1
ऑनलाइन फूड डिलिवरी की सांकेतिक तस्वीर (साभार: आजतक)

कार कंपनियां बढ़ाएंगी दाम

मारुति सुजुकी, टाटा, होंडा, टोयोटा और स्कोडा से लेकर मर्सिडीज-बेंज तक, सभी कार कंपनियां 1 जनवरी से दाम बढ़ाने की घोषणा पहले ही कर चुकी हैं. यह बढ़ोतरी ढाई से 5 पर्सेंट की रेंज में हो सकती है. इसके पीछे असल वजह इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी बताई जा रही है. लेकिन कंपनियों की लागत कई कारणों से बढ़ी है. एक तो सेमीकंडक्टर चिप की किल्लत अब भी बनी हुई है. दूसरे एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव, खासकर डॉलर के मुकाबले रुपये में काफी गिरावट के चलते कच्चे माल का इम्पोर्ट महंगा हुआ है. ज्यादातर कंपनियों ने महंगाई को ही प्राइस हाइक का आधार बताया है.

बीमा का प्रीमियम बढ़ेगा

सभी हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने पिछले महीने ही ऐलान कर दिया था कि वे अपने ज्यादातर प्रॉडक्ट्स के प्रीमियम में इजाफा करेंगी. कुछ कंपनियों ने दिसंबर में ही बीमाधारकों से ज्यादा चार्ज करना शुरू कर दिया था, जबकि अधिकांश यह बोझ 1 जनवरी के बाद डालने पर विचार कर रही हैं. कुछ कंपनियों ने हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम 30-40 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया है. इस बढ़ोतरी के पीछे कोविड के दौरान कंपनियों को बड़े पैमाने पर हुए नुकसान को कारण बताया जा रहा है. लाइफ इंश्योरेंस टर्म प्लान के प्रीमियम में भी भारी इजाफा हो सकता है.

ट्रेडर्स पर जीएसटी की सख्ती

1 जनवरी से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कई कड़े नियम लागू होने जा रहे हैं. इसका असर करीब सवा करोड़ जीएसटी रजिस्टर्ड कारोबारियों पर पड़ेगा. अगर कोई व्यापारी अपने सेल्स रिटर्न (GSTR-1) में इनवॉइस डेटा की एंट्री नहीं करेगा तो उसके खरीदार को इनपुट क्रेडिट नहीं मिलेगा. क्रेडिट नहीं मिलने का मतलब है कि कच्चे माल की खरीद या पीछे चुकाए गए टैक्स के बराबर नुकसान.

इसके अलावा दो रिटर्न्स के बीच डेटा मिसमैच पाए जाने पर जीएसटी विभाग की रिकवरी टीमें सीधे कारोबारियों के परिसर में रेड डाल सकती हैं. पैन और आधार नंबर लिंक नहीं कराने वाले कारोबारियों का रिफंड और इनपुट क्रेडिट भी रोकने की बात कही गई है.

Moeny3
कैश की सांकेतिक तस्वीर

एटीएम ट्रांजैक्शन भी महंगा

1 जनवरी से अपने या किसी दूसरे बैंक के एटीएम से एक लिमिट से ज्यादा ट्रांजैक्शन करना महंगा हो जाएगा. RBI ने बहुत पहले ही बैंकों को कैश और नॉन-कैश ट्रांजैक्शन चार्जेज में इजाफा करने की इजाजत दे दी थी. लेकिन यह अब लागू होने जा रहा है. अभी बैंक फ्री मंथली ट्रांजैक्शन लिमिट के ऊपर हर ट्रांजैक्शन पर 20 रुपये प्लस 18 प्रतिशत जीएसटी चार्ज करते थे. 1 जनवरी से यह 21 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन हो जाएगा और इसके ऊपर जीएसटी लगेगा. ऐसे में फ्री लिमिट के बाद प्रति ट्रांजैक्शन आपके खाते से 24.78 रुपये कटेंगे, जो पहले 23.60 रुपये हुआ करता था.

निकासी-जमा पर चार्ज

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) के खाताधारकों को कैश निकासी की एक सीमा के बाद पैसे निकालने पर चार्ज देना होगा. बैंक में सेविंग्स अकाउंट से हर महीने चार बार बिना किसी चार्ज के कैश निकाला सकता है. लेकिन इसके बाद हर निकासी पर कम से कम 25 रुपये चुकाने होंगे. सेविंग और करंट अकाउंट से हर महीने 25 हजार रुपये तक की निकासी ही मुफ्त होगी. उसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर 0.50 प्रतिशत चार्ज लगेगा. बेसिक सेविंग अकाउंट के अलावा दूसरे अकाउंट और करंट अकाउंट में 10 हजार रुपये से ज्यादा जमा करने पर 0.50 प्रतिशत चार्ज लगेगा. यह 25 रुपये से कम नहीं हो सकता.

डिपॉजिटरीज भी KYC पर सख्त

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) और सेंट्रल डिपॉजिटरीज सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) से जुड़े किसी भी तरह के अकाउंट होल्डर्स और इन्वेस्टर्स के लिए 1 जनवरी से केवाईसी नॉर्म्स कड़े हो जाएंगे. दोनों डिपॉजिटरीज ने कहा है कि नए साल से नाम, पता, PAN, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और इनकम रेंज बताना अनिवार्य होगा. ऐसा मार्केट रेग्युलेटर सेबी के निर्देश पर किया गया है. निवेशकों से यह भी कहा गया है कि PAN कार्ड को इनकम टैक्स की वेबसाइट से वेरिफाई करा लें. बिना आधार से लिंक्ड PAN नंबर वैलिड नहीं माना जाएगा.


वीडियो- आसान भाषा में: ये फाइनेंशल इंडिकेटर्स बताएंगे कि आपके बैंक की माली हालत कैसी है 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

रामचंद्र गुहा की किताब 'क्रिकेट का कॉमनवेल्थ' के कुछ अंश.

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

शुद्ध और असली स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर करियर ग्राफ़ बाद में गिरता ही चला गया.

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

जगह थी मुंबई एयरपोर्ट. अब दस साल बाद फिर से दोनों का नाम एक साथ सुर्ख़ियों में है.

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.