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'जब तक UCL नहीं जीतते, अपुन इधरिच है' कहने वाले मेसी के दोस्त कहां निकल लिए?

हिंदी फिल्में. पूरी दुनिया में चाव से देखी जाती हैं. ये फिल्में इनती प्रेडिक्टिव यानी उम्मीदों के मुताबिक होती हैं कि इनकी कई चीजें तो लोगों को मुंहजबानी याद हैं. जैसे, प्यार, दोस्ती और ज़ुबान. हां वही, जिसे एक बार दे दी तो पलट नहीं सकते. ना पलट सकने वाली ये ज़ुबान रियल लाइफ में अक्सर लोगों को ट्रोल कराती है.

और इस ताजा ट्रोलिंग का शिकार एक बेहद खास शख्स हुआ है. ऐसा शख्स जिसकी कहानी में प्यार और दोस्ती के साथ ज़ुबान भी है. फुटबॉल फॉलो करने वाले तो ऑलमोस्ट समझ गए होंगे. जो ना समझे उन्हें बता दें कि हम सर्जियो अग्वेरो की बात कर रहे हैं. और ये बात शुरू करने के लिए 13 मई 2012 से बेहतर दिन क्या हो सकता है.

# ऐतिहासिक Aguero

13 मई 2012. इंग्लैंड की नेशनल फुटबॉल लीग के सीजन का आखिरी मैच डे. 37 मैचों के बाद मैनचेस्टर सिटी और मैनचेस्टर यूनाइटेड के पॉइंट्स बराबर थे. अंतिम मैच डे में यूनाइटेड का मुकाबला संडरलैंड से था. वहीं सिटी खेल रही थी क्वींस पार्क रेंजर्स यानी QPR से.  पॉइंट्स टेबल में सोलहवें नंबर की टीम QPR प्रीमियर लीग में टिके रहने के लिए दूसरी टीमों के रिजल्ट पर निर्भर थी.

जबकि यूनाइटेड और सिटी दोनों को हर हाल में जीतना ही था. फर्स्ट हाफ खत्म होने के बाद दोनों टीमें अपने-अपने मैच जीत रही थीं. और गोल अंतर के आधार पर टाइटल सिटी की तरफ झुकता हुआ दिखाई दे रहा था. फिर आया मैच का दूसरा हाफ. दूसरे हाफ का तीसरा और मैच का कुल 48वां मिनट. सिटी का डिफेंस चूका और QPR ने स्कोर 1-1 कर दिया.

कुछ ही देर के बाद जिमी मकाय ने एक क्रॉस पर हैडर मार मैच 2-1 से QPR की ओर झुका दिया. इधर संडरलैंड से ख़बर आई कि यूनाइटेड ने अपना मैच 1-0 से जीत लिया. सिटी का स्कोर देख यूनाइटेड फैंस का जश्न शुरू हो गया. हालांकि सिटी के फैंस की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई थीं. तय 90 मिनट खत्म होने के बाद रेफरी ने सिटी को 5 मिनट का अतिरिक्त समय दे दिया.

अतिरिक्त समय के दूसरे ही मिनट में सिटी ने बराबरी कर ली. ये गोल आया दूसरे हाफ में सब्सिट्यूट आए एडिन जे़को के हैडर से. और इसे असिस्ट किया जादूगर डेविड सिल्वा ने. लेकिन ट्रॉफी के लिए अभी सिटी को 1 गोल और चाहिए था. अतिरिक्त समय लगभग खत्म होने वाला था.

रेफरी की सीटी बस बजने ही वाली थी. स्टेडियम में मौजूद दर्शक टाइटल हाथ से निकलता देख रोने लगे. उन्हें इस बात का दुख बहुत ज्यादा था कि पूरे सीजन अच्छा खेलने के बावजूद अंतिम क्षणों में टाइटल उनके हाथ से निकल जाएगा. लेकिन तभी, अतिरिक्त समय के चौथे यानी मैच के कुल 94वें मिनट में मारियो बालेटेल्ली का एक हल्का टच और बॉल पेनल्टी एरिया के अंदर घुस गई. इसके अगले ही पल जो हुआ वो पूरी दुनिया के फुटबॉल फैंस को आज भी मुंहजबानी याद है.

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Aguerooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooo, Aguero’s has won it for city.

सीजन के आखिरी दिन एक हारी बाजी को पलटने वाले इस दिग्गज स्ट्राइकर का आज बर्थडे है. हाल ही में लियोनल मेसी के क्लब बार्सिलोना से जुड़े सर्जियो का जन्म 2 जून 1988 को अर्जेंटीना में हुआ था. इनका पूरा नाम सर्जियो लियोनल अग्वेरो डेल कस्तीयो है. लेकिन इनकी जर्सी देखेंगे तो आपको उस पर Kun Aguero दिखेगा.

# कैसे बने Kun Aguero?

सोचिए ऐसा क्यों? अरे रुको यार, सोचने बोला गूगल मत करो. चलो, बता ही देते हैं. दरअसल अपने बचपन में अग्वेरो को एक जापानी कार्टून देखने की लत थी. इस कार्टून के हीरो का नाम कुम-कुम था. और इनके घरवालों का मानना था कि ये उसी के जैसे दिखते हैं. बस उन्होंने अपने प्यारे सर्जियो को KUN बुलाना शुरू कर दिया.

बचपन में कार्टून देखने के शौकीन रहे सर्जियो ने सिर्फ 15 साल की उम्र में प्रोफेशनल फुटबॉल डेब्यू कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने सबसे कम उम्र में डेब्यू का दिग्गज डिएगो माराडोना का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. आगे चलकर उन्होंने माराडोना की बेटी से शादी भी की. अर्जेंटीना में जलवे दिखाने के बाद वह जल्दी ही स्पेन आ गए.

यहां सर्जियो ने एटलेटिको मैड्रिड के लिए पांच सीजन खेले. इस प्रदर्शन को देख यूरोप में हलचल होने लगी. तमाम बड़े क्लब बोरी में पैसे भरकर इनके पीछे भागने लगे. लेकिन इस रेस में बाजी मारी मैनचेस्टर सिटी ने. सिटी ने 40 मिलियन यूरो की बोली लगा सर्जियो को खरीद लिया.

यहां आने के बाद उन्होंने हर गुज़रते मैच के साथ अपना रुतबा बढ़ाया. जल्दी ही वह विश्व फुटबॉल के महानतम स्ट्राइकर्स में गिने जाने लगे. लेकिन वो कहते हैं ना, कि टॉप पर पहुंचना आसान है, वहां टिके रहना मुश्किल. ऐसा ही कुछ सर्जियो के साथ भी हुआ. पिछले कुछ सालों से वह मैदान पर कम और फिजियो टेबल या डगआउट में ज्यादा दिखने लगे.

तमाम चोटों ने उन्हें बहुत परेशान किया. और इन परेशानियों से जूझते हुए आया साल 2021. सिटी के साथ अग्वेरो का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने वाला था. इधर उनके क़रीबी दोस्त लियोनल मेसी का बार्सिलोना कॉन्ट्रैक्ट भी अंत की ओर था. ख़बरें आने लगी थीं कि मेसी जल्दी ही सिटी आ सकते हैं. लेकिन इन ख़बरों में जल्दी ही अलग एंगल आ गया.

# Messi के दोस्त Aguero

ख़बर आई कि सर्जियो को लाने का वादा कर बार्सिलोना ने एक तीर से दो शिकार कर लिए. पुरानी दोस्ती का हवाला देकर मेसी तो रोके ही गए, साथ ही अच्छे स्ट्राइकर की कमी भी पूरी हो गई. 30 मई 2021 को हुआ चैंपियंस लीग फाइनल सिटी की जर्सी में अग्वेरो का आखिरी मैच था. सिटी यह मैच हार गई. और इसके साथ ही शुरू हो गई अग्वेरो की ट्रोलिंग. इस ट्रोलिंग के पीछे था साल 2014 का उनका एक बयान.

इस बयान में उन्होंने कहा था,

‘जब तक हम (मैनचेस्टर सिटी) चैंपियंस लीग नहीं जीत लेते. मैं यहीं हूं.’

सिटी के साथ चैंपियंस लीग ना जीत पाए अग्वेरो अब बार्सिलोना के लिए खेलेंगे. वो बार्सिलोना जहां के कैप्टन प्रताप और भगवान दोनों लियोनल मेसी हैं. मेसी से अग्वेरो की क़रीबी दोस्ती का ज़िक्र तो हमने ऊपर किया ही. अब इस दोस्ती की शुरुआत का एक क़िस्सा सुनाते हैं. साल 2005. अर्जेंटीना की अंडर-20 टीम के ट्रायल चल रहे थे.

इस ट्रायल में मेसी भी थे. और तब तक वह बार्सिलोना के लिए अपने डेब्यू भी कर चुके थे. यानी उनका नाम भौकाली प्लेयर्स में आ गया था. और अग्वेरो ने ट्रायल्स के दौरान इसी मेसी से पूछा,

‘तुम कौन?’

अग्वेरो का यह कहना भर था कि पूरी सभा ठहाकों से गूंज गई. इसके बाद खिसियाए अग्वेरो से किसी ने बताया कि ये वही मेसी है जो बार्सिलोना के लिए खेलता है. एक वो दिन था, एक आज का दिन है. अर्जेंटीना के लिए खेलते हुए यह दोनों हर बार एक ही कमरे में रुकते हैं. इनकी दोस्ती एकदम जय-वीरू वाली है. और ये एक-दूसरे को भाई ही मानते हैं. यहां तक कि अग्वेरो ने मेसी को अपने बेटे का गॉडफादर भी बना रखा है.


इस स्टोरी की रीसर्च हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे अमित सिंह ने की है.


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