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'द व्हील ऑफ टाइम': अमेज़न का वो शो, जिसके आगे 'गेम ऑफ थ्रोन्स' का रंग फीका पड़ जाएगा

तारीख 19 मई, 2019. ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ का फाइनल एपिसोड रिलीज़ हुआ. जिसे मेरे जैसे अनेकों फैन्स ने स्किप करना बेहतर समझा. आखिरी सीज़न ही इतना निराशाजनक था. लेकिन उस याद न रखने वाले सीज़न को भूल जाएं, तो शो बुरा नहीं था. इनफैक्ट, हम सब ने जॉन स्नो के पास्ट की थ्योरी डिस्कस की है. नाइट किंग से जुड़ी कांस्पीरेसी थ्योरीज़ शेयर की हैं. ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ के आने के बाद से अनगिनत शोज़ रिलीज़ हुए हैं. जिसे उनके क्रिएटर्स ने ‘आर आंसर टू गेम ऑफ थ्रोन्स’ की तर्ज़ पर बनाया. लेकिन कोई भी ‘GOT’ के पास फटक तक नहीं पाया.

आखिरी सीज़न ही इतना निराशाजनक था
GOT का फिनाले, जिसे भूल जाना ही बेहतर है.

‘GOT’ के फिनाले से करीब दो साल पहले जेफ़ बेज़ोस ने भी कुछ ऐसा ही करने का सोचा था. वो चाहते थे कि अमेज़न स्टूडियोज़ ऐसा शो बनाए जिसे देखकर ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ को शर्म आ जाए. जेफ़ अपनी ज़िद पर इतना अड़े थे कि सारा गेमप्लान भी रेडी कर लिया था. जेफ़ बेज़ोस पर लिखी किताब ‘Amazon Unbound’ में राइटर ब्रैड स्टोन बताते हैं कि जेफ़ ने अपनी अमेज़न स्टूडियोज़ वाली टीम को सीएटल बुलवाया. वो ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ के लेवल का प्रोजेक्ट बनाना चाहते थे. जो लोगों के कॉमन डिस्कशन का हिस्सा बन पाए. ताकि उनका सब्स्क्रिप्शन बेस स्ट्रॉन्ग हो सके.

“मैं जानता हूं कि आप लोग ये कैसे करने वाले हैं.” जेफ़ ने अपनी मीटिंग की शुरुआत इस लाइन से की. उसके बाद उन्होंने 13 चीज़ों की लिस्ट दिखाई. जो उनके मुताबिक किसी भी फिल्म या सीरीज़ को महान बनाती है. जैसे एक शानदार प्रोटैगनिस्ट, एक खतरनाक एन्टैगनिस्ट, लव इंट्रेस्ट, क्लिफहैंगर्स, एक दुनिया सेटअप की जाए आदि आदि. बेज़ोस चाहते थे कि अब से अमेज़न जो भी शोज़ बनाए, उन्हें इन 13 पैमानों में फिट कर के देखे. अगर कोई भी नया आइडिया इन दायरों में नहीं बैठता, तो फिर टीम को समझाना पड़ेगा. कि वो क्या करना चाहते थे. जेफ़ की सोच के विपरीत उनका ये एक्सपेरिमेंट बैकफायर कर गया.

ऐसा शो बनाए जिसे देखकर ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ को शर्म आ जाए
जेफ़ बेज़ोस अपना ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ बनाना चाहते थे. फोटो – Vice.com

स्टूडियो एग्ज़ेक्युटिव्स का मानना था कि आप क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग को किसी फॉर्मूला में फिट नहीं कर सकते. ब्रैड बताते हैं कि जेफ़ का ‘गेम ऑफ थ्रोन्स 2.0’ उड़ने से पहले फुस्स हो गया. लेकिन जेफ़ भी हार माननेवाले नहीं थे. मोटा पैसा तो उन्हें लगाना था. शायद ऐसे प्रोजेक्ट पर जिसे दुनिया दूसरा ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ नहीं, बल्कि अपनी किस्म का पहला शो समझे. ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ जॉर्ज आर आर मार्टिन की फैंटेसी नॉवल सीरीज़ पर बेस्ड था. जिसकी फैन फॉलोइंग शो के बाद कई गुना बढ़ गई. इसलिए अमेज़न ने ऐसी फिक्शन फैंटेसी बुक सीरीज़ पिक करना का फैसला लिया, जिसका पहले से स्ट्रॉन्ग फैन बेस हो.

ये एक बड़ा रिस्क था. क्योंकि अगर सोर्स मैटेरियल के प्रति ईमानदार नहीं रह पाए तो फैन्स कच्चा चबा जाएंगे. लेकिन अगर ऐसी बुक सीरीज़ को अडैप्ट किया जाए, जिसे आधी दुनिया पहले ही पढ़ चुकी हो, तो उस कहानी के सफल होने की संभावना भी बढ़ जाती है. यही सोचकर अमेज़न स्टूडियोज़ ने रॉबर्ट जॉर्डन और ब्रैंडन सैंडरसन की बुक सीरीज़ ‘द व्हील ऑफ टाइम’ के राइट्स खरीद लिए. ये फैंटेसी सीरीज़ 14 किताबों में फैली है. जिसके 11 पार्ट्स रॉबर्ट ने लिखे. लेकिन 2007 में उनकी डेथ हो गई. जिसके बाद आगे के तीन पार्ट्स ब्रैंडन ने पूरे किए. मरने से पहले रॉबर्ट अपने नोट्स छोड़कर गए थे. ताकि उनके बाद किसी भी राइटर को उनका विज़न समझने में दिक्कत न हो. ब्रैंडन ने उन्हीं नोट्स को डिकोड कर कहानी खत्म की. ‘द व्हील ऑफ टाइम’ अपने रीडर्स के बीच अच्छी खासी फैन फॉलोइंग इन्जॉय करती है.

रॉबर्ट जॉर्डन और ब्रैंडन सैंडरसन की बुक सीरीज़ ‘द व्हील ऑफ टाइम’ के राइट्स
‘द व्हील ऑफ टाइम’ एक पॉपुलर फिक्शन फैंटेसी बुक सीरीज़ है.

अमेज़न ने ‘द व्हील ऑफ टाइम’ पर बतौर शो रनर रेफ जडकिंस को हायर किया. जो खुद भी बुक सीरीज़ के बड़े फैन हैं. इस लार्जर दैन लाइफ शो पर काम शुरु करने के बाद रेफ दो लोगों के पास पहुंचे. जिनके नाम थे डेविड बेनिऑफ़ और डी बी वाइज़. आप पूछेंगे कौन हैं ये दोनों? तो जवाब है ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ के क्रिएटर्स. रेफ ने पूछा कि क्या उनका शो कामयाब होगा. बेनिऑफ़ और वाइज़ ने जवाब दिया कि बस खुद पर भरोसा रखो. अपना विज़न क्लियर रखो और तुम्हारा काम आसान हो जाएगा. जेफ़ ने लाखों शब्दों को स्क्रीन के लिए अडैप्ट करना शुरू किया. जिसका नतीजा हमें 19 नवंबर को देखने को मिलेगा. जब ‘द व्हील ऑफ टाइम’ अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगा.

कुछ दिन पहले ‘द व्हील ऑफ टाइम’ का ट्रेलर रिलीज़ हुआ है. जिसे देखकर एक सवाल लाज़मी है. कि इस शो को लेकर हाइप क्यों नहीं बन रही? इसमें ‘नेक्स्ट बिग थिंग’ बनने का पूरा पोटेंशियल है. ऐसा कैसे हुआ, आज आपको यही बताएंगे. शो की मेकिंग से जुड़ी बातें शेयर करेंगे, जो दर्शाती हैं कि मेकर्स अपने काम को लेकर कितना सीरियस हैं. कोई कसर नहीं छोड़ रहे ‘द व्हील ऑफ टाइम’ को यादगार बनाने में.

Spotlight (1)


# किताब ने सबसे बड़ी इनसिक्योरिटी दूर की

रेफ बचपन से ‘द व्हील ऑफ टाइम’ के फैन थे. सीरीज़ की हर बुक का बेसब्री से इंतज़ार करते. नई बुक आने से पहले पुरानी वाली अनगिनत बार पढ़ डालते. बुक की फिक्शनल दुनिया और उसके रहस्य से भी ज्यादा उन्हें पसंद थे उस दुनिया में रहने वाले किरदार. पावरफुल किरदार. जिनमें से अधिकतर फीमेल कैरेक्टर्स थे. रेफ मानते हैं कि वो महिला किरदार परफेक्ट तरीके से लिखे हुए नहीं थे. बावजूद इसके, वो उनसे इमोशनली कनेक्ट कर पाते थे.

18 साल की उम्र में रेफ ने रियलाइज़ किया कि वो होमोसेक्शुअल हैं. अपने पेरेंट्स को बताया. वो रेफ को लेकर सपोर्टिव तो थे. बस उन्हें ये समझने में दिक्कत हो रही थी कि उनका बेटा किस दौर से गुजर रहा है. यहां ‘द व्हील ऑफ टाइम’ ने उनकी बड़ी मदद की. रेफ और उनकी मां दोनों रॉबर्ट जॉर्डन की फिक्शनल बुक सीरीज़ के फैन थे. बुक के महिला किरदारों की वजह से वो अपनी मां से कनेक्ट कर पाए. रेफ बताते हैं कि वो और उनकी मां, दोनों अपने आप को उन किताबों में खोज पा रहे थे. उसी के ज़रिए उनकी मां भी एक बेहतर समझ अडैप्ट कर पाईं. कि गे पुरुषों की ज़िंदगी की चुनौतियां महिलाओं से कितनी मिलती हैं. जब अमेज़न ने रेफ को शो पिच करने के लिए बुलाया, तब उन्होंने अपने इसी कनेक्शन का इस्तेमाल किया. पिच मीटिंग में कहा कि आपको इन चीज़ों से इमोशनल लेवल पर कनेक्ट करना पड़ेगा.

जिनमें से अधिकतर फीमेल कैरेक्टर्स थे
रेफ को बुक की फीमेल कैरेक्टर्स से इमोशनल कनेक्शन महसूस हुआ.

रेफ मानते हैं कि महिलाओं को लेकर अपने पर्सपेक्टिव की वजह से भी ये शो ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ से अलग है. उनके मुताबिक ‘GOT’ फीमेल न्यूडिटी को मेल गेज़ यानी पुरुष दृष्टिकोण से देखने की कोशिश करता है.


# जब पहला एपिसोड पूरा करने में दो साल लग गए

जब आप किसी बड़े स्केल पर कोई भी फिल्म या सीरीज़ बनाने की बात करते हैं, तो सबसे पहला फैक्टर आता है बजट. जिसकी बदौलत सेट डिज़ाइन, कॉस्ट्यूम, वीएफएक्स जैसे खर्चे कैलकुलेट किए जाते हैं. अमेज़न चाहता था कि ‘द व्हील ऑफ टाइम’ पर कोई कसर न बाकी रहे. इसलिए खुले हाथ से खर्च किया. शो के पहले सीज़न में आठ एपिसोड्स होंगे. जिनमें से हर एपिसोड पर करीब 10 मिलियन डॉलर्ज़ का खर्चा आया है. यानी करीब 74 करोड़ रुपए. बताया गया है कि शो के आने वाले सीज़न्स पर प्रति एपिसोड आने वाला खर्चा लगातार बढ़ता ही जाएगा.

‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ के पहले सीज़न में भी कुछ ऐसा ही हुआ था. जहां पहले सीज़न के हर एपिसोड पर 6 मिलियन डॉलर्ज़ खर्च हुए. जिन्हें हर सीज़न के साथ बढ़ाया गया. बस सीज़न वन का पायलट एपिसोड यहां पर अपवाद रहा था. जिसे पूरा शूट हो जाने के बाद फिर से शूट किया गया. और खर्चा बढ़कर हो गया था 10 मिलियन डॉलर्ज़. नेटवर्क्स अपने किसी भी शो के पायलट एपिसोड को हल्के में नहीं लेते. वजह है कि इस एपिसोड से पता चल जाता है कि आपके शो में कितना दम है. और क्या ऑडियंस इसके साथ जुड़ी रहेगी या नहीं. ये आने वाले सभी सीज़न्स के लिए टोन सेट कर देता है. सिर्फ ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ ही नहीं, HBO के क्लासिक शो ‘The Sopranos’ के पायलट पर भी बारीकी से काम हुआ था.

जिनमें से हर एपिसोड पर करीब 10 मिलियन डॉलर्ज़ का खर्चा
शो का पायलट एपिसोड सीज़न शूट हो जाने के बाद पूरा हुआ.

अमेज़न स्टूडियोज़ भी ‘द व्हील ऑफ टाइम’ के पायलट एपिसोड के साथ ढील नहीं बरतना चाहता था. शो की लगभग शूटिंग प्राग में हुई. जहां टीम ने अपना पूरा सेट बनाया. नवंबर, 2019 में जब शो की शूटिंग शुरू हुई तो मेकर्स इसके दोनों सीज़न साथ शूट कर रहे थे. कट टू 2021. जुलाई का महीना. अमेज़न अनाउंस करने वाला था कि ‘द व्हील ऑफ टाइम’ नाम से नया शो आने वाला है. फर्स्ट लुक फाइनलाइज़ करने की तैयारी चल रही थी. रेफ और उनकी टीम पहले सीज़न की शूटिंग निपटाकर दूसरे के प्रॉडक्शन पर काम कर रही थी. उस दौरान उन्हें अमेज़न एग्ज़ेक्युटिव्स उनसे लगातार कॉन्टैक्ट करते. वजह थी कि वो शो के पायलट को लेकर सुझाव देते रहते. कि ये सीन ऐसा होना चाहिए, ऐसा नहीं. रेफ ने अपने एक असिस्टेंट को अमेज़न से आए नोट्स लिखने का काम दिया हुआ था. जब सारे फीडबैक खत्म हो गए, तो वो असिस्टेंट की ओर मुड़े. पता चला कि अमेज़न ने 11,000 नोट्स दिए हैं. वो भी सिर्फ पायलट एपिसोड के लिए.

ज़ाहिर था कि इतने सारे चेंजेस करना मुमकिन नहीं था. इसलिए रेफ ने कुछ बातें मानी और कुछ नहीं. नतीजतन, शूटिंग पूरी होने के बाद भी पायलट पर फिर काम छेड़ा गया. जिस वजह से टेक्निकली ये एपिसोड दो साल में तैयार हुआ. रेफ शो को सोर्स मैटेरियल के करीब रखने की कोशिश कर रहे हैं. कहीं कोई कमी न छूटे, इसके लिए उनकी रिसर्च टीम की एक साथी ने हर बुक 30 बार पढ़ी. ताकि घरों की बनावट तक में कोई बड़ा अंतर न रह जाए. इस लेवल की डिटेलिंग हुई है शो पर.


# शो का एक इंडियन कनेक्शन भी है

रेफ अपने शो की शुरुआत किसी भारी भरकम एक्शन सीक्वेन्स से नहीं करना चाहते थे. फिर चाहे वो देखने में कितना भी आकर्षक लगे. वो पहले आपको अपने कैरेक्टर्स से परिचित करवाना चाहते थे. उनकी दुनिया दिखाना चाहते थे. लड़ाई और जादू वाला हिस्सा बाद के लिए रखा था. एक्शन कम था लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि खर्चा कम होने वाला था. शो के पहले दो एपिसोड्स में ही करीब 350 कैरेक्टर्स दिखाई देंगे. जिनकी कास्टिंग के लिए हज़ार से भी ज्यादा ऑडिशन टेप्स देखी गईं. एक बार कास्ट लॉक हुई, फिर आया कॉस्टयूम का काम. 350 लोगों को पहनाने के लिए कई हजारों मीटर कपड़े की ज़रूरत पड़ने वाली थी. और वो भी बिना क्वालिटी में समझौता किए.

शो की कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर आइसिस मसैंडन ने खुद ये ज़िम्मा संभाला. वो कपड़ा खरीदने के लिए मैड्रिड, लंदन और नई दिल्ली गईं. कपड़े ही तो हैं, कहीं से भी ले लेते हैं. अगर ऐसा सोच लेते तो सीनरी की फील पर कहीं-न-कहीं फर्क ज़रूर पड़ता.

350 लोगों को पहनाने के लिए कई हजारों मीटर कपड़े की ज़रूरत पड़ने वाली थी
शो के लिए कपड़े लंदन, मैड्रिड और दिल्ली से आए हैं.

बड़े स्केल का शो है तो हेवी वीएफएक्स भी देखने को मिलेगा. शो पर वीएफएक्स से जुड़ा काम किया है फ्रेमस्टोर ने. जो इससे पहले ‘Avengers: Endgame’, ‘No Time To Die’, ‘The Suicide Squad’ जैसी फिल्मों के लिए वीएफएक्स का काम कर चुके हैं.

शो की कहानी को लेकर यहां बात करना समझदारी नहीं होगी. क्योंकि कहानी इतनी कॉम्प्लेक्स है कि उसे चार लाइनों में समेटना मुश्किल है. उसे फर्स्ट हैंड एक्सपीरियेंस किया जाए तो बेहतर है. ज्यादातर एक्टर्स भी नए चेहरे हैं. सिवाय कुछ नामों को छोड़कर. ऐसा किया गया शो के आने वाले सीज़न्स को ध्यान में रखकर. लीड कर रही हैं ‘गॉन गर्ल’ वाली रोज़ामंड पाइक. जो पांच लोगों को गाइड करती हैं. जिनमें से एक ड्रैगन का पुनर्जन्म है. ड्रैगन वो ताकतवर शख्स है जो दुनिया को बचाने और उसे खत्म करने की भी ताकत रखता है. रोज़ामंड के अलावा यहां एक और चेहरा है, जिससे आप भली-भांति वाकिफ होंगे. वो है अलवारो मोर्टे का. वही, ‘मनी हाइस्ट’ वाले प्रोफेसर, जो यहां मेजर रोल में दिखाई देंगे. बाकी अधिकतर चेहरे नए हैं, जो आगे क्या करेंगे ये देखने लायक होगा. यहां पर याद रखना ज़रूरी है कि ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ को भी नए चेहरों ने ही लीड किया था. जो आगे जाकर फेमस स्टार्स बने.

‘द व्हील ऑफ टाइम’ में इसलिए ऐसा किया गया है या नहीं, ये तो मेकर्स ही बता सकते हैं. बाकी शो आने पर ही उसके मेकर्स और कास्ट की पूरी पोटेंशियल का पता चलेगा. 19 नवंबर को ‘द व्हील ऑफ टाइम’ के पहले तीन एपिसोड रिलीज़ होंगे. जिसके बाद हर फ्राइडे एक एपिसोड ड्रॉप होता रहेगा. आठ एपिसोड्स में बंटा ये सीज़न 24 दिसम्बर, 2021 को पूरा होगा. बाकी यहां बता दें कि सीज़न वन रिलीज़ होने से पहले ही अमेज़न ने इसे अगले सीज़न के लिए रिन्यू कर दिया है. अमेज़न की ये इंवेस्टमेंट कैसी साबित होगी, इसी शुक्रवार इसका फैसला हो जाएगा.


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