Thelallantop

फ़ोन बहुत यूज़ करते हैं? सोशल मीडिया से दिमाग़ ख़राब हो रहा है? मस्त होने का तरीक़ा हम आपको बतायेंगे!

स्मार्टफोन कब आपको कंट्रोल करने लगता है पता ही नहीं चलता. (Image:me.me)

कभी आपने सोचा है कि आपका स्मार्टफोन आपको कंट्रोल करता है या आप उसको कंट्रोल करते हैं. बाहर से देखने पर आपको लगेगा कि आपको अपने स्मार्टफोन पर पूरा कंट्रोल है, जैसा आप चाहते हैं. जब चाहते हैं. वैसा ही करता है. भले ही आपको ऐसा लगे, लेकिन हकीकत ये है कि स्मार्टफोन ने आपको कंट्रोल कर रखा है. उदाहरण के लिए WhatsApp पर आप बेवजह कितनी देर ग्रुप में बातचीत करते हैं? Instagram फ़ीड स्क्रॉल करते-करते कब घंटों बीत जाते हैं आपको पता ही नहीं चलता? ट्विटर पर क्या ट्रेंड हो रहा वो आपकी दिनचर्या का हिस्सा कब बन जाता है आपको एहसास भी नहीं होता?

आपको जब इस बात का पता चलता है कि स्मार्टफोन ने आपको कंट्रोल कर लिया है तो आप डिजिटल डिटॉक्स के तरीके सर्च करते हैं. निराशा भी नहीं होती क्योंकि बहुत से तरीके सच में मौजूद हैं. स्क्रीन टाइम कंट्रोल हो सकता है. फोकस मोड भी इस्तेमाल किया जा सकता है. थोड़ा और आगे जाएं तो नेटवर्क बंद कर सकते हैं या ऐप ही डिलीट कर सकते हैं. तरीके तो बहुत हैं लेकिन कड़वा सच ये है कि इन सभी से आप उस ऐप से दूर तो हो जाते हैं लेकिन कुछ देर के लिए. एक बार फिर इस्तेमाल करना चालू किया नहीं कि वही पुरानी कहानी.

आपको लग रहा होगा कि हम आपको इतना सब क्यों बता रहे हैं तो दरअसल हम उन तरीकों के बारे में बात करने वाले हैं जिनके इस्तेमाल से आप अपने स्मार्टफोन से दूर भी नहीं होंगे और उसके इस्तेमाल पर कंट्रोल भी हो जाएगा.

1 – WhatsApp पर रीड रिसीट को बंद करना

वॉट्सऐप बातचीत का सबसे बड़ा साधन है, लेकिन यही बातचीत कभी-कभी परेशानी या तनाव का कारण भी बनती है. हम बात कर रहे हैं रीड रिसीट की. आपने किसी का मैसेज पढ़ लिया या आपका भेजा मैसेज किसी ने पढ़ लिया हो, दोनों कंडीसन में नीले रंग मार्क हो जाता है. रसीद कट जाती है कि सामने वाले ने आपका मैसेज पढ़ लिया. वैसे तो ये बढ़िया फीचर है लेकिन जब कभी आपको ये प्रेशर आता है कि आपने मैसेज पढ़ लिया और जवाब नहीं दिया या फिर आपका भेजा मैसेज किसी ने पढ़ लिया और जवाब नहीं आया. दोनों परिस्थिति अच्छी नहीं है इसलिए वॉट्सऐप रीड रिसीट बंद रखिए. ऐप की सेटिंग्स में अकाउंट-प्राइवेसी में “Read Receipts” ऑफ करने का ऑप्शन मिल जाएगा. हमेशा ऑनलाइन दिखाना (लास्ट सीन) भी जरूरी नहीं है तो इस फीचर को भी ऑफ रख सकते हैं.

Whatsapp read receipts

2 – Instagram लाइक्स को छिपाना

इंस्टाग्राम की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है. ऐप की लोकप्रियता अपनी जगह पर है लेकिन आप इस ऐप पर कितने लोकप्रिय हैं वो एक टेंशन जैसा है. आमतौर पर सभी के साथ होता है कि कोई पोस्ट डाला नहीं और उसपर कितने लाइक्स आए वो जीवन मरण का विषय हो जाता है. ढेर सारे लाइक मतलब सब अच्छा लेकिन लाइक कम या बहुत कम हो तो सिर्फ तनाव. इस तनाव से होने वाले बुरे प्रभावों पर आपने कई खबरें जरूर पढ़ी होंगी. इसका सबसे अच्छा इलाज है इस फीचर को बंद कर दिया जाए. अब आप पोस्ट डालिए लेकिन लाइक्स की चिंता के बिना. अपनी किसी भी पोस्ट पर जाइए और तीन डॉटस पर क्लिक करके मेन्यू ओपन कीजिए. “Hide Like Count” इनेबल कर दीजिए. अपने आप को और शांति देना है तो “Turn Off Commenting” भी इनेबल कर दीजिए.

Instagram likes

3 – Facebook News Feed फ़ीड पर कंट्रोल

हमारे बहुत से साथी फ़ेसबुक का इस्तेमाल नहीं करते और यकीन मानिए उनकी जिंदगी में कुछ भी कम नहीं हुआ है. हमने उनका अनुभव जाना तो उन्होंने कहा कि फ़ेसबुक एक डेली सोप जैसा है. जहां सिर्फ दूसरे क्या कर रहे उसकी चिंता होती है. एक नशा है जो हमेशा दिलो-दिमाग पर छाया रहता है जैसे किसने क्या किया, क्या शेयर हुआ वगैरह. वो फ़ेसबुक बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते और बहुत खुश हैं. हमारे कहने का मतलब बिना फ़ेसबुक भी जीवन संभव है. आपके लिए शायद ऐप का इस्तेमाल बंद करना मुश्किल होगा लेकिन डिलीट करना नहीं. फोन से ऐप को डिलीट कीजिए और लैपटॉप या पीसी पर चलाइए. अपने आप यूज कम हो जाएगा. क्रोम में ऐसे कई एक्सटेंशन हैं जिससे फ़ेसबुक पर आने वाली खबरें और मीम से बचा जा सकता है. आप सिर्फ मोबाइल इस्तेमाल करते हैं तो क्रोम या किसी दूसरे ब्राउजर पर फ़ेसबुक चलाइए, ऐप पर नहीं. क्रोम पर इस्तेमाल करेंगे तो अपने आप टोटल यूज में कमी आएगी और फालतू की जानकारी भी कम पता चलेगी.

4 – YouTube वीडियो सुझाव पर नियंत्रण

यूट्यूब का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतना शानदार है कि वो आपकी पसंद के हिसाब से कंटेंट परोसता है. पहली नजर में ये बहुत सही लगता है, लेकिन यही AI आपको लगातार वीडियो देखने के लिए प्रेरित भी करता है. नतीजा घंटों का स्क्रीन टाइम. आप फ़ेसबुक की तरह यूट्यूब को अपने फोन से सीधे तौर पर डिलीट तो नहीं कर सकते, कम से कम एंड्रॉयड डिवाइस में. लेकिन डिसेबल करना संभव है. इसके बाद आप यूट्यूब के लिए सिर्फ कंप्यूटर को इस्तेमाल में लाइए. ब्राउजर पर देखना भी बिल्कुल बुरा नहीं है. इसके ऑटो प्ले को ऑफ रखिए. वरना वीडियो इनफिनिटी मोड में चलता रहेगा.

5 – Twitter पर म्यूट का इस्तेमाल

भारत में ट्विटर थोड़ा कम इस्तेमाल होने वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के मुकाबले ट्विटर यूजर भले कम हों लेकिन असर इसका भी कम नहीं. दिनभर में ऐसी कई खबरें आती हैं जहां ट्विटर ट्रेंड के बारे में बात होती है. यदि आप ट्विटर प्रेमी हैं तो आपने देखा होगा कि ऐप पर कई तरीके से सुझाव आते रहते हैं फिर चाहे बात शॉपिंग की हो या किसी मुद्दे पर बात करने की. इसको रोका जा सकता है मतलब म्यूट किया जा सकता है. किसी व्यक्ति या संस्था को म्यूट करना है तो उनके प्रोफाइल पर जाकर थ्री डॉटस पर क्लिक करके “म्यूट” दबा दीजिए. अब आपको उनके ट्वीट भी नहीं नजर आएंगे और उनको पता भी नहीं चलेगा. अब किसी शब्द या वाक्य को म्यूट करना है तो सेटिंग्स का रुख कीजिए. प्राइवेसी एण्ड सेफ़्टी के अंदर “म्यूट एण्ड ब्लॉक ” का ऑप्शन मिलेगा. यहां प्लस पर क्लिक करके उस शब्द को ऐड कर दीजिए.

Twitter Mute

6 – ईमेल नोटिफिकेशन

आप कामकाजी व्यक्ति हैं और आपको बहुत से मत्वपूर्ण ईमेल आते हैं तो आपके लिए नोटिफिकेशन काम का हो सकता है. ईमेल काम के हो सकते हैं लेकिन ऑफिस के घंटे खत्म होने के बाद नोटिफिकेशन भी किसी काम का नहीं. आधी रात को मेल आया तो सिर्फ आपकी नींद खराब होगी, क्योंकि आपको जो करना है वो सुबह ही होगा. ऐसे में अपने स्मार्टफोन पर ईमेल नोटिफिकेशन का समय तय कीजिए. ईमेल ऐप कब-कब नए ईमेल चेक करेंगे, आप उसको भी कंट्रोल कर सकते हैं. जैसे कि एक घंटे में या दिन भर में. परेशानी से बचने के लिए इस टाइम लाइन को मैनुअली भी सेट कर सकते हैं. मतलब जब आप ऐप ओपन करेंगे तभी नए मेल डाउनलोड होंगे.

ईमेल नोटिफिकेशन

7 – Linkedin पर छटनी

किसको प्रमोशन मिला या कौन गया Ted Talk देने. इससे आपको सही में फर्क पड़ता है क्या? ऐसे लोगों को अनफॉलो कीजिए. हर किसी को फॉलो करना भला कहां की समझदारी है. ऊपर से ऐसे लोग जिनको आप दूर-दूर तक नहीं जानते उनकी कामकाजी जिंदगी में क्या हो रहा वो आपका ध्यान ही भटकाएगा. पुराने कंपनी के साथी हो या देश के दूसरे कोने में बैठे ऑफिस कर्मी, उनको भी अनफॉलो किया जा सकता है. अनफॉलो कीजिए लेकिन हटाइए मत. यदि आपको उनको नाराज नहीं करना लेकिन उनके बारे में नया कुछ जानने में दिलचस्पी भी नहीं तो अनफ्रेंड कर दीजिए.

8 – Messenger पर आप उपलब्ध नहीं हैं

मैसेंजर पर दिखने वाला हरा निशान एक तरह का आमंत्रण पत्र है. अब आप खुद सोचिए कि जब आप हमेशा ऑनलाइन नजर आएंगे तो उसका क्या मतलब होगा. सामने वाले को लगेगा कि भैया मुझ से गप्पे मार लो. जब जरूरत है तभी सोशल मीडिया (Social Media) पर  ऑनलाइन दिखिए नहीं तो प्रोफाइल में जाकर “active status” को ऑफ कर दीजिए.

9 – नोटिफिकेशन पर कंट्रोल

हर ऐप का एक फीचर है कि जब भी आप उसको डाउनलोड करते हो वो आपसे नोटिफिकेशन भेजने की इजाजत मांगता ही है. आमतौर पर हम ओके कर भी देते हैं. इस आदत से बचिए और ध्यान से देखिए कि सच में आपको उस ऐप के नोटिफिकेशन की जरूरत है क्या? उदाहरण के लिए किसी टेलीकॉम कंपनी का ऐप है. अब ऐप की जरूरत तो समझ आती है लेकिन नोटिफिकेशन की बिल्कुल नहीं. अब रिचार्ज खत्म होगा तो आपको पता चलना ही है या बिल भरना है तो ईमेल से लेकर एसएमएस आने ही वाले हैं फिर नोटिफिकेशन क्यों? फूड डिलीवरी ऐप भी ऐसे ही हैं. अरे भाई जब खाना मंगाना होगा तब ऑफर देख लेंगे. आधी रात में या सुबह-सुबह पिज्जा पर 20 प्रतिशत ऑफ से क्या फायदा है. ऐसे कई ऐप्स के नोटिफिकेशन बंद करके जिंदगी में थोड़ा सुकून लाइये.

ऊपर बताए तरीकों से आप स्मार्टफोन और ऐप्स का इस्तेमाल भी कर पाएंगे लेकिन फालतू के तनाव और परेशानी से एक हद तक छुटकारा भी मिल जाएगा. लेकिन इनके अलावा एक और काम कर सकते हैं. वो तो बहुत कारगर है.

10 – हाथ में उठाइए क़िताब

छापे की स्याही, मढ़ाई में लगे गोंद और एक बार प्रेस में तप चुके काग़ज़ की महक से लिपटी हुई कोई क़िताब उठाइए. उठाना है तो अपने शहर के किसी बुक स्टोर में जाइए. बड़े बुक स्टोर न हों तो रेलवे स्टेशन या बस अड्डे पर जाइए. या तो ऑनलाइन भी ऑर्डर करिए. जो भी पढ़ना पसंद हो, वो क़िताब उठाइए. जो लेखक-नेता-अभिनेता पसंद हो, उसकी क़िताब उठाइए. जिस भाषा में सहज हों, उस भाषा में लिखी क़िताब उठाइए. किंडल वग़ैरह का ऑप्शन है तो अलग बात है. लेकिन हम यहां रूखे-से काग़ज़ पर स्याही से छपी क़िताब की रूमानियत की बात कर रहे हैं. क़िताब का पहला पन्ना पढ़िए. सोचिए कि बस एक पन्ना या एक अध्याय तो पढ़ेंगे ही. फिर अगले के लिए भी ट्राई मारिए. ये सफ़र चल निकलेगा. यक़ीन मानिए, मन में आएगा कि ‘अमां यार, मोबाइल-सोबाइल चलता रहेगा, पहले पढ़ाई होगी.’

वीडियो: आपके स्मार्टफोन में ही है स्पैम कॉल्स से छुटकारा पाने का तगड़ा उपाय!

Read more!

Recommended