Submit your post

Follow Us

क्यों यूपी सरकार ने प्रदूषण के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया?

एक मुल्क जो 1947 में हमसे अलग हो गया था, उसकी याद जैसे हम भुला नहीं पा रहे हैं. तभी तो राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ चुनाव से लेकर टिड्डी और टिड्डी से लेकर प्रदूषण तक हमें पाकिस्तान की याद आ ही जाती है. वो भी सुप्रीम कोर्ट में. अब दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के मुद्दे को ही ले लीजिए. केंद्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में विधायिका और कार्यपालिका ने इतना बढ़िया काम किया, कि न्यापालिका दखल देने से खुद को रोक नहीं पाई.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के कई दौर बीत चुके हैं. आज फिर तारीख लगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने आज हलफनामा दायर करके बताया कि हमने टास्क फोर्स और फ्लाइंग स्क्वॉड बनाई है जो रोज बैठक करेगी और जरूरी कदम उठाएगी. ये फ्लाइंग स्क्वॉड पूरे दिल्ली-NCR में काम करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन के फैसले को लागू करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने ये आदेश केंद्र और दिल्ली सरकार को दिए हैं. इससे एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद आयोग ने कई फैसले लिए थे. आज 03 दिसंबर को इन फैसलों के बारे में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को जानकारी दी.

कमीशन की तरफ से साफ ईंधन का प्रयोग ना करने वाले उद्योगों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर उत्तर प्रदेश सरकार ने आपत्ति जताई. यूपी सरकार की तरफ से कहा गया कि इस प्रतिबंध से उत्तर प्रदेश के गन्ना और दूध से जुड़े उद्योगों पर बुरा असर पड़ेगा. यूपी सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि दिल्ली में प्रदूषित हवा पाकिस्तान से आ रही है.

इस दलील के जवाब में CJI एनवी रमना ने पूछा कि तो क्या आप पाकिस्तान में उद्योंगों पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं?

पाकिस्तान भारत का पड़ोसी मुल्क है. और प्रकृति रैडक्लिफ लाइन में नहीं मानती. ये समझ आने वाली बात है कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर दोनों देशों के काम एक दूसरे को प्रभावित करते ही हैं. लेकिन जब एक सरकार देश की सबसे बड़ी अदालत को ये बता देती है कि प्रदूषित हवा पाकिस्तान से आ रही है. और साथ में ये भी कह देती है कि उत्तर प्रदेश में उद्योगों का राजधानी में प्रदूषण से कोई लेना देना नहीं है,

तो बात समझ से परे जाने लगती है. ईंधन या बिना ईंधन उद्योगों के साथ साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होने वाली किसी भी गतिविधी का असर दिल्ली के वातावरण पर पड़ता है, ठीक वैसे ही, जैसे हरियाणा और पंजाब में जो होता है, उसका असर हम दिल्ली में देखते हैं. और ये समझने के लिए आपको वकील या पर्यावरण विशेषज्ञ होने की ज़रूरत नहीं है.

एक कॉमन सेंस नाम की चिड़िया भी होती है. जिसे पत्थर न मारो, तो वो कम से कम पास के पेड़ पर बैठी रहती है.

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर आपत्ति जताई, जिनमें यह बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो वो सरकार चलाने के लिए किसी और को नियुक्त कर देगा.

कोर्ट ने भी माना कि उसने ऐसी टिप्पणी कभी नहीं की और मीडिया को जिम्मेदार तरीके से रिपोर्टिंग करनी चाहिए. कोर्ट की तरफ से कहा गया कि मीडिया का एक हिस्सा उसे विलेन के तौर पर पेश करने की कोशिश करता है. हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि हम प्रेस की स्वतंत्रता नहीं छीन सकते.


दिल्ली में वायु प्रदूषण की वजह से हो रही परेशानियों पर ‘दी लल्लनटॉप’ के न्यूजरूम में क्या बातें हुईं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

रामचंद्र गुहा की किताब 'क्रिकेट का कॉमनवेल्थ' के कुछ अंश.

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

शुद्ध और असली स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर करियर ग्राफ़ बाद में गिरता ही चला गया.

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

जगह थी मुंबई एयरपोर्ट. अब दस साल बाद फिर से दोनों का नाम एक साथ सुर्ख़ियों में है.

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.