Submit your post

Follow Us

जब सिद्धू की अकड़ी गर्दन ने सचिन तेंडुलकर की ज़िंदगी बदल दी

न्यूज़ीलैंड. दूसरा वन-डे मैच. साल 1994. तारीख आज ही की. 27 मार्च. इंडिया ने न्यूज़ीलैंड को 142 रन पर ऑल आउट कर दिया. क्रिस हैरिस के 50 रन और बाकी टीम आया-राम गया राम के स्वर को प्रबल कर रही थी.

इनिंग्स ब्रेक हुआ तो ओपेनिंग स्लॉट के लिए बातें होने लगीं. टीम इंडिया के कोच थे अजित वाडेकर. सुनील गावस्कर वाडेकर की कप्तानी में रणजी और इंडिया के लिए खेले थे. सचिन, गावस्कर को गुरु कहते थे. मैच में इनिंग्स ब्रेक के दौरान वाडेकर के आस-पास एक लड़का घूम रहा था. सचिन तेंडुलकर. मैच के ठीक पहले सिद्धू अनफिट हो गए थे. जडेजा के साथ सचिन ओपेनिंग करना चाहते थे. सचिन ऐसा लम्बे अरसे से चाह रहे थे. आज उन्हें मौका दिख रहा था. एक सुराख था जिसे खोल वो खिड़की कर देना चाहते थे. सिद्धू की गैर मौजूदगी उनके लिए एक मौका था. वो इसे जाने नहीं देना चाहते थे. वो कभी वाडेकर से बात कर रहे थे तो कभी कप्तान अज़हर से. उस दिन अपनी जिरह से सचिन चाहते तो विश्व शान्ति स्थापित कर सकते थे. लेकिन उस वक़्त ओपेनिंग बैटिंग उसके लिए ज़्यादा मायने रख रही थी.

वाडेकर ने हारकर हां कह दी. अज़हर की भी मंजूरी मिल गई. सचिन चमक के पैड पहन कर खड़े थे.

ये वो वक्त था जब टीम इंडिया की जर्सी में नीले के साथ पीला हुआ करता था. ऑकलैंड के अपेक्षाकृत छोटे मैदान में छोटा कद का ये खिलाड़ी उतर रहा था. वाडेकर श्योर नहीं थे. बस चुप थे. अगली 140 गेंदों में 143 रन बन चुके थे. इंडिया मैच जीत चुका था. वाडेकर समझ नहीं पा रहे थे कि क्या कहें. न्यूज़ीलैंड की टीम समझ नहीं पा रही थी कि उनके साथ क्या हुआ. हर कोई बस एक ही खिलाड़ी के बारे में बात कर रहा था. सचिन तेंडुलकर. 

49 गेंद, 15 चौके, 2 छक्के और 82 रन. 167 का स्ट्राइक रेट. उनके आउट होने तक मात्र 26 रन बचे हुए थे. सचिन ने पहली गेंद से पैर चलाने शुरू कर दिए थे. और तीसरी गेंद आते-आते उनका बल्ला चलने लगा. पहले बॉलिंग चेंज पर आये गेविन लार्सन के पहले ही ओवर में 3 चौके और 1 छक्का मारा. असल में सारा मसला वहीं तय हो गया था. और इस इनिंग्स के खतम होते-होते सचिन के क्रिकेट करियर का मसला भी तय हो गया था.


पिछले 69 मैचों में सचिन मिडल ऑर्डर में बैटिंग करने उतर रहे थे यहां उन्होंने कुल 13 फ़िफ्टी मारी थीं. लेकिन ओपनर के तौर पर अपनी पहली इनिंग्स में जिस तरह से गेंद को मार रहे थे वो इससे पहले नहीं देखा गया था. ऑकलैंड में पहले पांच ओवर में ही बैट्समैन पिच पर चलकर आगे बढ़कर नई सफ़ेद गेंद को बल्ले के सबसे स्वीट स्पॉट पर जोड़ते दिख रहे थे. तेंडुलकर ने इस इनिंग्स से सभी को आगाह कर दिया था कि अब इंटरनेशनल सेटिंग में एक बल्लेबाज ऐसा भी आ गया है जो क्लाइव लॉयड की याद दिला सकता है. डैनी मॉरिसन, क्रिस पिंगल और गेविन लार्सन से लदे अटैक को जिस तरह से सचिन ने तहस-नहस किया उसने न्यूज़ीलैंड की रीढ़ तोड़ दी थी.


कोका-कोला कप फाइनल में सचिन तेंदुलकर
कोका-कोला कप फाइनल में सचिन तेंडुलकर

टीम इंडिया के पास एक एक्सीडेंट के बाद ही सही, एक ओपनर था जो असीम संभावनाओं से भरा हुआ दिख रहा था.  इस इनिंग्स ने तेंडुलकर को फ़ायरब्रांड के रूप में स्थापित कर दिया. यहां से जो यात्रा शुरू हुई वो वर्ल्ड कप 2011 की ट्रॉफी उठाने तक पहुंची. 27 मार्च 1994 को मिलाकर सचिन ने बतौर ओपनर 344 मैच खेले. इन मैचों में 15,310 रन बनाये. 48.29 रन प्रति मैच. और अपने वन-डे करियर की 49 सेंचुरी में से 45 ओपेनिंग करते हुए ही बनाईं. जबकि अपने बाकी के 119 मैच में 33 के ऐवरेज से 3116 रन बनाये.

सचिन ने एक ओपेनर के तौर पर ऐसी कथाएं लिखी हैं जो आगे के ज़माने में दंतकथाएं कहलायेंगी. सालों साल सामने वाली टीम के दो सबसे खतरनाक बॉलर्स को फ़ेस करने में सचिन ने महारत हासिल की और इसी पोज़ीशन से हमें ऐसी इनिंग्स दीं हैं जो बेहद वजनी हैं. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 2003 वर्ल्ड कप की इनिंग्स, ग्वालियर में बनाया पहला दोहरा शतक, हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 175 रन, 2010 में सीबी सीरीज़ के दो फाइनल, शारजाह की सैंडस्टॉर्म इनिंग्स आदि आदि.

सचिन की ओपेनिंग बैटिंग और थोक में बने इतने रनों के लिए जितना क्रेडिट सचिन के खुद में विश्वास को और वाडेकर के सामने गिड़गिड़ाने को दिया जाना चाहिए उतना ही श्रेय सिद्धू की गर्दन में आये खिंचाव को भी मिलना चाहिए. इसने दुनिया को बल्लेबाजी के नए डाईमेंशन से मिलवाया.


ये भी पढ़ें:

धोनी और गुरमीत राम रहीम को पद्म अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया फिर रिजेक्ट कर दिया

क्रिकेट के मैदान से आई ये दिन की सबसे प्यारी तस्वीर है

आज क्रिकेट के बाहुबली ऑस्ट्रेलिया ने पूरे भारत का सबसे बड़ा सपना तोड़ा था

माइकल क्लार्क ने मीडिया को तसला भर टट्टी बताया

धोनी के ये वीडियो वायरल किये जायें जिसे दुनिया का हर क्रिकेटर देखे

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.