Submit your post

Follow Us

तस्वीर: आपातकाल के दौर की यह तस्वीरें किसी भी सत्ता का गुमान तोड़ देती हैं

ये उस रात की बात है. तारीख बदलने से 15 मिनिट पहले रायसीना की पहाड़ी पर महामहिम ने एक जगह दस्तखत किए. लोग बताते हैं कि उन्हें टोका गया था. जैसे किसी अनहोनी की आहट हो. लेकिन तब तक कागज़ पर स्याही सूख चुकी थी.

अगले दिन मुल्क में सूरज निकला. लेकिन सुबह नहीं हुई. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आवाज़ आई – ”राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा की है. घबराने की ज़रूरत नहीं है.” फिर 21 महीने तक यही आवाज़ इकलौती आवाज़ सुनाई दी. बाकी सारी आवाज़ें दबा दी गईं.

जो बोलते थे, वो जेल भेज दिए गए. जो छापते थे, उनके लिखे पर स्याही उड़ेली जाने लगी. खेमेबाज़ी तब संभव नहीं थी तो मालूम नहीं होता था कि कौन सचमुच इंदिरा के साथ है.

लेकिन उन्हें अकेला महसूस नहीं होता था. क्योंकि ताकत बचाने के इस महाभारत में उनके साथ संजय थे.

संजय दूर की देख सकते थे. वो देख सकते थे कि ताकत के बल पर क्या कुछ किया जा सकता है. जहां से गरीबी हटाई जानी थी, वहां से गरीब भी तो हटाए ही जा सकते थे.

क्या फर्क पड़ता. और इस फर्क न पड़ने वाली बात ने ही आपातकाल को भयावह बनाया.

अनुशासन के नाम पर ये भी तय किया गया कि लोग क्या सोचें, बच्चे पैदा करें या नहीं. आधी से ज़्यादा आबादी में किसान थे जो खेत में काम करते करते मर जाया करते थे. लेकिन सरकार तब भी यही कहती थी कि देश आगे बढ़ेगा जब लोग इच्छाशक्ति दिखाएंगे, मेहनत करेंगे.

आपातकाल. हमारी देश की साझी स्मृति में, सबसे मनहूस समय. लेकिन तब सिर्फ मनहूसियत और मायूसी ही नहीं थी. प्रतिरोध था.

कुछ लोग बाकी थे, जिनकी रीढ़ की मज़बूती बनी रही. झूठे मामलों में फंसाकर बेड़ियां डाली गईं तो उन्होंने आसमान की तरफ इशारा किया.

इशारा, कि बाज़ू पर बेड़ी ही डाल सकते हो, मेरी मुट्ठी को बंद होने से नहीं रोक सकते. ऐसी छोटी-छोटी बगावतों का एक समुच्चय खड़ा हुआ, और जब ताकत में मदमस्त सरकार ने वोट मांगा, तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

आपातकाल एक रात के साथ आया था, वैसी ही एक रात में हवा हो गया.


वीडियो देखें: Tasveer: तस्वीरों में देखिए Emergency में Narendra Modi से लेकर Indira Gandhi तक, क्या कर रहे थे

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

चीन और जापान जिस द्वीप के लिए भिड़ रहे हैं, उसकी पूरी कहानी

आइए जानते हैं कि मामला अभी क्यों बढ़ा है.

भारतीयों के हाथ में जो मोबाइल फोन हैं, उनमें चीन की कितनी हिस्सेदारी है

'बॉयकॉट चाइनीज प्रॉडक्ट्स' के ट्रेंड्स के बीच ये बातें जान लीजिए.

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

एमएफ हुसैन की पेंटिंग और विवाद के बारे में तो गूगल करके आपने खूब जान लिया. अब ज़रा यहां कलाकारी दिखाइए.

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

आज 33 साल के हो गए हैं रोहित शर्मा.

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

मधुबाला को खटका लगा हुआ था इस हीरोइन को दिलीप कुमार के साथ देखकर

एक्ट्रेस निम्मी के गुज़र जाने पर उनको याद करते हुए उनकी ज़िंदगी के कुछ किस्से

90000 डॉलर का कर्ज़ा उतारकर प्राइवेट जेट खरीद लिया था इस 'गैंबलर' ने

उस अमेरिकी सिंगर की अजीब दास्तां, जो बात करने के बजाए गाने में ज़्यादा कंफर्टेबल महसूस करता था

YES Bank शुरू करने वाले राणा कपूर कौन हैं, जिन्होंने नोटबंदी को 'मास्टरस्ट्रोक' बताया था

यस बैंक डूब रहा है.

सात साल पहले केजरीवाल ने वो बात कही थी जो आज वो ख़ुद नहीं सुनना चाहते

बरसों पुरानी इस बात की वजह से सोशल मीडिया पर घेर लिए गए हैं.

क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

अब ढेरों खेल-तमाशा हो रहा है.