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सकलैन मुश्ताक की वो वर्ल्डकप हैट-ट्रिक, जिसके लिए दुनिया को 12 साल इंतजार करना पड़ा था

Saqlain Mushtaq ने 1999 वर्ल्डकप में ली थी अपनी दूसरी और वर्ल्डकप की भी दूसरी हैट्रिक.

वर्ल्डकप. यहां जो भी रिकॉर्ड बनते हैं, वो यादगार हो जाते हैं. मगर इनमें भी कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जो भुलाए नहीं भूलते. हम बात कर रहे हैं हैट-ट्रिक की. लगातार तीन बॉलों पर तीन विकेट. वर्ल्डकप में अब तक 9 बार ही ऐसा हुआ है कि किसी बॉलर ने ये कारनामा किया हो. पर फिलहाल हम बात करेंगे इस 9 अंकों के आंकड़े में ली गई दूसरी हैट-ट्रिक की.

उस हैट-ट्रिक की जिसके लिए लोगों को 12 साल और तीन वर्ल्डकप का इंतजार करना पड़ा था. क्योंकि पहली हैट-ट्रिक आई थी 1987 वर्ल्डकप में. ली थी अपने घर के बंदे ने. चेतन शर्मा ने. और दूसरी हैट-ट्रिक का ताज पहना था सकलैन मुश्ताक ने. तारीख थी 11 जून 1999. वही वर्ल्डकप चल रहा था जिसमें भारत सुपर सिक्स में तो पहुंचा था, मगर सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका था. पर पाकिस्तान टीम उस वक्त अपने चरम फॉर्म में थी. फाइनल तक पहुंची थी. हालांकि वहां उसे बहुत बुरी तरह ऑस्ट्रेलिया ने हराया था.

वर्ल्डकप की पहली हैट-ट्रिक चेतन शर्मा ने 1987 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ली थी.

खैर हम मुश्ताक पर लौटते हैं. 11 जून को पाकिस्तान का सुपर सिक्स का मैच था जिम्बाब्वे से. उस वक्त जिम्बाब्वे अब की जिम्बाब्वे की तरह नहीं थी कि वर्ल्डकप क्वॉलिफायर का इम्तेहान भी पास न कर पाए. ये ग्रांट फ्लावर, एंडी फ्लावर, हीथ स्ट्रीक, हेनरी ओलंगा वाली जिम्बाब्वे थी. मैच में पहले बैटिंग की पाकिस्तान ने और क्या शानदार की. ओपनर सईद अनवर उस दिन गदर खेले. सेंचुरी जड़ दी. हालांकि उनके अलावा कोई फिफ्टी भी नहीं मार सका. खैर वजहतुल्ला के 40 और आखिर में अफरीदी के 37 रनों की बदौलत पाक ने 50 ओवरों में 271 रन बना दिए.

पाक का स्कोर कार्ड.

अब बारी थी जिम्बाब्वे की. 272 रन का टार्गेट था. मगर पाकिस्तान की पेस बैटरी के आगे इस टीम का पूरा बैटिंग लाइनअप धरा रह गया. चक्कर खाकर गिर पड़ा. ओपनर जॉनसन को छोड़ दें तो उनके अलावा कोई पचासा नहीं मार सका था. 8 बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा पार करने को तरस गए थे.

अब्दुल रज्जाक ने इस मैच में शुरुआती 3 बल्लेबाजों को निपटाया था. दो विकेट निकाले थे रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अख्तर ने. जिम्बाब्वे का स्कोर 33 ओवर में 123 रन पर 7 विकेट हो गया था. फिर गेंद आई सकलैन के हाथ में. सकलैन तब तक 6 ओवर डाल चुके थे. एक विकेट हाथ नहीं आया था. मगर इस आदमी ने इस 34वें ओवर में सारी कसर पूरी कर दी.

# पहली बॉल. सामने थे हेनरी ओलंगा. सकलैन ने गेंद डाली और ओलंगा आगे बढ़ गए. गेंद स्पिन और मिस होकर सीधा गई कीपर मोईन खान के हाथ में और ओलंगा स्टंप हो गए.

# दूसरी बॉल. सामने थे एडम हकल. उन्होंने भी वही गलती की जो ओलंगा ने की थी. आगे बढ़ गए. गेंद फिर स्पिन हुई और वो चूके. मगर मोईन नहीं चूके. एक और स्टंपिंग.

# तीसरी बॉल. कप्तान वसीम अकरम ने 5 फील्डरों को स्टंप के आस पास लगा दिया. हैट-ट्रिक बॉल जो थी. पर सकलैन ने कैच का कोई झंझट नहीं पाला. गेंद डाली सीधा पैड पर. बैटिंग पर खड़े पॉमी गेंद सूंघ नहीं पाए. अपील हुई और आउट. हैट-ट्रिक हो गई.

जिम्बाब्वे का स्कोर कार्ड.

इसी के साथ जिम्बाब्वे की इनिंग भी खत्म हो गई. 123 पर 7 विकेट थे. 123 पर ही टीम ऑलआउट हो गई. हीथ स्ट्रीक एक तरफ 16 रन बनाकर खड़े रह गए. पाकिस्तान ने मैच 148 रनों से जीत लिया. सकलैन के लिए वनडे में ये दूसरा मौका था जब उन्होंने हैट-ट्रिक ली थी. मगर वर्ल्डकप की हैट-ट्रिक की बात ही दूसरी है.

वरना वनडे में तो उनसे पहले ही वसीम अकरम भी दो बार वनडे में हैट-ट्रिक ले चुके थे. हालांकि अब एक आदमी वर्ल्डकप में हैट-ट्रिक लेने में सकलैन या सबसे आगे निकल चुका है. ये खिलाड़ी है लसिथ मलिंगा. मलिंगा ने 2007 और 2011 यानि दो बार हैट-ट्रिक ली है. 2007 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तो 2011 में केन्या के खिलाफ.

देखें वो हैट-ट्रिक –

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