Submit your post

Follow Us

क़िस्सागोई 3: अब देहाती-गंवार कहकर किसी का मज़ाक ना उड़ाना

ये किस्सा किस्सागोई के आदिपुरुष गुणाढ्य का है, जिन्होने कहानियों का सबसे पहला ग्रंथ ‘बृहदकथा’ लिखा, जिससे बाद में कथासरित्सागर जैसा कहानियों का महासागर निकला. कथाओं का अप्रतिम ग्रंथ. किस्सा यूं है कि कई हज़ार साल पहले किसी राज्य में संस्कृत की बड़ी धूम थी. वहां ज़हीन और पढ़ा-लिखा सिर्फ उसी को समझा जाता था जो संस्कृत साहित्य का रसिक और जानकार था. संस्कृत न बोलने-जानने वाले देहाती और तुच्छ समझे जाते थे.

Whatsapp Image 2020 05 06 At 2.06.23 Pm

एक दिन उसी राज्य के राज-दरबार में साहित्य-सभा लगी थी. इतने में अति साधारण वेष-भूषा में एक आम आदमी हाज़िर हुआ. उसके पास उसकी पोथियां थीं. राज-दरबार के सभी महान कवि उसकी वेश-भूषा देखकर हंस पड़े, इस गंवार का रसिकों की सभा में क्या काम ?

बृहद कथा से आगे सरित्सागर निकला जिसमें कहानियों का ख़ज़ाना है
बृहद कथा से आगे सरित्सागर निकला जिसमें कहानियों का ख़ज़ाना है

राजा ने उसे देखकर व्यंग्य भरे लहजे में पूछा- कहिए साहित्यकार महोदय, क्या सुनाएंगे ? इस पर उस आदमी ने जवाब दिया- मैने अपनी मातृभाषा जो इस राज्य की लोकभाषा है, उसमें कुछ क़िस्से लिखे हैं, आपको सुनाना चाहता हूं. इस पर राजा ने ज़ोरदार ठहाका लगाया और फिर हंसते हंसते बोला- हे कथाकार महोदय, ये राजदरबार की साहित्य सभा है, यहां देववाणी-वेदवाणी संस्कृत का पावन मंदिर है. इसमें तुच्छ-अपरिष्कृत भाषाओं का प्रवेश करवा कर इसे दूषित मत करो. अपना पोथी-पतरा लेकर कहीं चौक-चौराहे पर जाओ. पूरे दरबार ने इस पर एक साथ अट्टहास किया और वो क़िस्सागो ज़हर का घूंट पीकर वहां से चला आया.

क़िस्सों के लिए प्राचीन भारत के आध्यात्म में इतनी जगह है कि कहीं कहीं कहानियां ही आध्यात्म हो जाती है
क़िस्सों के लिए प्राचीन भारत के आध्यात्म में इतनी जगह है कि कहीं कहीं कहानियां ही आध्यात्म हो जाती है

कई दिन गुज़र गए. इस बीच पता नहीं क्यों राजा के भोजन का स्वाद कम होने लगा. राजा मांसाहार का शौक़ीन था परंतु पिछले कुछ दिनों से उसे जो भोजन पेश किया जाता था उसमें पहले जैसी लज़्ज़त नहीं थी. आखिरकार एक दिन राजा ने गुस्सा होकर अपने बावर्ची को बुलवाया और वजह पूछी. बावर्ची ने दस्तबस्ता अर्ज़ किया- महाराज इसमें मेरा कोई दोष नहीं, इसके ज़िम्मेदार शाही शिकारी हैं जो पिछले कुछ दिन से पता नहीं कैसे दुर्बल और बीमार लगने वाले पशु-पक्षियों को मार कर लाते हैं, पहले जैसे स्वस्थ चरिंद-परिंद अब मिलते ही नहीं तो पहले जैसी लज़्ज़त कैसे मिले ? अब शिकारियों को बुलवाया गया. शिकारियों ने राजा को जानवरों की कमज़ोरी का एक अजीबो-ग़रीब कारण बताया. कहा कि समूचे जंगल से पशु पक्षी नदारद हैं. वे सभी एक साथ एक टीले पर जा बैठे हैं.

उपनिषदों में एक कहानी अष्टावक्र की भी आती है जिन्हें भरी सभा से निकाल दिया गया था
उपनिषदों में एक कहानी अष्टावक्र की भी आती है जिन्हें भरी सभा से निकाल दिया गया था

वहां बीचो-बीच एक अग्निकुंड धधक रहा है. उसके सामने एक आदमी बैठा है जो बड़ी रसीली भाषा में बड़ी सुंदर कथाएं बड़े दिलरुबा अंदाज़ में सुना रहा है. सब पशु-पक्षी उसकी कथा सुनने के लिए जंगल से निकलकर उस टीले पर बैठे हैं. वो उसकी कथाओं में इस कदर खो गए हैं कि उन्हे अपने खाने पीने तक का होश नहीं. यही वजह है कि वे सब कमज़ोर हैं. वो विलक्षण कथावाचक अपनी अनमोल कथाओं की पोथी का हर पन्ना सुनाने के बाद अग्निकुंड को अर्पित करता जा रहा है. यह सुनकर राजा भागा-भागा जंगल वाले टीले पर पहुंचा और उसने इस अविश्वसनीय घटना को अपनी आखों से देखा. ये तो वही कथावाचक था जिसे उसने तिरस्कृत करके दरबार से निकाल दिया था. महान कथाकार गुणाढ्य. राजा की आंखों से आंसुओं की धार बह चली.

कहानियों की महत्ता पर उपनिषद गंगा धारावाहिक में बात करते दो सज्जन
कहानियों की महत्ता पर उपनिषद गंगा धारावाहिक में बात करते दो सज्जन

वो खुद उस कथावाचक की कहानी में डूब गया. पर जब कथावाचक ने कहानी का पन्ना खत्म करके अग्नि को समर्पित करने के लिए उठाया, तो राजा ने उसका हाथ पकड़ लिया और रोते हुए उससे माफी मांगी. उससे हाथ जोड़कर निवेदन किया कि वह अपनी अमूल्य रचनाओं को यूं आग में न जलाए. कथावाचक ने राजा को माफ किया, और अपनी पोथियां उसे सौंपकर गांव लौट गया.

हिमांशु बाजपेयी
हिमांशु बाजपेयी

हिमांशु बाजपेयी. क़िस्सागोई का अगर कहीं जिस्म हो, तो हिमांशु उसकी शक्ल होंगे. बेसबब भटकन की सुतवां नाक, कहन का चौड़ा माथा, चौक यूनिवर्सिटी के पके-पक्के कान और कहानियों से इश्क़ की दो डोरदार आंखें.‘क़िस्सा क़िस्सा लखनउवा’ नाम की मशहूर क़िताब के लेखक हैं. और अब The Lallantop के लिए एक ख़ास सीरीज़ लेकर आ रहे हैं. नाम है ‘क़िस्सागोई With Himanshu Bajpai’. इसमें दुनिया जहान के वो क़िस्से होंगे जो सबके हिस्से नहीं आए. हिमांशु की इस ख़ास सीरीज़ की ये थी तीसरी खेप.


दास्तानगो के शागिर्द का क़िस्सा भी सुनते जाइए –

क़िस्सागोई: जब लखनऊ के एक नवाब दास्तानगो के शागिर्द से बहुत खुश हुए थे

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

आज 33 साल के हो गए हैं रोहित शर्मा.

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

मधुबाला को खटका लगा हुआ था इस हीरोइन को दिलीप कुमार के साथ देखकर

एक्ट्रेस निम्मी के गुज़र जाने पर उनको याद करते हुए उनकी ज़िंदगी के कुछ किस्से

90000 डॉलर का कर्ज़ा उतारकर प्राइवेट जेट खरीद लिया था इस 'गैंबलर' ने

उस अमेरिकी सिंगर की अजीब दास्तां, जो बात करने के बजाए गाने में ज़्यादा कंफर्टेबल महसूस करता था

YES Bank शुरू करने वाले राणा कपूर कौन हैं, जिन्होंने नोटबंदी को 'मास्टरस्ट्रोक' बताया था

यस बैंक डूब रहा है.

सात साल पहले केजरीवाल ने वो बात कही थी जो आज वो ख़ुद नहीं सुनना चाहते

बरसों पुरानी इस बात की वजह से सोशल मीडिया पर घेर लिए गए हैं.

क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

अब ढेरों खेल-तमाशा हो रहा है.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.