Submit your post

Follow Us

आतंकियों से घिरने के बाद मेजर रवि चौधरी ने न सिर्फ साथी की जान बचाई, बल्कि आतंकी भी मार गिराया

स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यानी 14 अगस्त को इस साल के वीरता पुरस्कारों यानी गैलेंट्री अवॉर्ड्स का ऐलान किया गया. कुल 6 जवानों को शौर्य चक्र दिया गया. शांतिकाल के वीरता पुरस्‍कारों में अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र आते हैं. शांति के समय अशोक चक्र देश का सर्वोच्‍च वीरता पुरस्‍कार है. अशोक चक्र, कीर्ति चक्र के बाद शौर्य चक्र सबसे बड़ा पुरस्कार है. हम एक-एक कर शौर्य चक्र विजेताओं की बहादुरी के किस्से बता रहे हैं. इस कड़ी में बात मेजर रवि कुमार चौधरी की.

Ravi

 

13 आतंकियों के सफाए का श्रेय

अप्रैल 2019 से अब तक मेजर रवि कुमार चौधरी ने अपनी बटालियन के चार सफल अभियानों के संचालन के दौरान असाधारण दृढ़ता, नायाब धैर्य और सर्वोच्च नेतृत्व गुणों का प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप 13 आतंकवादियों का सफाया हुआ.

अब बात उस रोज की जिस दिन उन्होंने अपने साथी को बचाने के लिए खुद की जान को दांव पर लगा दिया. 2 जून 2020 को जम्मू-कश्मीर के एक गांव में तीन आतंकियों के बारे में खास जानकारी हासिल हुई थी. 3 जून 2020 को करीब 6.20 बजे जब आतंकवादियों की उपस्थिति की पुष्टि हो गई तो रवि ने घेरा मजबूत कर दिया.

छिपे हुए आतंकवादियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए, रवि चौधरी अपने दोस्त के साथ रेंगते हुए आगे बढ़े. इस दौरान आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी की. ये देख कर छुपे हुए आतंकवादियों ने भी उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं और अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL) से हमला किया. ये देख कर रवि ने अपने साथी को एक तरफ धकेल दिया और खुद भारी गोलीबारी के बीचोंबीच आ गए.

हालांकि अपनी क्षमताओं की बदौलत उन्होंने आतंकियों को निशाने पर ले लिया. इसी वजह से एक आतंकी को मार गिराया गया और दूसरे को गंभीर चोटें आईं. अद्भुत शौर्य दिखाने के लिए मेजर रवि कुमार चौधरी को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है.

शौर्य चक्र किसे दिया जाता है?

शौर्य चक्र असाधारण वीरता या बलिदान के लिए दिया जाता है. ‘शौर्य चक्र’ शांति काल में दिया जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा सैन्य पराक्रम मेडल है. ये ऐसा सम्मान है जो सेना, सिविलियन पुलिस और आम नागरिकों को भी दिया जा सकता है. सेना में किसी भी रैंक के ऑफिसर (महिला/पुरुष), नेवी, एयरफोर्स, किसी भी रिजर्व फोर्स, प्रादेशिक सेना, नागरिक सेना और कानूनी रूप से गठित अन्य सैनिक इसके पात्र हो सकते हैं. सशस्त्र बलों की नर्सिंग सेवाओं के मेंबर को कार्यक्षेत्र में बेहतरीन योगदान के लिए भी ये सम्मान मिल सकता है. कोई भी आम नागरिक चाहे वो किसी भी जेंडर का हो, इस सम्मान का हकदार हो सकता है. सिविल पुलिस फोर्स, सेंट्रल पैरा-मिलिट्री फोर्सेस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के सदस्य को भी ये सम्मान दिया जा सकता है.

Shaurya Chakra
शौर्य चक्र.

 

इस पदक की शुरुआत 4 जनवरी 1952 को हुई थी. पहले इसका नाम अशोक चक्र क्लास-2 था. फिर 26 जनवरी 1967 को नाम बदलकर शौर्य चक्र किया गया. इस पदक का फीता हरे रंग का होता है, जिस पर तीन सीधी रेखाएं बनी होती हैं. इस फीते से बंधा होता है पदक, जो कि कांसे का होता है और इसके बीच में अशोक चक्र बना होता है. पदक के पिछले हिस्से पर हिंदी और अंग्रेजी में शौर्य चक्र लिखा होता है. भारतीय वायुसेना की वेबसाइट के मुताबिक, पदक विजेता को हर महीने 1500 रुपये की राशि दी जाती है.


वीडियो- तारीख़: क्या हुआ जब कारगिल युद्ध खत्म होने के बाद भारतीय सीमा में एक पाकिस्तानी प्लेन घुस आया?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

जब ट्रेलर आया था, तबसे लगातार विरोध जारी है.

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

आज जानते हो किसका हैप्पी बड्डे है? माधुरी दीक्षित का. अपन आपका फैन मीटर जांचेंगे. ये क्विज खेलो.

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

चुनावी माहौल में क्विज़ खेलिए और बताइए कितना स्कोर हुआ.

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

राहुल के साथ यहां भी गड़बड़ हो गई.