Submit your post

Follow Us

हुज़ूर, हम तो खड़े हो जाएंगे, आप भी तो होइए

सुप्रीम माईबाप को सप्रेम नमस्कार,

सुनते आए हैं कि घर के सबसे बड़े की बात सुनना आदर की सुप्रीम स्थिति है. और बिना सवाल किए आदेश मानना समस्त संस्कारों का आइफ़िल टॉवर. और आप तो जानते ही होंगे हम भारतीय कितने ही जातिवादी, नस्लवादी, पुरुषवादी वगैरह-वगैरह हों लेकिन संस्कारी भयंकर मात्रा में हैं. सुबह नहा-धो के जब घर से निकलते हैं, तब तमाम ज़रूरी चीज़ों के साथ सौ-पचास ग्राम संस्कार की पुड़िया पर्स में रखना नहीं भूलते. ऐसे संस्कार ऑब्सेस्ड देश के मुखिया ने जब कहा कि सारे काम छोड़ो और बैंक की लाइन में खड़े हो जाओ, तो हर आम आदमी आज्ञाकारी बालक की तरह भांति-भांति की लाइनों में नज़र आने लगा.

देश को ‘लाइन पे लाने का’ ये उनका अपना तरीका था. जिसकी वजह से उनको शोहरत और लानत ट्रक भर-भर के मिली. एक ही वक़्त में वो आर्थिक सुधार के मसीहा और ड्रामेबाज़ विदूषक दोनों कहलाए गए. इसके तुरंत बाद वो रो भी दिए. हालांकि वो समर्थकों के उत्साह से गद्गद होकर रोएं या विरोधियों की गालियों से आहत होकर, इस बारे में अभी रिसर्च चल रही है. फिलहाल तो यही तथ्य उपलब्ध है कि वो रोएं. और आप इस तथ्य को कम ना आंकिए. आख़िर दुनिया में ऐसे कितने खुशनसीब मुल्क हैं, जिनका प्रधानमंत्री रोता हो!

खैर हुज़ूर, विषयांतर के लिए क्षमा. बात ये कहनी थी कि पहले से लाइन में खड़े आदमी को आपने फिर से खड़ा कर दिया. इस बार सिनेमाघरों में. ‘मां तुझे सलाम’ से लेकर ‘रतिया कहां बितावल’ तक जो भी देखने की मर्ज़ी हो, पहले देशभक्ति का मंजन करना ही होगा. सुबह का पहला कार्य! (हालांकि पहले कार्य के तौर पर कुछ और भी चुना जा सकता था लेकिन इन पंक्तियों का लेखक टीम के अन्य साथियों के मुकाबले कम अश्लील है. इसलिए मंजन.)

आपके इस फैसले ने समस्त आर्यावर्त को बिजी कर दिया मालिक! कुछ आनंदित हुए, कुछ भयभीत, कुछ भौंचक तो कुछ भावुक! कुछ शब्द बार-बार कहे-सुने गए. जैसे ‘बेतुका तुगलकी फरमान, अभिव्यक्ति की आज़ादी का मान और सरहद पे खड़ा जवान’. कुछ का कहना था कि लाइन में खड़े होने की आदी हुई जनता को 56 सॉरी 52 सेकण्ड खड़े होने में कौन सी फांसी लग रही है? वहीं कुछ लोग पुरज़ोर लहजे में ये कहते धरे गए कि मर्ज़ी से खड़े हो जाएंगे, लेकिन झापड़ मार कर खड़ा न कीजिये.

जहांपनाह, ये सब भी क़बूल लेते हम अगरचे आप खुद नज़ीर बनने के लिए तैयार होते. लेकिन आप तो कल्टी मार लिए. जब आपके आंगन में राष्ट्रगान बजने की बारी आई तो आपने सीडी ही निकाल दी प्लेयर में से! उस अर्ज़ी को ही सुनने से इनकार कर दिया, जिसमें कोरट की कार्यवाई से पहले तराना-ए-वतन चलाने की इल्तिजा थी. अटल बिहारी वाजपेयी जी स्वस्थ होते तो अपने मख़सूस अंदाज़ में कहते, ‘ये अच्छी बात नहीं है’. मने आप चाहते हैं कि बॉलीवुड की कचरा फ़िल्में देखने पहुंची जनता तो राष्ट्रगान के सम्मान की पाबंद हो लेकिन न्यायपालिका के सदस्य ऐसी किसी ज़िम्मेदारी से आज़ाद रहें. ये तो नाइंसाफी हुई ना आलिजां! अब आप ही बताइये कि जब इंसाफ के मंदिर से ही नाइंसाफी का प्रसाद बंटने लगे तो आयरनी कहाने वाली विडम्बना कहां जा के मुंह छिपाए!

आपने कहा कि राष्ट्रगान पर पीठ के फैसले को ज़्यादा न खींचा जाए. ये नहीं बताया कि कित्ता खींचा जाए! और खींचने से मना क्यों किया, ये भी स्पष्ट नहीं किया. क्या इसमें घटिया क्वॉलिटी की रबर का इस्तेमाल हुआ है? और जिस देश में एक दूसरे की धोती खींचना जनता का फ़ेवरेट पास-टाइम हो वहां आपका फैसला खींचातानी से बच जाएगा ऐसा मुगालता कैसे पाल लिया आपने? खड़े हो जाइए न सरकार प्लीज़! या फिर हमें भी बिठा दीजिये. खड़े-खड़े थक गए हैं.

आपको पता है, आपकी इस हरकत से वो कहानी फिर से ट्रेंड करने लगी है जिसमें गुड़ खाने वाले बच्चे की आदत छुड़ाने से पहले महात्मा जी खुद गुड़ खाना छोड़ देते हैं. इन शॉर्ट, ज्ञान देने से पहले उस पर खुद अमल करते हैं. आप जैसी सुप्रीम हस्ती से इतनी सी उम्मीद क्या बहुत ज्यादा थी? हुज़ूरेआला, लोग कहते हैं कि आप सर्वोच्च हैं. आप पर सवाल नहीं उठाने चाहिए. एक फैसला ऐसा भी सुनाइए न सर, जिसमें ये लिखा हो कि आप भी हमारा ही प्रतिनिधित्व करते हैं. आप भी हमारे ही जितने समझदार, नासमझ या अड़ियल हो सकते हैं. ये भी कहियेगा कि सवाल करना अच्छे लोकतंत्र की पहली शर्त है. भले ही वो किसी से किया जा रहा हो. कीजियेगा ज़रूर इतना.

आपके जलाल से थर्राए हुए,
केला जनतंत्र के आम आदमी.
(PS: इस संबोधन – Mango People in Banana Republic – के इस्तेमाल के लिए क्या देश के सबसे बड़े किसान रॉबर्ट वाड्रा हम पर केस कर सकते हैं? बनता है ऐसा कोई केस? वी आर स्केयर्ड यू नो.)

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

रामचंद्र गुहा की किताब 'क्रिकेट का कॉमनवेल्थ' के कुछ अंश.

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

शुद्ध और असली स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर करियर ग्राफ़ बाद में गिरता ही चला गया.

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

जगह थी मुंबई एयरपोर्ट. अब दस साल बाद फिर से दोनों का नाम एक साथ सुर्ख़ियों में है.

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.