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अजय देवगन की इस फिल्म के ट्रेलर में जो नहीं दिख रहा, वो फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज़ हो सकता है

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अजय देवगन ने 2017 में अनाउंस किया था, कि वो उस फिल्म को बनाने जा रहे हैं, जिसे पूरा करना उनका सपना है. फिल्म का नाम बताया गया ‘तानाजी- द अनसंग वॉरियर’. हालांकि बाद में फिल्म का नाम बदलकर ‘तान्हाजी- द अनसंग वॉरियर’ कर दिया गया. वजह कुछ खास है, जिसे छुपाकर रखा जा रहा है. फिल्म की कास्टिंग भी इतनी जबरदस्त है कि देखने का मज़ा डबल हो जाए. खैर, इससे पहले कि हम यहीं पर ज़्यादा फैलें, नीचे चलते हैं. फिल्म की बाकी चीज़ों के बारे में बात करने. क्योंकि फिल्म का ट्रेलर आया है, जो कतई बवाल लग रहा है. ये फिल्म असल घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है, ऐसे में सबसे पहले ये जानते हैं कि इस फिल्म की ओरिजिनल कहानी है क्या.

अनसंग स्टोरी ऑफ तान्हाजी

17वीं शताब्दी में तान्हाजी मालुसरे नाम के एक माने हुए मराठी योद्धा हुआ करते थे. छत्रपति शिवाजी महाराज के एकदम खास. कई लड़ाइयां दोनों ने साथ में लड़ी थीं. तान्हाजी अपने बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे. संदेशा आया छत्रपति मिलना चाहते हैं. पहुंचने पर पता चला कि छत्रपति पुणे के नजदीक मुगलों के राज वाले कोंढाणा फोर्ट पर चढ़ाई करने का प्लान बना रहे हैं. तान्हाजी ने बेटे की शादी छोड़ी और इस मिशन को लीड करने को तैयार हो गए. कोंढाणा फोर्ट मुगलों द्वारा अपॉइंटेड भारतीय योद्धा उदयभान राठौड़ संभाल रहे थे. एक तो किला पहले से ही बिलकुल सीधा बना हुआ था, ऊपर से उदयभान सेफ्टी-सिक्योरिटी का भी बहुत ध्यान रखते थे. उस किले में बिना परमिशन के इंसानों का घुस पाना संभव नहीं था. तान्हाजी के पास एक पालतू घोरपड़ था. इसे अपनी भाषा में कहें तो गोह नाम का एक जानवर होता है. इसकी खासियत ये होती है कि ये चिपक जाता है. किले में घुसने में तान्हाजी ने इसी जानवर की मदद ली. फिल्म के पहले पोस्टर में इस घोरपड़ को आसानी से नोटिस किया जा सकता है. देखकर बताइए आपको दिखा क्या?

फिल्म का पहला पोस्टर. इसमें अजय देवगन के पांव के नीचे जो जानवर आपको दिख रहा है, उसे घोरपड़ कहते हैं.
फिल्म का पहला पोस्टर. इसमें अजय देवगन के पांव के नीचे जो जानवर आपको दिख रहा है, उसे घोरपड़ कहते हैं.

वो युद्ध जिसके बारे में ये फिल्म है

‘तान्हाजी’ के ट्रेलर में बताया इस किले पर चढ़ाई को मुग़लों पर सर्जिक स्ट्राइक बताया गया है. कहानी ये है कि 4 फरवरी, 1670 की रात तान्हाजी 300 सैनिकों के साथ चुप-चाप किले पर पहुंच गए. किले में घुसना या चढ़ पाना तो बहुत दिक्कत भरा होता. इसलिए उन्होंने अपने पालतू गोह को रस्सी से बांधकर दीवार पर चढ़ा दिया. वो गया और एक गड्ढे में जाकर रस्सी फंसाकर खुद वहीं चिपक गया. दो दफे फेल होने के बाद तीसरे अटेम्प्ट में तान्हाजी की सेना ने किले में घुसना शुरू कर दिया. इस सेना ने वहां पहुंचकर किले का दरवाज़ा खोल दिया, जिसमें तान्हाजी के भाई सूर्याजी 500 सौनिकों की फौज के साथ अंदर घुस गए. उदयभान और तान्हाजी की सेना में घमासान युद्ध हुआ. इस युद्ध के बारे में कहा जाता है कि लड़ते-लड़ते तान्हाजी की ढाल टूट गई और उनकी मौत हो गई. लेकिन मराठों ने मुगलों से वो किला हथिया लिया. सैनिकों के वापस आने पर छत्रपति शिवाजी ने मराठी भाषा ने एक लाइन कही थी- ‘गड आला पण सिंह गेला’. इसका मतलब हुआ कि किला तो जीत लिया लेकिन शेर मारा गया. इसके बाद से जीते हुए किले का नाम कोंढाणा से बदल कर तान्हाजी के नाम पर सिंहगढ़ कर दिया गया. सिंहगढ़ का मतलब होता है शेर दिल. फिल्म में बेसकली इसी कहानी को कवर किया जाना है.

तान्हाजी मालुसरे के रोल में अजय देवगन.
तान्हाजी मालुसरे के रोल में अजय देवगन. अजय पिछली बार लव रंजन डायरेक्टेड फिल्म ‘दे दे प्यार दे’ में दिखाई दिए थे. 

ट्रेलर कैसा लग रहा है?

संजय लीला भंसाली पीरियड एक्शन फिल्मों को ट्रेंड में ले आए हैं. उसका नतीजा है कि आज कल हर दूसरे फिल्ममेकर पुरानी दौर में घटी घटनाओं से प्रेरित होकर फिल्म बना रहे हैं. लेकिन उनमें से कोई भंसाली वाला जादू नहीं बिखेर पाया है. अभी हाल में ही में आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘पानीपत’ का ट्रेलर आया था. वो दिखने में किसी ओरिजिनल कहानी की बजाय भंसाली की ही दो फिल्मों का मिक्सचर लग रही थी. मतलब विज़ुअल्स से लेकर बैकड्रॉप और लुक्स तक सेम थे. वो पॉइंट ठीक है कि ‘पानीपत’ भी उन फिल्मों वाले दौर में ही घटी थी. यहां ‘तान्हाजी’ अलग लग रही है. भाषा से लेकर ट्रीटमेंट, कॉस्ट्यूम और एक्शन सीक्वेंस सब कुछ. लेकिन जो चीज़ ध्यान खींच रही है, वो है फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर. मतलब वो फिल्म की कहानी को मैच करते समय उसे एक मेनस्ट्रीम या मसाला फिल्म वाला फील दे रहा है. ऐसा ही कुछ अभी वेत्रीमारन के डायरेक्शन में बनी धनुष स्टारर ‘असुरन’ के साथ भी था. सबसे बड़ी बात ये कि इसे देखकर ऐसा नहीं लग रहा कि ये चीज़ हम पहले देख चुके हैं. जो पहले नहीं देखा, उसे देखना तो बनता है.

मुग़लिया किले के केयरटेकर के उदयभान राठौल के किरदार में सैफ अली खान. ओमकारा के बाद अजय और सैफ इस फिल्म में दिखेंगे. और सैफ यहां भी नेगेटिव रोल में दिख रहे हैं.
मुग़लिया किले के केयरटेकर के उदयभान राठौल के किरदार में सैफ अली खान. ओमकारा के बाद अजय और सैफ इस फिल्म में दिखेंगे. और सैफ यहां भी नेगेटिव रोल में दिख रहे हैं.

फिल्म की कास्टिंग हेवी वेट है

फिल्म के ज़्यादातर हिस्सों में तान्हाजी और उदयभान का ही किरदार दिखेगा. और थोड़े समय के लिए छत्रपति शिवाजी का. फिल्म में तान्हाजी का रोल तो अजय देवगन खुद कर रहे हैं. उनकी पत्नी के कैरेक्टर में दिखेंगी उनकी रियल लाइफ वाइफ काजोल. उदयभान के रोल के लिए कास्ट किया गया है ‘एलओसी कारगिल’, ‘कच्चे धागे’ और ‘ओमकारा’ जैसी फिल्मों में अजय के साथ काम कर चुके सैफ अली खान को. उदयभान का किरदार फिल्म में नेगेटिव होगा. इससे पहले विशाल भारद्वाज की ‘ओमकारा’ में भी सैफ नेगेटिव रोल कर चुके हैं. इन दोनों के साथ शरद केलकर (रामलीला और द फैमिली मैन), फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज के रोल में दिखाई देंगे. साथ में ‘क्रुक’ और ‘यंगिस्तान’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं नेहा शर्मा भी दिखने वाली हैं. पहले कुछ खबरें ऐसी आ रही थीं कि इस फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज का किरदार काफी छोटा रहने वाला है. मतलब गेस्ट अपीयरेंस के लेंग्थ का. और इस रोल में सलमान खान नज़र आ सकते हैं. फिल्म का ट्रेलर इस बात को कंफर्म तो नहीं करता लेकिन कंफ्यूज़ ज़रूर कर देता है.

फिल्म में ये एक ऐसा किरदार नज़र आता है, जिसे छुपाकर रखा गया है. इसे अगल सलमान खान से जोड़कर देखें, तो ये फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज़ भी हो सकता है.
फिल्म में ये एक ऐसा किरदार नज़र आता है, जिसे छुपाकर रखा गया है. इसे अगल सलमान खान से जोड़कर देखें, तो ये फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज़ भी हो सकता है.

किन्होंने बनाई है?

इस फिल्म को डायरेक्ट करेंगे ओम राउत. ओम ने पहली फिल्म मराठी भाषा में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की बायोपिक ‘लोकमान्य- एक युगपुरुष’ (2015) डायरेक्ट की थी. ‘तान्हाजी- द अनसंग वॉरियर’ उनकी दूसरी फिल्म होगी. इसके अलावा ओम 2010 में आई महेश मांजरेकर डायरेक्टेड फिल्म ‘लालबाग परेल’ और 2011 में आई विक्रम भट्ट की ‘हॉन्टेड 3डी’ से भी बतौर प्रोड्यूसर जुड़े रह चुके हैं. इस फिल्म की शूटिंग मुंबई में ही हुई है. क्योंकि इसे रियल लोकेशंस से ज़्यादा हरे पर्दे पर शूट किया जाना था. यानी इसमें वीएफएक्स का भारी-भरकम इस्तेमाल हुआ है. खैर, अब ये फिल्म बनकर तैयार हो चुकी है. और 10 जनवरी, 2020 को रिलीज़ के शेड्यूल्ड है. उसी दिन दीपिका पादुकोण की मेघना गुलज़ार डायरेक्टेड ‘छपाक’ भी रिलीज़ होनी है.

‘तान्हाजी- द अनसंग वरियर’ का ट्रेलर आप यहां देख सकते हैं: 


वीडियो देखें: सलमान खान ने ‘दबंग 3’ के बाद ‘राधे योर मोस्ट वांटेड भाई’ की भी अनाउंसमेंट कर दी है

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