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फौज में वर्दी पहनने वाली औरतों को कैसे संबोधित करते हैं क्या आप जानते हैं?

जब कुछ नया आता है, तो अपने साथ कुछ बेहतर चीज़ें भी लाता है, और कुछ ऐसी जिन्हें हम साइड एफेक्ट कह सकते हैं. ऐसा ही निर्मला सीतारमण के देश की पहली फुल टाइम रक्षा मंत्री बनने वाली महिला होने को लेकर है. हमारे यहां सेना और राजनीति में महिलाएं देर से आईं और अब भी काफी कम हैं. तो जवान समझ नहीं पा रहे थे कि एक महिला रक्षा मंत्री को ‘जय हिंद मेमसाब’ कहें, ‘जय हिंद सर’ कहें या फिर ‘जय हिंद मैडम’. एक बार तो कुछ जवानों ने पूछ भी लिया कि हम आपको कहें क्या. सो अब निर्मला सीतारमण ने ये कंफ्यूज़न दूर कर दिया है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक जवानों को उनका जवाब था,

‘आप मुझे रक्षा मंत्री कहिए’

निर्मला सीतारमण के बयान के बाद अब महिला रक्षा मंत्रियों के संबोधन के लिए एक परंपरा तैयार हो गई है. यही आने वाले समय में महिला रक्षा मंत्रियों के काम आएगी. तीनों सेनाओं में जब सिर्फ पुरुष होते थे, तो सीनियर को ‘साहब’ या ‘सर’ कहने का चलन था. लेकिन जब महिलाएं फौज में भर्ती होने लगीं, तो ये सवाल खड़ा हुआ कि एक वर्दीधारी महिला को क्या कहकर संबोधित किया जाए. मामला आदर देने का भी था, और सेना के अनुशासन का भी. दी लल्लनटॉप की दिलचस्पी इसी बात में थी. हमने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में तैनात और रिटायर्ड अफसरों से बात की और जाना कि इन सेनाओं में महिलाओं के लिए कैसे संबोधन होते हैं.

महिलाओं के संबोधन के लिए सबसे जटिल परंपराएं थलसेना में हैं (फोटोःपीटीआई)
महिलाओं के संबोधन के लिए सबसे जटिल परंपराएं थलसेना में हैं (फोटोःपीटीआई)

आर्मीः

आर्मी अपनी परंपराओं को लेकर बहुत गंभीर रहती है. इसलिए तीनों सेनाओं में औरतों के संबोधन को लेकर सबसे जटिल सिस्टम यहीं हैं.

# एक जवान और एक अफसर के बीच बातचीत आर्मी में हमेशा जेंडर न्यूट्रल मानी जाती है. माने एक जवान अपने अफसर को हमेशा साहब / सर ही कहेगा चाहे वो जेंटलमैन अफसर (पुरुष अफसर) हो या लेडी अफसर (महिला अफसर). सेना में ‘साहब’ शब्द सिर्फ अफसरों के लिए इस्तेमाल होता है. तो अगर कोई फौजी किसी मंत्री से मिलेगा, तो वो उनसे बात करते हुए उनके पदनाम का इस्तेमाल करेगा, जैसे मिस्टर चीफ मिनिस्टर वगैरह. इसके साथ ‘सर’ या मैडम भी लगाया जा सकता है.

# एक अफसर अपनी सीनियर लेडी अफसर को मैम / मैडम कहते हैं.

# एक अफसर अपनी जूनियर लेडी अफसर को उसके रैंक से बुलाता है, जैसे लेफ्टिनेंट रुचिका, कैप्टन शाहीन वगैरह.

# जवान अपने अफसर की पत्नी को मेमसाहब या मैडम कहते हैं. अफसर अपने साथी अफसर की पत्नी को संबोधित करते हुए ‘मिसेज़’ लगाकर अफसर का नाम लेते हैं, जैसे ‘मिसेज़ भाटी’.

एयरफोर्स में महिलाओं को साहब कहने का चलन नहीं है
एयरफोर्स में महिलाओं को साहब कहने का चलन नहीं है

एयरफोर्सः

एयरफोर्स में महिलाओं को मेमसाहब या साहब कहने का चलन नहीं है.

# एक जूनियर अफसर अपनी सीनियर अफसर को हमेशा मैम कहता / कहती है. यही नियम जवानों के लिए भी है.

# एक सीनियर अफसर अपनी जूनियर अफसर को रैंक के साथ नाम लगाकर संबोधित करता है.

# अफसरों की पत्नियों से बात करते वक्त नाम के साथ ‘मिसेज़’ लगाया जाता है. यदि सीनियर अफसर की पत्नी से बात हो रही है तो साथ में मैम भी लगाते हैं.

नौसेना में एक महिला अफसर को मैम या मैडम कहकर संबोधित किया जाता है
नौसेना में एक महिला अफसर को मैम या मैडम कहकर संबोधित किया जाता है

नेवीः

एयरफोर्स की ही तरह नेवी में भी महिलाओं को मेमसाहब या साहब कहने का चलन नहीं है.

# नेवी में ऐसा कम होता है कि एक महिला अफसर की ड्यूटी जहाज़ पर लगे. लेकिन फिर भी यदि किसी जवान (सेलर) या अफसर को ड्यूटी के दौरान एक महिला अफसर को संबोधित करना पड़े तो वो मैम कहकर संबोधित करता है. बिना सर / मैम लगाए भी बात शुरू की जा सकती है. सैल्यूट के साथ ‘जय हिंद’ अपने-आप में पर्याप्त अभिवादन है.

# एक सीनियर अफसर अपनी जूनियर अफसर को रैंक के साथ नाम लगाकर संबोधित करता है.

# अफसरों की पत्नियों से बात करते वक्त नाम के साथ ‘मिसेज़’ लगाया जाता है. नेवी में इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि किसी तीसरे अफसर की पत्नी के बारे में बात करते हुए उसका नाम न लिया जाए. ‘मसेज़’ के साथ अफसर का सरनेम लगाया जाता है.

ये बातें पढ़ने में बहुत साधारण लग सकती हैं, लेकिन सेनाओं के लिए इनका काफी महत्व है. ये बातें सेना के लिखित नियमों का हिस्सा नहीं हैं. ये परंपराएं हैं, जो समय के साथ अस्तित्व में आईं.

नोट-

* ये पहली बार था कि सेनाओं को इस तरह के सवाल से दो-चार होना पड़ा, क्योंकि जब इंदिरा गांधी रक्षामंत्री रहते हुए फौज से मिलती थीं, तब उन्हें सब मैडम प्राइममिनिस्टर ही कहते थे (इंदिरा गांधी फुल टाइम रक्षा मंत्री नहीं थीं. उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री रक्षामंत्री का पद अपने पास रखा था).

** तीनों सेनाएं ज़ोर देकर कहती हैं कि ‘महिला अफसर’ जैसा कुछ नहीं होता. अफसर हमेशा अफसर होता है. यहां ‘महिला अफसर’ शब्द का इस्तेमाल समझने की सहूलियत के लिए किया गया है.


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