Submit your post

Follow Us

दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी के परिवार में लोग DM-सरपंच तक रह चुके हैं

दक्षिण अफगानिस्तान के मूसा कला में 23 सितंबर को तालीबान के ठिकाने पर अमेरिका और अफगानिस्तान की सेना ने जॉइंट स्ट्राइक की. इस कार्रवाई में आसिम उमर मारा गया. आप पूछेंगे ये कौन? ये भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा (AQIS) का सबसे पॉवरफुल आदमी था. उसे सनाउल हक के नाम से भी जाना जाता है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल में एक साधारण परिवार में जन्मा सनाउल हक कैसे दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकियों में शुमार हो गया? कहा जाता है कि 1992 में बाबरी विध्वंस के बाद वह आतंकी संगठनों के संपर्क में आया. 1995 में वह अचानक गायब हो गया, उसने अपने परिवार और दोस्तों से सारे संपर्क खत्म कर लिये.

इंडियन एक्सप्रेस ने सनाउल की मां और भाई के हवाले से लिखा कि उसने सहारनपुर जिले के दारुल उलूम देवबंद से पढ़ाई की थी. हालांकि दारुल उलूम ने इसका खंडन किया है.

दारुल उलूम देवबंद. (विकिमीडिया कॉमन्स)
दारुल उलूम देवबंद. (विकिमीडिया कॉमन्स)

दारुल उलूम देवबंद के वाइस चांसलर मौलाना मुफ्ती अबुल क़ासिम नोमानी के हवाले से असिस्टेंट इंचार्ज अशरफ उस्मानी ने कहा-

हमने दारुल उलूम के सारे रिकॉर्ड चेक किये. आसिम उमर या सनाउल हक के नाम से एक भी एंट्री हमें नहीं मिली है. हम उन रिपोर्ट्स की भर्त्सना करते हैं जिनमें दावा किया गया है कि मारा गया आतंकी दारुल उलूम का छात्र रहा है. मीडिया हाउस हमसे पुष्टि किए बिना ऐसी खबरें चला रहे हैं.

सनाउल हक संभवतः फर्जी पासपोर्ट की मदद से 1995 के आखिर में पाकिस्तान पहुंचा. उसने नौशेरा के दारुल उलूम हक्कानिया में पढ़ाई शुरू की. इसे यूनिवर्सिटी ऑफ जिहाद भी कहा जाता है. वह आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन में शामिल हो गया, इस संगठन को मसूद अजहर ने बनाया था. हरकत-उल-मुजाहिदीन उन आतंकी संगठनों में से एक था जो भारत से आतंकियों की भर्ती करता था.

फर्स्टपोस्ट के लिए प्रवीण स्वामी ने सनाउल हक पर एक डिटेल्ड रिपोर्ट की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक,

90s के आखिर में वह PoK स्थित आतंकी ट्रेनिंग कैम्प में जिहादियों को ट्रेनिंग देने लगा. कुछ वक्त के लिए उसने दारुल-उलूम हक्कानिया में पढ़ाया भी. अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 2001 में हुए 9/11 हमले के बाद वह PoK से कराची शिफ्ट हो गया. 2004 से 2006 तक वह हरूनाबाद में रहा.

हालांकि, यह साफ नहीं है कि सनाउल हक ने कब अपना नाम बदलकर आसिम उमर रख लिया.

लाल मस्जिद ऑपरेशन और अल-कायदा का रुख

जुलाई, 2007 में पाकिस्तानी सेना ने इस्लामाबाद की लाल मस्जिद की घेराबंदी कर दी थी. तब परवेज़ मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे. मस्जिद के मुख्य मौलाना अब्दुल राशिद गाजी मांग कर रहे थे कि पूरे पाकिस्तान में शरिया कानून लागू हो. इसके लिए वह मस्जिद के लाउडस्पीकर से संदेश भी देते थे. इस दौरान वहां काम कर रहे चीनी स्वास्थ्यकर्मियों, सरकारी इमारतों और सेना पर हमले हुए. एजेंसियों का मानना है कि सना-उल-हक इसी दौरान मुहम्मद इलियास कश्मीरी के संपर्क में आया. इलियास एक जाना-माना जिहादी था और अलकायदा में उसकी अच्छी पहचान भी थी.

इस्लामाबाद की लाल मस्जिद (विकिपीडिया)
इस्लामाबाद की लाल मस्जिद (विकिपीडिया)

आसिम उमर के नेतृत्व में अलकायदा ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में कई बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया. उमर का कद अल कायदा में बढ़ता गया. उसके कद का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी पहचान बेहद सुरक्षित रखी गई थी. उसका कोई डिजिटल फुटप्रिंट नहीं है यानी न ही उसकी तरफ से कोई टेप्ड मैसेज जारी किया गया और न ही कभी उसकी कोई फोटो सामने आई. इस खबर के लिए भी हमें उसकी जो इकलौती फोटो मिली वो अफगान फोर्स ने ट्विटर पर जारी की है.

सितंबर, 2014 में अल कायदा लीडर अयमन अल जवाहिरी ने अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) का गठन किया. इसका मकसद भारत, बांग्लादेश और म्यांमार में जिहादी आतंकवाद का प्रसार करना था. AQIS के बनने के साथ ही आसिम उमर को उसका प्रमुख बनाया गया.

पैसों को लेकर हुई लड़ाई के बाद छोड़ा था घर

सनाउल हक का परिवार संभल के मोहल्ला दीपा सराय गांव में रहता है. उसके पिता का नाम इरफान उल हक और मां का नाम रुकैया है. इंडियन एक्सप्रेस की टीम ने 2015 में उन दोनों से मुलाकात की थी. तब इरफान 80 और रुकैया 72 बरस की थीं. इन दोनों ने करीब 20 साल से अपने बेटे को नहीं देखा था, उन्हें ये भी नहीं मालूम था कि वह जिंदा है या नहीं. 2015 की शुरुआत में ही कुछ अधिकारी उनके घर पहुंचे थे तब उन्हें पता चला था कि उनका बेटा अलकायदा का आतंकी बन गया है.

रुकैया ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा था,

‘दारुल उलूम देवबंद से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सनाउल ने अपने पिता से 80 हजार रुपये मांगे थे. वो साउदी अरब जाना चाहता था आगे की पढ़ाई के लिए. उसके पिता ने मना कर दिया जिसके बाद दोनों का झगड़ा हो गया. वो अपने पापा से बदतमीजी कर रहा था तो उसके चाचा ने उसे थप्पड़ मार दिया. इसके बाद वो गुस्से में घर से बाहर निकल गया.’

परिवार ने तब उसे ढूंढ़ने की कोशिश की थी. 2015 में रुकैया ने कहा था कि अब वो नहीं चाहते कि सनाउल वापस आए. इलाके में सनाउल के परिवार की खासी इज्जत है. उसके परदादा डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रहे थे जबकि उसके दादा गांव के मुखिया हुआ करते थे. सनाउल के पिता इरफान ने कहा था,

‘मेरे बचपन में पुलिसवाले हमारे घर आते थे गांव की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए. अब वो मेरे बेटे के बारे में पूछने आते हैं. कहते हैं कि वो आतंकी बन गया है.’

भाई ने कहा- हम उसे जानते ही नहीं थे

सनाउल पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर का था. उससे छोटी एक बहन हैं. सनाउल के भाई रिज़वान ने कहा कि वो किसी आसिम उमर को नहीं जानते, वो सनाउल को जानते थे. उसे प्यार से सन्नू बुलाते थे. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा,

‘जो आदमी 20 साल से गायब था उसकी मौत पर दुख मनाने की कोई वजह नहीं है. उसकी मौत की खबर से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि ऐसा लगता है कि हम उसे जानते ही नहीं थे.’

सनाउल के पिता इरफान की 2016 में मौत हो गई थी. जबकि उसकी मां ने उसकी मौत पर कोई रिएक्शन नहीं दिया. उसके एक भाई टीचर हैं जबकि दूसरे भाई इंजीनियर हैं.


वीडियो- दामाद, बेटी जन्मदिन पर सरप्राइज़ देने पहुंचे, आदमी ने गोली चला दी

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

आज 33 साल के हो गए हैं रोहित शर्मा.

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

मधुबाला को खटका लगा हुआ था इस हीरोइन को दिलीप कुमार के साथ देखकर

एक्ट्रेस निम्मी के गुज़र जाने पर उनको याद करते हुए उनकी ज़िंदगी के कुछ किस्से

90000 डॉलर का कर्ज़ा उतारकर प्राइवेट जेट खरीद लिया था इस 'गैंबलर' ने

उस अमेरिकी सिंगर की अजीब दास्तां, जो बात करने के बजाए गाने में ज़्यादा कंफर्टेबल महसूस करता था

YES Bank शुरू करने वाले राणा कपूर कौन हैं, जिन्होंने नोटबंदी को 'मास्टरस्ट्रोक' बताया था

यस बैंक डूब रहा है.

सात साल पहले केजरीवाल ने वो बात कही थी जो आज वो ख़ुद नहीं सुनना चाहते

बरसों पुरानी इस बात की वजह से सोशल मीडिया पर घेर लिए गए हैं.

क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

अब ढेरों खेल-तमाशा हो रहा है.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.