Submit your post

Follow Us

जब पाकिस्तान से पिट रहे भारत को बचाने के लिए सचिन की खोज में निकला BCCI

‘सचिन कहां है? कहां है सचिन? सचिन को बुलाओ, उसे टोरंटो भेजना है.’

साल 1998. सहारा कप. मुंबई से 12,480 किलोमीटर दूर कनाडा के शहर टोरंटो में भारत एक के बाद मैच हार रहा था. पाकिस्तान के हाथों मिल रही हर हार के बाद BCCI के अंदर सचिन के नाम का शोर मचा हुआ था. लोग कह रहे थे कि कैसे भी करके सचिन समेत टीम इंडिया के प्रमुख खिलाड़ियों को बुलाओ और तुरंट टोरंटो रवाना करो.

लेकिन सचिन और उनके साथ के ये खिलाड़ी थे कहां? टीम इंडिया के वन मैन आर्मी कहे जाने वाले सचिन इन प्लेयर्स को लेकर कहां निकल लिए थे? आपके मन में सही सवाल उठ रहे हैं. साल 1998 में भारत ने 12 से 20 सितम्बर के बीच पाकिस्तान के साथ सहारा कप खेला था. दोनों देशों के बीच दोस्ती पक्के करने के लिए हुए तमाम स्पोर्ट्स आयोजनों में से एक रहे इस टूर्नामेंट की काफी चर्चा थी. और उस दौर की क्रिकेट को फॉलो करने वाले भी आप जैसे ही सवाल उठा रहे थे.

और आज हम उन्हीं सवालों के जवाब देंगे. लेकिन उससे पहले चलिए वर्तमान में लौट आते हैं. सोमवार, 28 जून को शिखर धवन की कप्तानी में टीम इंडिया श्रीलंका के लिए रवाना हुई. ये टीम इसी जुलाई के महीने में श्रीलंका के खिलाफ वनडे और T20 सीरीज़ खेलने वाली है.

इससे पहले कि आपके मन में शंका हो, बता देते हैं. ये भारत की B या C टीम नहीं है. ये भारतीय सीनियर क्रिकेट टीम ही है. ठीक विराट कोहली की टीम की तरह, जो अभी इंग्लैंड टूर पर है. विराट कोहली और रवि शास्त्री वाली टीम अगस्त के महीने में इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज़ खेलेगी. जिसकी वजह से जुलाई में होने वाली सीरीज़ के लिए भारत की दूसरी टीम को भेजा गया है.

# दो-दो भारतीय टीम

अब मिलेनियल्स तो यही सोच रहे होंगे कि ऐसा पहली बार हुआ है. लेकिन ऐसा है नहीं. और ये जो है नहीं, उसी में छिपा है हमारे मन और इस आर्टिकल की शुरुआत में उठे सवालों का जवाब. साल 2021 से पहले 1998 में भी ऐसा हो चुका है. तब भी भारत की दो टीमें, दो कप्तानों के अंडर दो अलग-अलग जगहों पर खेल रही थीं.

दरअसल साल 1998 में BCCI प्रेसिडेंट राज सिंह डूंगरपुर के सामने एक बड़ा धर्मसंकट आ गया. जिस वक्त टोरंटो में राजनीतिक दबाव वाली पाकिस्तानी सीरीज़ खेलनी थी. ठीक उसी वक्त कुआललंपुर में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भी टीम को भेजना था. जी हां, बात सोलह आने सच है.

साल 1998 में पहली और इकलौती बार CWG में क्रिकेट को शामिल किया गया था. 90 के दशक में खेलने वाले क्रिकेटर्स के लिए ये एक नया अनुभव था. दुनियाभर में दौरों पर शानो-शौकत में रहने वाले क्रिकेटर्स को भी बाकी एथलीट्स के साथ कॉमनवेल्थ खेल गांव में रुकना था. जहां ना तो कोई रूम सर्विस थी और ना ही अलग से खाने की व्यवस्था. सब लोग एकसाथ, एक कॉमन कैफेटेरिया में खाना खाते थे.

लेकिन इस रहने-खाने से पहले तो जाने वाला प्रोग्राम सेट करना था ना. और इसके लिए फैसला लिया गया कि भारत की मुख्य टीम पाकिस्तान के साथ सहारा फ्रेंडशिप कप खेलने जाएगी. और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए दूसरी टीम तैयार करेंगे. BCCI का प्लान CWG में हल्की टीम भेजने का था, लेकिन स्पोर्ट्स मिनिस्टर सुरेश कलमाड़ी अड़ गए. उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत की तगड़ी टीम ही जाएगी.

Sahara Cuo
सहारा कप की तस्वीर. फोटो: Twitter

फिर हुई बराबर की तोल:

उस दौर में अब जैसे 30-40 तगड़े प्लेयर्स का पूल तो था नहीं. तो तय हुआ कि जो मुख्य प्लेयर्स हैं उन्हीं को बराबर बांटा जाए. इसके बाद बोर्ड ने मेन खिलाड़ियों को दो ग्रुप में डाला और दोनों को अलग-अलग फ्लाइट पकड़ा दी. सचिन तेंडुलकर को कॉमनवेल्थ गेम्स वाली टीम में भेजने का फैसला लिया गया. जबकि मोहम्मद अज़हरुद्दीन को पाकिस्तान के खिलाफ.

क्रिकेट फ़ैन्स को सचिन का कॉमनवेल्थ गेम्स में जाना पसंद नहीं आया. दरअसल उस वक्त सचिन तेंडुलकर अपने करियर की सबसे बेहतरीन फॉर्म में थे. इसलिए फ़ैन्स उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ सहारा कप में खेलते देखना चाहते थे. लेकिन BCCI को दिल पर पत्थर रखकर सचिन को CWG में भेजना पड़ा.

सचिन के अलावा CWG में जाने वाले खिलाड़ियों में अजय जडेजा (कप्तान), अनिल कुंबले (उप-कप्तान), रॉबिन सिंह और हरभजन सिंह जैसे नाम शामिल रहे. जबकि सहारा कप के लिए जाने वाली टीम में सौरव गांगुली, मोहम्मद अज़हरुद्दीन, राहुल द्रविड़, जवागल श्रीनाथ, वेंकटेशन प्रसाद और अजीत आगरकर को रखा गया.

कॉमनवेल्थ गेम्स का हाल

अब टीम कुआललंपुर पहुंची और शुरू हुई एक बड़ी चुनौती. कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट के 50 ओवर के मैचों को लिस्ट ए का दर्जा देकर शामिल किया गया. इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान, साउथ अफ्रीका और कैरेबियाई देशों की अलग-अलग टीमों को मिलाकर कुल 16 टीमें आईं.

CWG के लिए ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, न्यूज़ीलैंड और ज़िम्बाब्वे ने अपनी मेन टीम को भेजा जबकि काउंटी चैम्पियनशिप की वजह से इंग्लैंड ने अपनी टीम ही नहीं भेजी. 1998 तक 50 ओवर के क्रिकेट में रंगीन जर्सी आ चुकी थी. लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में ना तो टीमों को रंगीन जर्सी पहनने की इजाज़त मिली और ना ही किसी तरह का कोई स्पॉन्सर लोगों लगाया गया.

Sachin Gone
सचिन तेंडुलकर की फाइल फोटो.

अब इसे जर्सी का असर कहें या बंटवारे का, लेकिन लाख कोशिश के बावजूद भारतीय टीम की किस्मत खराब रही. कॉमनवेल्थ गेम्स में टीम दूसरे राउंड तक भी नहीं पहुंची. भारत का खेल इतना खराब रहा कि हम बारिश से पहले एंटीगा जैसी टीम के खिलाफ भी स्ट्रगल करते दिखे. भारतीय क्रिकेट टीम ने पहले और इकलौते CWG को नौवें स्थान पर रहते हुए खत्म किया. नौ सितंबर को शुरू हुए गेम्स से भारतीय क्रिकेट टीम 15 सितम्बर तक ही बाहर निकल गई.

जब मची खलबली

15 सितंबर को हम कुआललंपुर में हारे. लेकिन बम फटा 16 सितंबर को.  टीम इंडिया टोरंटो में पाकिस्तान से 2-1 से पिछड़ गई. राजसिंह डूंगरपुर की अध्यक्षता वाले बोर्ड में खलबली मच गई. तुरंत ये फैसला लिया गया कि कुआललंपुर से आ रहे खिलाड़ियों में से सचिन, जडेजा, कुंबले और रॉबिन सिंह को सीधे टोरंटो रवाना किया जाए.

90's Team India
90 के दशक वाली भारतीय टीम की फाइल फोटो.

और ये सुनते ही पाकिस्तान अड़ गया. इस ख़बर पर रिएक्ट करते हुए पाकिस्तान ने कहा,

‘भारत इस सीरीज में उन खिलाड़ियों को खिलाने पर आमादा है जो मुख्य टीम का हिस्सा भी नहीं थे.’

पाकिस्तानी मीडिया ने भी तुरंत अटैक शरू कर दिया. सीधे सवाल आ रहे थे कि CWG गई टीम का हिस्सा रहे सचिन और जडेजा जैसे खिलाड़ी सहारा कप में कैसे?

हालांकि तमाम विवादों  के बाद भी भारत ने सचिन और जडेजा को भेजने पर सहमति बना ही ली. लेकिन इस सहमति के बाद भी ड्रामा बाकी था. अजय जडेजा और सचिन एकसाथ भारत लौटे लेकिन भारत आते ही सचिन लापता हो गए. भारत पहुंचने के बाद सचिन की लोकेशन किसी को मालूम ही नहीं.

कहते हैं कि बोर्ड और तेंडुलकर के बीच कुछ मिस कम्युनिकेशन हो गया. और सचिन को ये मैसेज पहुंच ही नहीं पाया कि उन्हें तुरंत टोरंटो रवाना होना है.

फिर आनन फानन में चिल्ल-पों मची,

सचिन कहां है? कहां है सचिन? सचिन को बुलाओ, उसे टोरंटो भेजना है.

तब पता चला कि सचिन को ये जानकारी ही नहीं थी कि वो टोरंटो जा रहे हैं. इसलिए वह घर लौटते ही परिवार के साथ छुट्टियां मनाने खंडाला पहुंच गए. आखिरकार जैसे-तैसे बोर्ड ने सचिन से कॉन्टैक्ट किया और उन्हें तुरंत वापस बुलाया.

सचिन आए और उन्हें 20 सितंबर को होने वाले आखिरी वनडे से पहले टोरंटो पहुंचे. लेकिन इससे पहले ही भारत चौथा वनडे और सीरीज़ हार चुका था. फिर आखिरी वनडे में सचिन ने 77 रन की पारी तो खेली लेकिन जीत यहां भी नहीं मिली. मैच में भारत ने बोर्ड पर 256 रन लगाए. लेकिन खराब फील्डिंग और आमिर सोहेल की पारी से टीम इंडिया आखिरी वनडे भी हार गई. पाकिस्तान ने यह सीरीज 4-1 से जीती.

टीम इंडिया के लेजेंड और कॉमेंटेटर सुनील गावस्कर ने उस मैच से पहले सचिन के लिए चुटकीले अंदाज़ में ‘आती क्या खंडाला’ भी गाया, और सचिन के खेलने या ना खेलने को लेकर पैदा हुई भ्रम की स्थिति का ज़िक्र भी किया.


कोहली की कप्तानी पर गंभीर सवाल उठाते हुए ये क्या बोल गए पूर्व पाकिस्तानी कप्तान? 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

जब ट्रेलर आया था, तबसे लगातार विरोध जारी है.

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

आज जानते हो किसका हैप्पी बड्डे है? माधुरी दीक्षित का. अपन आपका फैन मीटर जांचेंगे. ये क्विज खेलो.

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?